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Unity news

April 4, 2024

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Difference Between Desi Cow and Jersey Cow : कौन सी गाय है सबसे अच्छी ? देशी गाय या जर्सी गाय, जानिए पूरी जानकारी.


Animal care update : किसान और चरवाहे अपनी आय बढ़ाने के लिए कई प्रकार के दुधारू पशु पालते हैं। आजकल पशुपालन एक अच्छा व्यवसाय है। लेकिन गायों के बारे में सही जानकारी न होने के कारण कई बार देखा गया है कि चरवाहों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

 देशी गाय आमतौर पर स्थानीय नस्ल की होती है, जबकि जर्सी गाय एक विशेष नस्ल होती है जो उत्तर अमेरिका के जर्सी द्वीप से प्राप्त हुई है। दोनों में विभिन्न आयु, वजन, और दूध के उत्पादन की क्षमता में अंतर होता है। जर्सी गाय अक्सर अधिक दूध उत्पादित करती है और उसका दूध अधिक मात्रा में चरणों के अंदर उपयोग किया जाता है। देसी गाय के लम्बे सींग और बड़े कूबड़ होते है जबकि जर्सी गाय में ये सब नहीं होता है। देसी गायों का कद जर्सी गायों की अपेक्षा छोटा होता है। देसी गाय की तुलना में जर्सी गाय अधिक दूध देती है। देसी गायों को आमतौर पे बच्चा पैदा करने में 30-36 महीने लगते हैं जबकि जर्सी गायों को 18-24 माह ही लगते हैं।

      देशी गाय और जर्सी गाय  बीच के  फरक 

1: देशी गाय, जिसे भारतीय नस्लीय गाय भी कहा जाता है, भारतीय सबसे प्राचीन गाय नस्लों में से एक है। इन्हें भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पाया जाता है। देशी गाय का विकास प्राकृतिक परिस्थितियों, पोषण, और क्षेत्रीय चर्चा के आधार पर होता है। ये गाय छोटे आकार और लंबे शिरों वाले होते हैं। उनकी शिंगें लंबी होती हैं और वे मोटे कुबड़े वाले होते हैं। देशी गाय का दूध साधारणत: 3 से 4 लीटर तक प्रतिदिन होता है। इन्हें आधुनिक नस्लों की तुलना में कम उत्पादक माना जाता है, लेकिन वे स्थानीय वातावरण में अधिक सक्रिय होती हैं और कम उपचार की आवश्यकता होती है।

2 : जर्सी गाय, उत्तर अमेरिका के जर्सी द्वीप से प्राप्त होने वाली एक विशेष नस्ल है। इनका वजन और आकार देशी गायों के मुकाबले थोड़ा अधिक होता है। जर्सी गाय की शिरा में थोड़ा संकुचित होता है और उनके शरीर का रंग गहरी भूरी या बैंगनी होता है। 

जर्सी गाय का दूध उत्तम गुणवत्ता का होता है और इनकी उत्पादनता भी अधिक होती है। आमतौर पर जर्सी गाय प्रति दिन 12 से 14 लीटर दूध देती है। इसके अलावा, इनका शरीर भी कम उपाय की आवश्यकता होती है और इनका विकास ठंडे तापमान के अनुसार होता है। जर्सी गाय का विकास ठंडे तापमान पर अधिक अवलंबित होता है।

थँक  यौ 


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Unity news

April 3, 2024

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Shami plant : घर मै शमी का पौधा क्यो लगाना चाहिए? जानीए शमी के पौधे फायदे.


Shami plant:  हॅलो  दोस्तो शमी के पौधे को घर में लगाने से विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं का पालन किया जाता है। इसके अलावा, लोग मानते हैं कि शमी का पौधा घर में शांति, सुरक्षा और समृद्धि की विशेष शक्ति लाता है। इसके साथ ही, यह पौधा आसपास के पर्यावरण को भी सुदृढ़ करता है और वातावरण को सुचरित रखने में मदद करता है। कई लोग इसे भूमि की सुरक्षा और रक्षा के लिए भी लगाते हैं।

शमी का पौधा एक प्रकार का छोटा पौधा होता है जो आम तौर पर गर्मी के इलाकों में पाया जाता है। इसके पत्ते छोटे और घने होते हैं और इसके फूल लाल या पीले रंग के होते हैं। इसके फल छोटे-छोटे होते हैं और वे मीठे होते हैं। शमी के पौधे के लकड़ी बहुत मजबूत होती है और इसका उपयोग लकड़ी के कई उपयोगिताओं के लिए किया जाता है।

           शमी का धार्मिक महत्व

मान्यता है कि इसे अपने घर में लगाने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है साथ ही यदि किसी पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है तो शमी के पोधे की नियमित पूजा करनी चाहिए। ऐसे लोगों को शमी के पौधा का पत्ता गणेश जी को चढ़ाने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है. शनि देव के आने से शांति, स्थिरता और समृद्धि की कामना की जाती है। कुछ लोग अपने घर में शमी के पौधे को लगाते हैं क्योंकि यह एक प्रसिद्ध परंपरा है जो शनि देव की पूजा में मान्यता दी जाती है। इसके अलावा, शमी का पौधा घर को शुभ और सुरक्षित बनाने में मदद कर सकता है, क्योंकि इसे लोग धार्मिकता और संरक्षण का प्रतीक मानते हैं।

 

  शमी के पोधे को घर में लगाने के कुछ फायदे

1. धार्मिक आधार:शमी का पौधा धार्मिकता का प्रतीक माना जाता है।

2. शांति और सुरक्षा:  इसे घर में लगाने से शांति और सुरक्षा का अनुभव होता है।

3. पर्यावरण का संरक्षण: यह पौधा पर्यावरण को सुचारू रूप से संरक्षित रखता है।

4. वास्तु शास्त्र:  इसे वास्तु शास्त्र के अनुसार लगाने से घर की ऊर्जा संतुलित रहती है।

5. प्राकृतिक सौंदर्य: शमी का पौधा आपके घर को प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करता है।

6. आच्छादन के लिए:  विशेष अवसरों पर घर को सजाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।

7. वृक्षारोपण:  पर्यावरण संरक्षण के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

8. पूरे साल बरसात:यह पौधा पूरे साल हरी रहता है, जिससे घर में एक प्राकृतिक महसूस होता है।

9. स्वास्थ्य के लिए: पौधे के उपरांत घर में वातावरण की शुद्धता बढ़ती है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

10. साथी पौधा:इस पौधे को दूसरे पौधों के साथ लगाने से एक साथी वातावरण बनता है।

 

इन सभी फायदों को समझ कर और उन्हें अपने घर के आवासीय दृश्य के अनुसार अनुकूलित करके आप अपने घर में शमी का पौधा लगा सकते हैं।

Thank you.....

 


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Unity news

April 2, 2024

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Gardening tips : 'तलाव' मै ही नाही! आपके घर मै ही उगा सकते हों कलम के पोधे.?


 

गार्डनिंग टिप्स: हॅलो दोस्तो घर मै कमल के पौधे को बेस्ट तरीके से लगाने के लिए, यह ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है कि आप उन्हें किसी भी समय नहीं लगा सकते। कमल के पौधे को सबसे अच्छे तरीके से लगाने का समय उनकी प्राकृतिक विकास अवस्था के अनुसार होता है। वे आमतौर पर गर्मी के महीनों में अधिक उगते हैं। उन्हें गर्मी के अंत में या गर्मियों की शुरुआत में लगाना अच्छा होता है। जब भूमि का तापमान 15-20 डिग्री सेल्सियस के बीच हो, तब आप कमल के पौधे को लगा सकते हैं। ध्यान दें कि बीज से पौधे तक का समय भी आधारभूत होता है। आपको बीज उपलब्ध होने के बाद और पौधे को लगाने के समय के बीच का सही संबंध बनाए रखना चाहिए।

एक कमाल का पौधा उगाने के लिए, सबसे पहले आपको एक अच्छे वातावरण के साथ अच्छी गुणवत्ता के बीज ढूंढने की आवश्यकता होगी। यह सुन्दर पौधा धूप और आच्छादित स्थान को पसंद करता है। इसके बाद, बीज को गर्म पानी में भिगोकर रात भर के लिए रखें। अगले दिन, उन्हें एक अच्छे खाद युक्त मिट्टी में बोना जाए, जिसमें खाद, मिट्टी, और रेत मिलाई गई हो। फिर ध्यान दें कि पौधा को नियमित रूप से पानी दिया जाए और उसे धूप और अच्छी हवा मिले। अन्य फलों की तरह, कमाल का पौधा भी धैर्य, संवेदनशीलता और संरक्षण की आवश्यकता होती है।

कमल का पौधा उगाने के लिए, निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

1. बीज का चयन: पहले, एक अच्छे गुणवत्ता के कमल के बीज ढूंढें।

2. पोट में बोना: बीज को आपकी चयनित मिट्टी में बोने। मिट्टी में खाद मिलाना न भूलें।

3. पानी और धूप: पौधे को नियमित रूप से पानी दें, और उसे सूर्य की रोशनी मिलनी चाहिए।

4. देखभाल: पौधे की नियमित देखभाल करें, जैसे कि कीट प्रतिरोधक छिद्रों की जाँच और उन्हें हटाना।

5. फूलों की देखभाल: फूलों की देखभाल करें, जैसे कि पुष्पों को समय समय पर काटना और स्वच्छ रखना।

 

:कमल को घर में लगाने के लिए कुछ उचित जगहों की सूची: 

1. मिट्टी का पोट: कमल को बड़े मिट्टी के पोट में लगाना उचित होता है। ध्यान दें कि पोट में अच्छा ड्रेनेज होना चाहिए ताकि पानी नहीं जमा रहे।

2. गमला: छोटे कमल को गमले में लगाना भी उचित होता है, खासकर जब आपके पास कम जगह हो। ध्यान दें कि गमले में भी अच्छा ड्रेनेज होना चाहिए।

3. कमल के जलशाय में: कुछ लोग कमल को जलशाय में लगाते हैं। यह एक आकर्षक विकल्प हो सकता है, खासकर जब आपके पास छोटी जगह हो। इसके लिए विशेष तरह के जलशाय में पानी की स्तर को संभालना महत्वपूर्ण है।

 

याद रखें, पौधे की सही देखभाल और ध्यान से, आपके घर में एक सुंदर कमल का पौधा उगाना आसान हो सकता है।

Thank you.......

 


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Unity news

March 23, 2024

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Holi Festival of careing: होळी के दिन कुछ सावधानीया पालन करना महत्वपूर्ण है?


 

holi festival of careing : हॅलो दोस्तो होली भारतीय समाज में एक महत्वपूर्ण और रंगबिरंगा त्योहार है। यह फाल्गुन मास के पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली का महत्व भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद की रक्षा, प्रेम और एकता का संदेश, फसलों की बुराई का दहन और वसंत ऋतु का आगमन माना जाता है। इस त्योहार में लोग रंगों से खेलते हैं, गुलाल और अबीर बिखेरते हैं, और मिठाई बांटते हैं। यह एक समाजिक और सांस्कृतिक उत्सव है जो लोगों को एक साथ आने और खुशियों का अनुभव करने का मौका देता है।

होली का पहला दिन, जो विश्वसनीयता से होलिका दहन कहलाता है, विभिन्न पारंपरिक कथाओं और धार्मिक महत्व के साथ मनाया जाता है। इस दिन के अंतर्गत, लोग होलिका दहन की पूजा करते हैं और होली की आग को जलाते हैं। यह पर्व प्राचीन हिंदू धर्म के अनुसार हिरण्यकश्यप और प्रह्लाद की कथा को याद करता है, जिसमें प्रह्लाद नामक युवक अपनी भक्ति के लिए उसके भगवान भक्त होलिका के चढ़े हुए प्यारे प्रह्लाद की रक्षा की गई थी। इसलिए, होलिका दहन का महत्वपूर्ण संदेश है कि भले ही अधर्मीता की आग होलिका के विनाश के साथ जलती है, लेकिन सत्य, धर्म और प्रेम का प्रह्लाद जीतता है।

होली का त्योहार भारत में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।  जो इस होली को आप सुरक्षित और रोमांचक बना सकते हैं:

 

1. रंगों का उपयोग करें जो पर्यावरण के लिए सुरक्षित हों।

2. अपनी त्वचा को रंगों से बचाने के लिए तेल या सनस्क्रीन क्रीम का उपयोग करें।

3. खासतौर पर बच्चों के लिए विशेष रंगों का उपयोग करें जो स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों।

4. ध्यान दें कि आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले रंग गुणकारी हों।

5. भोजन को अच्छे से पकाकर खाएं, ताकि पेट की समस्याएं न हों।

6. अल्कोहल और अन्य मद्यपान का सेवन न करें।

7. पानी की बाल्टी और पिचकारी का उपयोग करें।

8. दूरगामी पिचकारियों का उपयोग करें ताकि संपर्क कम हो।

9. खासतौर पर बच्चों को बड़े बच्चों द्वारा पर्याप्त संरक्षण दिया जाए।

10. ध्यान दें कि आपके आसपास कोई आग या चिमनी न हो।

11. सुरक्षित और अच्छे संगीत का आनंद लें।

12. परिवार और मित्रों के साथ मनोरंजन का आनंद लें।

13. पारंपरिक खाने का आनंद लें, जैसे गुजिया, थंडाई, आदि।

14. सामूहिक खेल खेलें, जैसे कबड्डी या गिल्ली-डंडा।

15. छोटे बच्चों को सुरक्षित और आनंदमयी होली का अनुभव कराएं।

16. अपने विचारों को शांत रखें और अवधारणाओं का सम्मान करें।

17. पर्यावरण की देखभाल के लिए पेड़-पौधों का बचाव करें।

18. अपने साथ एक विशेष व्यक्ति को लेकर खेलें और उनके साथ समय बिताएं।

19. ध्यान दें कि किसी को भी अनिच्छित रूप से रंग न डालें।

20. समाज के सदस्यों के साथ मिलकर समर्थन करें और सहयोग प्रदान करें।

       होळी के दिन क्या रखे सावधनिया

होली के दिन कुछ सावधानियों का पालन करना महत्वपूर्ण है ताकि आप और आपके परिवार के लिए सुरक्षित रहें। यहां कुछ सुरक्षित रहने के लिए सावधानियां हैं:

 

1. रंगों का उपयोग करें जो पर्यावरण के लिए सुरक्षित हों।

2. बाजार से सत्यापित और गुणवत्ता वाले रंग ही खरीदें।

3. अपने आँखों, नाक और मुंह को रंगों से बचाने के लिए आँखों का चश्मा, नाकमुख और फेस मास्क पहनें।

4. ध्यान दें कि रंग केवल त्वचा पर ही लगाए जाएं, आंतरिक उपयोग से बचें।

5. बच्चों को निगरानी में रखें और उन्हें सुरक्षित जगहों पर ही खेलने दें।

6. अपने बालों को तेल या कंडीशनर से लिपटाएं ताकि रंग आसानी से धोने जा सके।

7. बालों को पानी से भरी गिलास के साथ बंध लें ताकि रंग न जमे।

8. पेट को अच्छे से खाली रखें, खासतौर पर साफ पानी पीने का ध्यान रखें।

9. बड़े ताजा पानी का उपयोग करें रंग हटाने के लिए।

10. अपने अनुभवों का आनंद लेने के लिए दोस्तों और परिवार के साथ खुशियों का जश्न मनाएं।

 

याद रहें, सावधानी से खेलने के साथ ही होली का मज़ा लें।

Happy holi... All


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Unity news

March 21, 2024

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Nail care : सावधान! आप भी नाखुन बढाणे के शौकीन! हों जाओ सावध! नाही तो हों सक्ती ऐ बिमाऱ्या..?


 

nail care: हॅलो दोस्तो आज काल इस दुनिया मै हर चीज की फैशन करते है. जेसे की.नाखूनों को बड़ा रखना भी कुछ लोगों के लिए फैशन हों सकता है। कुछ मानदंडित छवियों और कला के क्षेत्रों में, बड़े नाखून एक विशेष लुक या अद्भुत डिज़ाइन का हिस्सा बन सकते हैं। विभिन्न रंगों, डिज़ाइन और पैटर्न के साथ नाखूनों को बड़ा करने के कई तरीके हैं, जैसे कि नाखूनों पर चित्रकला, मैटलिक रंग, और विभिन्न शैलियों की फिलिंग। इसके अलावा, कुछ लोग अलग-अलग आकारों और लंबाई के नाखूनों को शैली का अंग बनाते हैं। नाखूनों को बड़ा रखना भी कई लोगों के लिए फैशन k एक हिस्सा हो सकता है।

इस नाखुन बढाणे  फैशन के चालते  कुछ समस्याएं हो सकती हैं जो बिमारी का कारण बन सकती हैं। यहाँ कुछ संभावित समस्याएं हैं:

 

1. इंग्रोइंग नाखून: अगर नाखून बहुत बड़ा होता है, तो वह अंदर की ओर मोड़ सकता है और इंग्रोइंग नाखून का कारण बन सकता है, जिसमें नाखून चमड़े के अंदर उतर जाता है। यह दर्द, सूजन और इंफेक्शन का कारण बन सकता है।

 

2. नाखून की फटना:बड़े नाखूनों के कारण, नाखून फट सकते हैं या उनमें दरारें पैदा हो सकती हैं, जो इंफेक्शन का कारण बन सकती हैं।

 

3. जख्मी होना: बड़े नाखून आपको जख्मी होने के संभावना को बढ़ा सकते हैं, खासकर अगर आप कठिन काम करते हैं।

 

4. अस्थमा के कारण: यदि नाखूनों को बड़ा रखा जाता है तो यह आपको अस्थमा का कारण बन सकता है।

 

नाखूनों को बड़े करने का एक कारण हो सकता है कि व्यक्ति को बाहरी दुनिया में या उसके आसपास की चीजों के साथ काम करने का बड़ा संचित्रण हो, लेकिन यह आम तौर पर नाखूनों को बड़ा नहीं किया जाता है क्योंकि बड़े नाखूनों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि इंग्रोइंग या फटना।

 

स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए, निम्नलिखित कार्यों को करना महत्वपूर्ण है:

1. नियमित रूप से नाखूनों को काटें: नियमित अंतराल से नाखूनों को सही तरीके से काटना अच्छा है।

2. हाथों को साफ रखें: हाथों को साफ रखना, विशेष रूप से नाखूनों को, संक्रमणों से बचाव कर सकता है।

3. हाथ की देखभाल:हाथों की त्वचा को मोइस्चराइज़ करना और सुरक्षा प्रदान करने के लिए उपयुक्त लोशन का उपयोग करें।

            नाखुन कैसे काटे. 

 1: नाखून काटने के लिए तैयार करें । अपने नाखूनों को मुलायम करने के बाद ही नेल ट्रिमिंग करनी चाहिए। अपने नाखूनों को काटने का सबसे अच्छा समय नहाने या स्नान करने के ठीक बाद का है। आप काटने से पहले अपने नाखूनों को नरम करने के लिए उन्हें कुछ मिनटों के लिए गर्म पानी में भी भिगो सकते हैं।

 

2: अपने उपकरण इकट्ठा करो. नाखून काटने के लिए नाखून कतरनी या नाखून कैंची का प्रयोग करें। उंगलियों और पैर के नाखूनों के लिए विभिन्न प्रकार के नेल क्लिपर उपलब्ध हैं। अपने नाखूनों के लिए नियमित नाखून कतरनी या नाखून कैंची का उपयोग करें और अपने पैर की उंगलियों के लिए पैर की अंगुली कतरनी का उपयोग करें। यदि आपको लगता है कि आपके पैर के नाखून इतने मोटे हैं कि नियमित पैर के अंगूठे के कतरनी से नहीं काटे जा सकते, तो आप टोनेल निपर नामक स्प्रिंग-हैंडल टूल का भी उपयोग कर सकते हैं।

 

3: सुनिश्चित करें कि आप क्लिपर्स या कैंची को अपने नाखूनों पर उपयोग करने से पहले कीटाणुरहित कर लें। औजारों को अच्छे से साफ करने के लिए सबसे पहले एक छोटे स्क्रब ब्रश को 70% से 90% आइसोप्रोपिल अल्कोहल वाले कटोरे में भिगोएँ । फिर क्लिपर्स या कैंची को साफ करने के लिए उसी ब्रश का उपयोग करें। उपयोग करने से पहले सभी चीजों को गर्म पानी से धोएं और सूखने दें। 

 

4: नाखूनों को सीधा काटें। अपने नाखूनों को "वी" आकार में काटने या किनारों को गोल करने से बचें। नाखूनों को सीधा काटें ताकि वे इतने लंबे हों कि किनारों पर नाखून के कोने बरकरार रहें। यह काटने की तकनीक पैर के अंदर की ओर बढ़ने वाले नाखूनों को रोकने में मदद कर सकती है । जब आपके पैर के नाखून अंदर की ओर बढ़ते हैं, तो आपके कोने पर नाखून का एक हिस्सा त्वचा में बढ़ जाता है, जिससे दर्द होता है और कभी-कभी संक्रमण भी होता है।

 

5: उबड़-खाबड़ किनारों को भी समतल करें। अपने नाखून काटने के बाद, आप कभी-कभी पा सकते हैं कि किनारे थोड़े खुरदुरे या असमान हैं। नाखूनों को फाइल करने के लिए नेल फाइल या एमरी बोर्ड का उपयोग करें ताकि वे एक समान हो जाएं। जब आप किसी नाखून को फ़ाइल करते हैं, तो आप ऊबड़-खाबड़ किनारों को पीसने के लिए नेल फ़ाइल को नाखून के किनारे पर रगड़ रहे होते हैं। अपने नाखूनों को नुकसान पहुंचाने या कमजोर होने से बचाने के लिए आगे-पीछे करने के बजाय केवल एक ही दिशा में फाइल करें।

 

6: क्यूटिकल्स को बचाएं. क्यूटिकल वह स्थान है जहां आपका नाखून त्वचा से मिलता है । यह एक नए नाखून की रक्षा करने में मदद करता है क्योंकि यह छल्ली के नीचे जड़ से बढ़ता है। यदि आप क्यूटिकल्स में कटौती करते हैं, तो बैक्टीरिया और रोगाणु आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे संक्रमण हो सकता है। यदि आपको क्यूटिकल्स के क्षतिग्रस्त होने के कारण संक्रमण हो जाता है, तो संक्रमण को ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। जब आप अपने नाखून काट रहे हों तो क्यूटिकल्स को अकेला छोड़ दें।

 

7: मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें . एक बार जब आप नाखून की ट्रिमिंग और फाइलिंग का काम पूरा कर लें, तो मॉइस्चराइजर लगाएं । मॉइस्चराइज़र का उपयोग आपके नाखूनों को लचीला बनाए रखने में मदद कर सकता है। यदि नाखून बहुत अधिक शुष्क हो जाएं तो वे आसानी से टूटने लगते हैं। सूखे नाखून भी अधिक आसानी से टूट सकते हैं। क्यूटिकल्स के साथ-साथ नाखूनों पर भी मॉइस्चराइज़र लगाना याद रखें।

 

सास्थ्य को अच्छा रखने के लिए, नाखूनों को  नियमित रूप से काटे और उनकी देखभाल करना और स्वच्छता का ध्यान रखना अधिक महत्वपूर्ण है।

Thank you...

 


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Unity news

March 20, 2024

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Indian Premier League: ipl के बारे मै कुछ महत्व पूर्ण जानकारी? आपको नाही पता कोणसा खिलाडी कोणसे टीम सें खेल राहा. तो जाणे..


 

Indian Premier League (ipl) : हॅलो दोस्तो ipl ke बारे aap सभी जाणते ही होगे. केकीन आपको पता है ipl कोणसे साल मै शुरु  हुवा था?  और ipl को क्यू शुरु  किया था? नाही जाणते तो आज जाण जाओगे..

भारतीय प्रीमियर लीग (IPL) का इतिहास 2008 में शुरू हुआ था। यह भारतीय क्रिकेट का एक प्रमुख टूर्नामेंट है जो टीमों के बीच ट्वेंटी20 क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन करता है। इस लीग का मुख्य उद्देश्य क्रिकेट को अन्य खेलों की तुलना में एक नए, आकर्षक और एकाधिकारिक उपाय में प्रस्तुत करना है।

Indian Premier League: (IPL) में कुल 8टीम होती हैं, जो एक दूसरे के खिलाफ मुकाबले करती हैं। ये टीमें विभिन्न शहरों या राज्यों को प्रतिनिधित्त्व करती हैं और प्रत्येक टीम के पास अपना खुद का नाम, लोगो, और खिलाड़ियों की समृद्धि के लिए एक टीम का प्रबंधक होता है।

IPL में विभिन्न भारतीय शहरों के लिए टीमें होती हैं, जैसे कि मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, राजस्थान रॉयल्स, बैंगलोर रॉयल चैलेंजर्स, सनराइज़र्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स XI लखनो सुपर जाईंट,और गुजरात लायंस।

IPL के दौरान खिलाड़ियों को विभिन्न आयोजनों में शामिल होने का मौका मिलता है, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी क्रिकेट करियर को सुधारने का अवसर प्रदान करता है। इसका पॉपुलैरिटी और महत्व दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है, और यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता बन चुका है।

        टीम  के खिलाडीयोंके  नाम..

 

1: Gujarat Titans 

1: अभिनव मनोहर : Right-Handed बॅट्समन 

2: डावीड मिलर : Left-Handed बॅट्समन 

3:  विलियामसन : Right-Handed बॅट्समन 

4:साई सुधारसाण Left-Handed बॅट्समन 

5:शुभमन गिल (C) : Right-Handed बॅट्समन 

6: राहुल तेवतिया :Left-Handed बॅट्समन • Right-Arm Leg स्पिन Bowler

7: शाहरुख खान : Right-Handed बॅट्समन 

8: विजय शंकर : Right-Handed बॅट्समन • Right-Arm मेडीयम Bowler

9: मॅटहेव वाडे (Wk): Left-Handed बॅट्समन 

10: रशीद खान : Right-Arm लेग स्पिन Bowler

 

2: dc

players: Rishabh Pant( c), David Warner, Prithvi Shaw, Yash Dhull, Abishek Porel, Axar Patel, Lalit Yadav, Mitchell Marsh, Pravin Dubey, Vicky Ostwal, Anrich Nortje, Kuldeep Yadav, Lungi Ngidi, Khaleel Ahmed, Ishant Sharma, Mukesh Kumar

3: pbks

Shikhar Dhawan(c),  Matthew Short, Prabhsimran Singh, Jitesh Sharma, Sikandar Raza, Rishi Dhawan, Liam Livingstone, Atharva Taide, Arshdeep Singh, Nathan Ellis, Sam Curran, Kagiso Rabada, Harpreet Brar, Rahul Chahar, Harpreet Bhatia, Vidwath Kaverappa, Shivam Singh.

4:Lsg

Quinton de Kock , KL Rahul(c ), Nicolas Pooran . Devdutt Padikkal, Ayush Badoni, Ashton Turner, Deepak Hooda, K. Gowtham, Krunal Pandya, Kyle Mayers, Marcus Stoinis, Prerak Mankad, Yudhvir Singh Charak, David Willey , Arshin Kulkarni, Md. Arshad Khan,  Mark Wood , Mayank Yadav, Mohsin Khan, Ravi Bishnoi, Yash Thakur, Amit Mishra, Naveen-ul-Haq, Shivam Mavi, Manimaran Siddarth.

5:csk

MS Dhoni (c), Moeen Ali, Deepak Chahar, Devon Conway, Tushar Deshpande, Shivam Dube, Ruturaj Gaikwad, Rajvardhan Hangargekar, Ravindra Jadeja, Ajay Mandal, Mukesh Choudhary, Matheesha Pathirana, Ajinkya Rahane, Shaik Rasheed, Mitchell Santner, Simarjeet Singh, Nishant Sindhu, Prashant Solanki, Maheesh Theekshana, Rachin Ravindra, Shardul Thakur, Daryl Mitchell, Sameer Rizvi, Mustafizur Rahman, Avanish Rao Aravelly

6:mi

Ishan Kishan, Vishnu Vinod.Rohit Sharma, Tim David , Suryakumar Yadav, N. Tilak Varma, Dewald Brevis Hardik Pandya, Romario Shepherd , Nehal Wadhera, Shams Mulani, Gerald Coetzee, Mohammad Nabi, Shivalik Sharma, Naman Dhir, Jasprit Bumrah, Jason Behrendorff, Kumar Kartikeya, Akash Madhwal, Arjun Tendulkar, Piyush Chawla, Dilshan Madushanka , Nuwan Thushara , Anshul Kamboj, Shreyas Gopal.

7:Rcb

Faf du Plessis (c) 

Glenn Maxwell

Virat Kohli

Rajat Patidar

Anuj Rawat

Dinesh Karthik

Suyash Prabhudessai

Will Jacks

Mahipal Lomror

Karn Sharma

Manoj Bhandage

Mayank Dagar

Vijaykumar Vyshak

Akash Deep

Mohammed Siraj

Reece Topley

Himanshu Sharma

Rajan Kumar

Cameron Green

Alzarri Joseph

Yash Dayal

Tom Curran

Lockie Ferguson

Swapnil Singh

Saurav Chauhan.

 

8: hrs

Aiden Markram (Captain)

Washington Sundar

Rahul Tripathi

Mayank Agarwal

Abhishek Sharma

Heinrich Klaasen

Bhuvneshwar Kumar

Marco Jansen

Abdul Samad

T Natarajan

Umran Malik

Shahbaz Ahmed

Glenn Phillips

Fazalhaq Farooqi

Mayank Markande

Upendra Yadav

Anmolpreet Singh

Nitish Kumar Reddy

Sanvir Singh

Pat Cummins

Travis Head

Jaydev Unadkat

Wanindu Hasaranga

Jhathavedh Subramanyan

Akash Singh

 

9:RR

Yashasvi Jaiswal, Shimron Hetmyer, Rovman Powell, Riyan Parag, Shubham Dubey, Sanju Samson (c), Jos Buttler, Dhruv Jurel, Tom Kohler-Cadmore*, Kunal Singh Rathore

 

ये कुछ प्रमुख खिलाड़ी हैं, जो अपने अपने टीम के साथ खेलते हैं। टीम में अन्य भी कई उत्कृष्ट खिलाड़ियों के मौजूद होते हैं।

Thank you.


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March 18, 2024

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effect of drinking: खबरदार! 'दारू पिताय'. व्हा सावध, अन्यथा होऊ शकतात या बिमाऱ्या?.


Effect of drinking :: हाय मित्रानो लोक दारू का पितात? हा प्रश्न सर्वांच्या मनामध्ये एक ना एक वेळा आलं असेलच. आज याच प्रश्नवर चर्चा करणार आहोत. लोक दारू पीतात यांचे कारणे वेग वेगळी आहेत. काही लोक दारू पिण्याच्या सवय आणि अनुभवामध्ये मात्र आनंद मिळते, त्याचा सामाजिक वातावरणात आणि सामाजिक संघटनांमध्ये भाग घेण्यासह संबंधित असते. इतर लोक दारू पीतात कारण आधारे अत्यंतता, मानसिक तणाव, कामाच्या प्रदर्शनाच्या आत असहमती आणि इतर आदिकांसाठी एक प्रकारची आत्मविश्वासहीनता, आणि मानसिक स्वास्थ्य समस्या असू शकतात. तसेच, काही लोक दारू पीण्याच्या प्रभावासह सार्थकता, कामात यश मिळवण्याचा एक माध्यम मानतात. परंतु, दारू पिण्याच्या नकारात्मक परिणामांमध्ये जीवनातील संघर्षांचा विशेषतः अधिक धाव देणारा वातावरण, स्वास्थ्य संबंधित समस्या, आणि सामाजिक समस्यांचा कारक असतो. त्यामुळे, दारू पिणे स्वस्थ आणि सुरक्षित रहण्यासाठी केवळ मानवी मात्रा आणि परिस्थितीत अधिकाधिक धोरणांचा नियंत्रण आणि सावधानपणे वापर करणे महत्त्वाचे आहे.

        दारू पिण्याचे काही परिणाम आहेत:

 

1. स्वास्थ्य समस्या: दारू पिण्याची अधिकता स्वास्थ्याच्या समस्यांस जोडू शकते, जसे की लिव्हर किडनी आणि हृदय समस्या.

 

2. मानसिक स्वास्थ्य: अत्यधिक पाणी पिण्यामुळे आवडताना दारूच्या संपर्कात आल्यास मानसिक समस्या वाढू शकतात, जसे की डिप्रेशन आणि अंधार.

 

3. सामाजिक प्रभाव: दारूचे अत्यंत सेवन करण्याने संबंधांमध्ये संघर्ष आणि संघर्ष येऊ शकतात.

 

4. कानूनी मुद्दे: दारू पिण्याने गाडी चालण्याच्या अव्यवस्थितता, अपघात आणि कायदेशीर दंडाची जोखिम वाढू शकते.

 

5. पेशेवर संघटना: अत्यंत पाणी पिण्यामुळे कार्यसंघटनेची असंतोष आणि कामाच्या गुणात्मकतेत कमी होऊ शकते.

 

6. दारू पिल्याने आपल्या करिअरमध्ये प्रगती कमी होईल.

 

7. संबंधात्मक संघर्ष: अत्यंत पाणी पिण्यामुळे कौटुंबिक संबंधांमध्ये संघर्ष आणि असमंजस होईल.

 

8. व्यक्तिगत स्वार्थाची अधिकता: दारू पिण्यामुळे व्यक्तिगत स्वार्थाची अधिकता वाढू शकते.

 

9. शारीरिक क्षमता: अत्यंत पाणी पिण्यामुळे शारीरिक क्षमता कमी होईल.

 

10. पैसे खर्च : अत्यंत पाणी पिण्यामुळे आपल्या आर्थिक स्थितीमध्ये कमी होईल.

 

11. संबंधात्मक संघर्ष: अत्यंत पाणी पिण्यामुळे संबंधात्मक संघर्ष वाढू शकतात.

 

12. संघटनेची क्षमता: दारू पिण्याच्या कारणाने कार्यसंघटनेची क्षमता कमी होते.

 

13. प्रतिसाद: अत्यंत पाणी पिण्यामुळे आपल्या असंतोषाचे प्रतिसाद कमी होईल.

 

14. संघटनेची भावना: दारू पिण्यामुळे संघटनेची भावना कमी होते.

 

15. उत्पादनशी संबंध: अत्यंत पाणी पिण्यामुळे उत्पादनशी संबंध कमी होईल.

 

16. संबंधात्मक आर्थिक संघटना: दारू पिण्यामुळे संबंधात्मक आर्थिक संघटना वाढते.

 

17. सामाजिक संबंध: अत्यंत पाणी पिण्यामुळे सामाजिक संबंध बिघडतात.

 

18. आत्मविश्वास: दारू पिण्याच्या परिणामाने आत्मविश्वास कमी होतो.

 

19. संपत्ती: अत्यंत पाणी पिण्यामुळे संपत्ती कमी होईल?

 

दारू पिण्याच्या किंवा अत्यधिक सेवनाच्या परिणामात विविध आजारांचा धोका असू शकतो. काही विशेष टिप्स आहेत:

 

1. मधुमेह: दारूचे अत्यधिक सेवन मधुमेहाच्या धोक्याचा कारण बनू शकतो.

2. उच्च रक्तदाब: अत्यधिक दारू सेवनाने उच्च रक्तदाब होऊ शकतो.

3. मस्तिष्क अशांतता: अत्यधिक पिणे संयोगात अंधापन, मानसिक अशांतता आणि मस्तिष्काच्या समस्या येऊ शकतात.

4. पाचन समस्या: दारू पिण्याच्या परिणामात पाचन समस्या होऊ शकते.

5. लिवर रोग: अत्यधिक दारू सेवनाने लिवर क्षतिग्रस्त होऊ शकतो.

6. मनोविकार: दारूचे अत्यधिक सेवन मानसिक समस्या जसे कि डिप्रेशन आणि अयापेटाइट वाढू शकतात.

7. उच्च रक्तचाप: अत्यधिक दारू सेवनाने उच्च रक्तचाप वाढू शकतो.

8. परिमाणात नियंत्रण: दिवसातील दारूचे मध्यमाध्यम वापर करा.

9. दृष्टीकोन: अत्यधिक सेवन करण्यापूर्वी आपल्या स्वास्थ्य विशेषज्ञाशी चर्चा करा.

10. स्वस्थ आहार: विविध आहारात समृद्ध असा सुरक्षित रहाण्यासाठी आहार संशोधन करा.

11. व्यायाम: नियमित व्यायाम करणे स्वस्थ जीवनस्तरातील मदतीला असू शकते.

12. अल्कोहॉल विहिन दिवस: अत्यधिक दिवस पिणे अल्कोहॉल विहिन ठरवा.

13. स्वतंत्री: आपल्या दारू सेवनाची नियंत्रणात्मक आणि स्वतंत्र प्रकृती ठेवा.

14. साथीदार समर्थन: संबंधीत व्यक्तींशी आपल्या सेवनाच्या अंगी वापरा.

 

आशा आहे की हे सल्ले आपल्या स्वास्थ्याला सुरक्षित ठेवण्यास मदत करतील. परंतु, सर्वोत्तम सल्ले आपल्या डॉक्टर किंवा स्वास्थ्य विशेषज्ञाशी चर्चा करा.. धन्यवाद..


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Unity news

March 16, 2024

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Rudraksha usse: क्या आप जानते हैं रुद्राक्ष धारण करणे नियम?


 

रुद्राक्ष :   ... हॅलो दोस्तो आज हम रुद्राक्ष के बारे मै बात करणे वाले है जो कई लोग रुद्राक्ष को धारण करते है? लेकिन रुद्राक्ष को कैसे धारण करें , रुद्राक्ष की क्या शक्तीया है?  और रुद्राक्ष कैसे काम करतात है इस बारे मै जाणणे वाले है? 

    रुद्राक्ष एक प्राचीन हिंदू जाप माला का हिस्सा है, जिसे हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण माना जाता है। यह एक प्रकार का प्राकृतिक बीज होता है, जो रुद्राक्ष पेड़ के फलों से प्राप्त होता है। इसे हिंदू धार्मिक अनुष्ठान, मन्त्र जप, और ध्यान में प्रयोग किया जाता है। यह माला स्वास्थ्य, धन, और सुख की प्राप्ति के लिए भी मानी जाती है। रुद्राक्ष के पेड़ ज्यादातर नेपाल, भारत और इंडोनेशिया जैसे उत्तरी भूखंडों में पाया जाता है। इस पेड़ का वृक्ष ज्यादातर अर्बल, सिमल, बहेरा और गरुड़ वृक्षों के निचे उगाया जाता है। इसका उत्पादन बसंत ऋतु में अधिक होता है, लेकिन कुछ रुद्राक्ष पेड़ अन्य समयों में भी फलने की क्षमता रखते हैं। इसलिए, यह ठीक नहीं कहा जा सकता कि रुद्राक्ष केवल एक विशेष दिन में ही उगता है।

रुद्राक्ष को पहनने के लिए बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को उत्तम माना जाता है। इन दिनों पर रुद्राक्ष का प्रयोग करने से उसके शक्तियों का लाभ अधिक होता है। तथापि, कोई विशेष नियम नहीं है कि अन्य दिनों पर रुद्राक्ष को न पहना जाए। यह आपकी श्रद्धा और अपने आपको समर्पित करने के भाव के साथ जुड़ा होता है।

रुद्राक्ष की महिमा अपरंपार है, लेकिन हर कोई इसे धारण नहीं कर सकता। रुद्राक्ष धारण करने के बाद भी कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। आइए जानते हैं रुद्राक्ष से जुड़े इन नियमों के बारे में।

 1: रुद्राक्ष धारण करते समय धागे के रंग का ध्यान रखना चाहिए। कभी भी काला धागा न पहनें। इसे पीले धागे या लाल धागे में जोड़ें।

 2:रुद्राक्ष बहुत पवित्र है. गंदे हाथों से न छुएं.

3: नहाने के बाद हमेशा साफ कपड़े पहनें।

4:रुद्राक्ष धारण करते समय ॐ नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।

5:याद रखें यदि आप रुद्राक्ष की माला पहनते हैं तो मोतियों की संख्या विषम होनी चाहिए।

6:रुद्राक्ष की माला 27 मन से कम नहीं होनी चाहिए।

7:भूलकर भी किसी दूसरे का रुद्राक्ष न पहनें और अपना रुद्राक्ष किसी दूसरे को न दें

 

      रुद्राक्ष पहनने के कुछ महत्वपूर्ण फायदे और उपाय 

 

1. ध्यान और मनःशांति:रुद्राक्ष पहनने से मानसिक शांति और ध्यान की अधिकता होती है।

2. रोगनिवारण: रुद्राक्ष का प्रयोग रोगों को नियंत्रित करने और दूर करने में मदद कर सकता है।

3. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य: इसका उपयोग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है।

4. प्रेरणा और समर्थन: यह आपको प्रेरित करने में मदद कर सकता है और आपका समर्थन कर सकता है।

5. ध्यान एवं धारण शक्ति: रुद्राक्ष को धारण करने से ध्यान और धारण शक्ति बढ़ती है।

6. आत्मविश्वास: यह आपके आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है और आपको साहसी बना सकता है।

7. कामना सिद्धि: कुछ लोग मानते हैं कि रुद्राक्ष पहनने से कामनाएं सिद्ध होती हैं।

8. प्राणशक्ति: यह आपकी प्राणशक्ति को बढ़ा सकता है और आपको ऊर्जावान बना सकता है।

9. संतुलन:रुद्राक्ष पहनने से आपका मानसिक और भावनात्मक संतुलन बना रहता है।

10. आत्मा की विकास:यह आपके आत्मा के विकास में सहायक हो सकता है।

 


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March 14, 2024

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Almond usse : रोज बदाम खाल्याने काय फायदे होतील .


almond usse:  हॅलो दोस्तो आज हम बदाम के बारे मै बात करणे वाले है. जो की बदाम प्रमुखत परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों में से एक है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है।  हर घर बदाम का सेवन करते है. लेकिन बदाम को कैसे खाये, बदाम को कोनसे समय खाये,  बदाम मै कोणसे व्हिटॅमिन राहते है, बदाम को खाणे सें क्या होता है.. इस बारे बात करेंगे..

    बदाम को किसी भी समय खाया जा सकता है, लेकिन कुछ समय इसके सेवन के लाभदायक होते हैं। यहाँ कुछ उपयुक्त समय हैं जब बदाम खाना उचित होता है:  सुबह के समय बदाम खाने से आपको ऊर्जा मिलती है और दिन की शुरुआत में आपका ताजगी से भरपूर रहता है।  रात्रि के समय (soaking almobd)भिगोकर बदाम खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि यह नींद को बेहतर बनाता है और शारीरिक और मानसिक तनाव को कम करता है। भूख लगने पर बदाम को खाने से पहले भूख लगने पर खाना उचित होता है, ताकि आपका शारीर पोषक तत्वों को अधिक अवशोषित कर सके। व्व्ययाम से पहले बदाम खाना शारीरिक ऊर्जा को बढ़ावा देता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है। तनाव और स्ट्रेस के समय बदाम का सेवन करना आपको ध्यान और शांति मिलती है, जिससे आपका मन शांत रहता है। यह थे कुछ उपयुक्त समय जब बदाम खाना उचित होता है। आप अपनी आदतों और आवश्यकताओं के अनुसार इसका सेवन कर सकते हैं।

बदाम में कई प्रकार के विटामिन्स और पोषक तत्व होते हैं, लेकिन उनमें कुछ प्रमुख विटामिन्स निम्नलिखित होते हैं:

            ( बदाम मै कोणसे व्हिटॅमिन राहते है )

1. विटामिन ई: बदाम में अच्छी मात्रा में विटामिन ई होता है, जो त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है और रंग निखारता है।

2. विटामिन बी: बदाम में विटामिन बी के कई प्रकार होते हैं, जैसे कि बी1, बी2, बी3, और बी6, जो मस्तिष्क के स्वास्थ्य को सुधारते हैं और ऊर्जा के स्त्रोत के रूप में काम करते हैं।

3. विटामिन ए: बदाम में विटामिन ए होता है, जो आंतरिक संरचना के लिए लाभकारी होता है और नेत्रों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।

4. विटामिन डी: छिले हुए बदाम में थोड़ी मात्रा में विटामिन डी होता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।

ये सभी विटामिन्स और पोषक तत्व बदाम को सेहतमंद और पोषण से भरपूर बनाते हैं।

            

                         ( बदाम को कितने तारिको सें खाया जा                                                         सकता है? )

 

1. सादा बदाम को सुबह के समय खाना लाभदायक होता है।

2. उन्हें रात्रि के बाद भिगोकर सुबह खाने से पोषक तत्वों का अधिक अवशोषण होता है।

3. उन्हें छीलकर खाना, जिससे पाचन क्रिया सुधारित होती है।

4. बदाम का तेल या पेस्ट बनाकर भोजन में शामिल करें।

5. दूध में भिगोकर, उन्हें मसाले और मिश्रणों में डालें।

6. बदाम की बर्फी, केक, या बिस्किट्स बनाएं।

7. स्नैक के रूप में सूखे बदाम खाएं।

8. सलाद में उन्हें छोटे टुकड़ों में डालें।

9. बदाम का तेल उपयोग करें खाने की तैयारी के लिए।

10. बदाम का पाउडर बनाकर दूध या फलों के साथ मिलाएं।

11. बदाम की चटनी बनाएं और रोटी के साथ परोसें।

12. बदाम को चिप्स बनाकर खाएं।

13. बदाम को दही में मिलाकर खाएं।

14. बदाम का पेस्ट बनाकर सैंडविच या रोल में डालें।

15. बदाम को सूप में मिलाएं।

16. बदाम को आपके पसंदीदा चवनी पकवान में शामिल करें।

17. बदाम की खीर बनाएं और मिठाई के रूप में खाएं।

18. बदाम को कटा हुआ फलों के साथ मिलाएं और फ्रूट सैलड बनाएं।

19. बदाम को आपके पसंदीदा खाने के साथ खाएं, जैसे कि चावल, रोटी, और सब्जियां।

20. बदाम को चॉकलेट और ड्राई फ्रूट मिश्रण में शामिल करें।

21. बदाम को दलिया या पोहा में मिलाएं।

22. बदाम को नारियल के साथ खाएं।

23. बदाम को राइस पुडिंग या खीर में डालें।

24. बदाम की बर्फी बनाएं और दारूस्त के रूप में खाएं।

25. बदाम को दलिया या खिचड़ी में मिलाएं।

26. बदाम को विविध चटनी बनाएं।

27. बदाम को चिकित्सा कवाथ बनाएं।

28. बदाम को चटपटे नमकीन या मसाले में पकाएं।

29. बदाम को कुरकुरे बनाएं और नमकीन में खाएं।

30. बदाम को अपनी पसंद की मिठाई में मिलाएं और खाएं।

            

              ( भिजलेले बदाम खाणे के फायदे )

                 (soaking almond )

1. ऊर्जा और ताकत की दुकान: बिजली बदाम में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की अच्छी मात्रा होती है, जो शारीरिक ऊर्जा और ताकत को बढ़ावा देती है।

2. दिमाग के लिए फायदेमंद: इसमें मौजूद ऑमेगा-3 फैटी एसिड्स दिमाग के लिए लाभकारी होते हैं, जो मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं।

3. हृदय स्वास्थ्य: बिजली बदाम में मोनो-अनसैचुरेटेड फैट्स होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।

4. त्वचा के लिए लाभकारी: बिजली बदाम में विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं।

5. वजन नियंत्रण: इसमें फाइबर और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है, जो भूख को कंट्रोल करती है और वजन नियंत्रित रखने में मदद करती है।

          

 

 


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March 13, 2024

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Fair skin : गोरे होने का सबसे आसान तरीका?


फेअर स्किन : हॅलो दोस्तो आज काल की लाईफ मै कोण नाही चाहता चाहता अच्छा दिखाना.  लेकिन आज काल के युग मै क्रीम का वापर करते है .  क्रीम सें चेहरा खराब होता इसलीये मै आपके लिये घरेलू उपाय लाया हूं  ..  इस उपाय सें आप गोरा और चेहरे सें धाग, धबे, मिठा   शकते हों.. 

गोरे होने का सबसे आसान तरीका है नियमित रूप से चेहरे की देखभाल करना। सबसे महत्वपूर्ण कदमों में एक सही सनस्क्रीन का उपयोग, हैड्रेटेशन, स्वस्थ आहार, और सुनसान जगहों से बचाव शामिल हैं। इसके अलावा, अच्छी नींद, स्वस्थ व्यायाम, और तंतु विरोधी आहार की दिशा में ध्यान रखना भी मदद कर सकता है।

 हॅलो दोस्तो दिन में दो बार त्वचा को फेस वॉश करना उचित हो सकता है। सुबह और रात के समय त्वचा को साफ़ करना त्वचा की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, त्वचा का प्रकृति और स्थिति के आधार पर यह मात्रा बदल सकती है, और किसी भी नए क्रीम का प्रयोग शुरू करने से पहले आपको अपने त्वचा पर परीक्षण करना चाहिए। निंद की कमी होती है तो इसका सीधा असर त्वचा पर पड़ सकता है। निंद कम होने से शरीर में स्ट्रेस होता है और यह त्वचा के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। अगर निंद की कमी होती है, तो यह त्वचा के रंग में कमी, दाग-धब्बे, और त्वचा की तनावपूर्णता का कारण बन सकती है। सुनिश्चित होना चाहिए कि आप प्रतिदिन कुछ समय के लिए अच्छी नींद प्राप्त करते हैं, ताकि आपका शरीर और त्वचा स्वस्थ रह सकें।

                               सलाह 

1. नियमित सफाई: दिन में दो बार अपना चेहरा साफ करें ताकि गंदगी और कीटाणु हटा सकें।

 

2. मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल: आपकी त्वचा को हैड्रेटेड रखने के लिए एक उपयुक्त मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें।

 

3. सनस्क्रीन:दिन में कम से कम SPF 30 के सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें ताकि आपकी त्वचा को UV किरणों से सुरक्षा मिले।

 

4. स्वस्थ आहार: आपके आहार में फल, सब्जियां, और पूरे अनाज शामिल करें ताकि आपको आवश्यक पोषण मिले।

 

5. हाइड्रेशन: सामान्य स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त पानी पिएं।

 

6. पर्याप्त नींद:प्रतिदिन 7-9 घंटे की अच्छी नींद लें।

 

7. धूम्रपान से बचें: धूम्रपान त्वचा की उम्र को तेजी से बढ़ा सकता है और त्वचा को क्षति पहुंचा सकता है।

 

8. शराब की सीमा: अत्यधिक शराब त्वचा को सुखा सकती है, इसलिए मामूली मात्रा में सेवन करें।

 

9. नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि अच्छे रक्त संचार को बढ़ावा देती है और स्वस्थ त्वचा को बनाए रखती है।

 

10. तनाव प्रबंधन: ध्यान या योग जैसी तनाव कम करने वाली गतिविधाएं करें।

                     घरेलू उपचार 

1. नींबू और शहद: नींबू का रस और शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं, फिर 15-20 मिनट बाद धो लें।

 

2. हल्दी और दही का पैक: हल्दी और दही को मिलाकर चेहरे पर लगाएं और सूखने पर धो लें।

 

3. बेसन और गुलाब जल: बेसन में गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं, फिर सूखने पर धो लें।

 

4. आलू और टमाटर पेस्ट: आलू और टमाटर को पीसकर चेहरे पर लगाएं, सूखने पर धो लें।

 

5. रोज़मैरा तेल और बादाम:रोज़मैरा:  तेल में बादाम का तेल मिलाकर लगाएं और 15-20 मिनट बाद धो लें।

 

6. गुलाबी पानी का इस्तेमाल: गुलाबी पानी से अपने चेहरे को साफ करें, यह त्वचा को निखार देता है।

 

7. धूप सें बचाव: लगातार धूप से बचने के लिए उचित सनस्क्रीन का प्रयोग करें।

 

8. हरी चाय के पत्ते:  हरी चाय के पत्तों को पानी में उबालकर ठंडा करें और फिर इस पानी से चेहरे को धोएं।

 

9. कच्चा दूध: रोज़ रात को कच्चा दूध चेहरे पर लगाएं और सुबह में धो लें।

 

10. पुदीना पेस्ट: पुदीना को पीसकर पेस्ट बनाएं और इसे चेहरे पर लगाएं, सूखने पर धो लें।

 

11. तुलसी का रस: तुलसी के पत्तों का रस निखार और ताजगी देता है।

 

12. खीरा और गुलाब जल: खीरा को काटकर गुलाब जल के साथ चेहरे पर रगड़ें, फिर सूखने पर धो लें।

 

13. पपीता और शहद: पपीते का रस और शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं, सूखने पर धो लें।

 

14. सुबह गुनगुना पानी: सुबह में गुनगुना पानी पीने से त्वचा में रंगत में सुधार हो सकता है।

 

15. बादाम का तेल: बादाम के तेल को चेहरे पर लगाकर मसाज करें, फिर धो लें।

 

ध्यान दें कि इन घरेलू उपायों का प्रभाव व्यक्ति की त्वचा प्रकृति पर भी निर्भर कर सकता है, और किसी नए उपाय की शुरुआत से पहले एक चिकित्सक से सलाह लेना हमेशा उचित है।

Thank you..


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March 8, 2024

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Butea monnosperma: पौधशाली, आयुर्वेदिक पेड़ है जो कई प्राकृतिक और सांस्कृतिक महत्वपूर्णताओं के लिए महत्वपूर्ण है? जानीये इसके बारे मै.


 

Butea monosperma : हॅलो दोस्तो आज हम पलाश के बारे मै बात करणे वाले है जो की पलाश कितणे फायदेशीर है. आपको पता चाल जायेगा. पलाश (Butea monosperma) एक पेड़ है जो भारत, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश, और पाकिस्तान में पाया जाता है। यह पेड़ विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे कि , पलाश, पलास, और धक्किया। इसके फूल गहरे नारंगी रंग के होते हैं और इसकी खास बूँदएँ भी होती हैं।

पलाश के फूल के विभिन्न उपयोग हो सकते हैं, जैसे कि औषधीय गुण, परंपरागत चिकित्सा में उपयोग, और आर्थिक उपयोग। इसके फूलों से तैयार किए जाने वाले काढ़े का सेवन विभिन्न स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है। इसके बावजूद, पलाश एक सुंदर और पौधशाली पेड़ है जो कई प्राकृतिक और सांस्कृतिक महत्वपूर्णताओं के लिए महत्वपूर्ण है। पलाश के फूलों का उपयोग होली में किया जाता है। इन्हें होली के रंगों को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। पलाश के फूल नारंगी रंग के होते हैं और इसलिए इनका प्रयोग रंगीन होली का खेलने में किया जाता है। होली, भारतीय सांस्कृतिक पर्व, विशेषकर रंगों के खेल के रूप में मनाया जाता है, जिसमें लोग एक दूसरे पर रंग फेंकते हैं। पलाश के फूलों का उपयोग इस पर्व को और भी रंगीन और रोमांटिक बनाता है।

             पलाश के फुल कोणसे ऋतू मै उघते है?

     पलाश के फूल वसंत ऋतु, यानी कि फरवरी से अप्रैल के बीच, उगते हैं। इस समय पर पलाश पेड़ों पर अपने बालों के साथ अपनी शानदार नारंगी रंग की चारिक फूलें दिखाई देती हैं?

      पलाश के फुल के आयुर्वेदिक फायदे  ( health tips) 

1. पलाश के फूल में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को रोगों से बचाने में मदद करते हैं।

2. इसमें विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है, जिससे इम्यून सिस्टम को बढ़ावा मिलता है।

3. पलाश के फूल का उपयोग श्वासरोगों में लाभकारी हो सकता है।

4. इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं।

5. पलाश के फूल का बनाया गया डेकॉक्शन दर्द और सूजन को कम करने में सहायक हो सकता है।

6. इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों की सूजन को कम कर सकते हैं।

7. पलाश के फूल से बना हुआ काढ़ा जुकाम और सर्दी में लाभकारी हो सकता है।

8. इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन को सुधारने में मदद कर सकती है।

9. पलाश के फूल के नियमित सेवन से शरीर का तापमान संतुलित रह सकता है।

10. इसमें ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करने वाले तत्व हो सकते हैं।

11. पलाश के फूल का उपयोग त्वचा समस्याओं से निजात पाने के लिए किया जा सकता है।

12. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण, यह त्वचा को युवा और स्वस्थ बनाए रख सकता है।

13. पलाश के फूल के पानी से बना गरारा गले की खराश को शांत करने में सहायक हो सकता है।

14. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण, यह बालों को मजबूती और चमक दे सकता है।

15. पलाश के फूल के पानी का सेवन गुर्दे की स्वस्थता के लिए फायदेमंद हो सकता है।

16. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स के कारण, यह आंतरिक शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

17. पलाश के फूल से बना हुआ काढ़ा थकान और स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकता है।

18. इसमें विटामिन ए की अच्छी मात्रा होने के कारण, यह आंतरिक रूप से त्वचा को सुधार सकता है।

19. पलाश के फूल से बनी चाय पेट की समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकती है।

20. इसमें फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जो कैंसर के खिलाफ रक्षा कर सकते हैं।

थँक यौ..


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March 6, 2024

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Dray ice : ड्राय आइस क्या है? ड्राय आइस के क्या फायदे? जाणे ड्राय आइस कैसे खाये. ड्राय आइस कैसे बनता है.?


 

(dray ice ) :हॅलो दोस्तो आज हम ड्राई आइस  कैसे बनता है इसके क्या फायदे है और ड्राय आईस कहा इस्तमाल होता यह जाणणे वाले है...

"ड्राय आईस" एक प्रकार की बर्फ है जो पानी में गिरकर जम जाती है। यह बर्फ पानी में तरल रूप में गिरती है और फिर ठंडे हवाओं के कारण जमकर सख्त हो जाती है। ड्राय आईस को कई ढंगों से गुजारा जाता है जेसे गरमाकर ठंडा करें और फिर उसे फ्रीजर में रखें। इससे आपको ठंडा और सॉलिड आइस मिलता है?  ड्राई आइस खाने से बहुत अधिक बिमारियाँ सामने नहीं आतीं हैं, लेकिन कुछ लोगों को संभावित समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि दाँतों में संवेदनशीलता या ठंडक से उत्पन्न होने वाला दर्द। अगर आपको ऐसी कोई समस्या है, तो ड्राई आइस को धीरे-धीरे खाना चाहिए या बारिशीली आइस का उपयोग कर सकते हैं।

         ड्राई आइस का मतलब 

ड्राय आईस  यह ठंडी जल की रूपरेखा लोचदार होती है जिसमें पानी पूरी तरह से ठंडा हो जाता है और यह ठंडा और सॉलिड आइस बनता है। इसे आमतौर पर फ्रीजर में रखकर बनाया जाता है और इसे बर्फ़ के टुकड़ों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। ड्राय आइस में वायु (एयर) होता है, लेकिन यह बहुत कम होता है क्योंकि पानी फ्रीज होने के दौरान ठंडा होता है और वायु को बाहर निकाल जाता है, जिससे सॉलिड आइस बनती है। ड्राय आईस  मै कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को स्थायी रूप में ड्राई आइस नहीं कहा जाता है। ड्राई आइस वायुमंडल, विभिन्न गैसों और अन्य तत्वों के अनुपस्थिति में सॉलिड CO2 होता है जिसे यह नाम मिला है। यह बर्फ़ के रूप में होता है और -78.5 डिग्रीस सेल्सियस पर ठंडा होकर ठंडा रूप में बनता है।

   ड्राय आइस का इस्तमाल काहा किया जाता है? 

1.होटल:  ड्राय आइस को बर्फ़ के रूप में सर्विंग के लिए उपयोग किया जा सकता है, खासकर शाकाहारी और माछाहारी पदार्थों को ठंडा रखने के लिए।

2. स्थानीय दुकानें: लोग अपने घरों में ड्राय आइस का उपयोग पार्टियों या इवेंट्स में करते हैं ताकि वे अपने ड्रिंक्स को ठंडा रख सकें।

 

3. इंडस्ट्रियल उपयोग: ड्राय आइस को इंडस्ट्रीज में ठंडे और ठंडे प्रक्रियाओं के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे कि खाद्य संयंत्रों में और अन्य उद्योगों में।

 

4. शिपिंग और ट्रांसपोर्टेशन: ड्राय आइस जलवायु नियंत्रण और ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में उपयोग हो सकता है ताकि सामग्री ठंडी रहे और अच्छे से बने रहें।

          ड्राय आईस का कैसे वापर करें.

1. ड्रिंक्स को ठंडा करने के लिए: ड्राय आइस को पीने के पानी, सोडा, फलों का रस या अन्य पेय के साथ मिलाकर ठंडा करने के लिए उपयोग किया जा सकता है.

 

2. पार्टी और इवेंट्स में: ड्राय आइस को पार्टी और इवेंट्स में बर्तनों में रखकर ड्रिंक्स को ठंडा रखने के लिए उपयोग किया जा सकता है.

 

3. इंडस्ट्रियल उपयोग: इंडस्ट्रियल सेटिंग्स में ड्राय आइस को तथा ठंडा करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि खाद्य संयंत्रों और फार्मेस्यूटिकल उद्योगों में।

 

4. मेडिकल उपयोग: ठंडे पैकेजिंग में ड्राय आइस को चोटी या सूजन को कम करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

ड्राय आइस का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है:

थँक यौ...

 


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March 4, 2024

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Psyllium husk: ऐ ऐसा पेड है जो आयुर्वेदिक चिकित्सा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है? जाणे सविस्तर.. इसके आयुर्वेदिक उपचार.!


 

 Psyllium husk: हॅलो दोस्तो आज हम  एक पोधे के बारे मै बात करणे वाले है जो की हमारे भारत  मै उगता है.  उसको इसबगोल कहते  है और  अंग्रेजी में  "Psyllium" या "Psyllium husk"  कहा जाता है।  इसबगोल, जिसे प्सिलियम हस्क प्रदान करने के लिए भी जाना   जाता है, एक पौष्टिक और गुणकारी हेरबल पदार्थ है। इसका सेवन   कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है, जैसे कि पाचन को सुधारना,   कोलेस्टेरॉल कम करना, और वजन नियंत्रित करना। इसे बीजों के   रूप में या इसके पाउडर के रूप में खाया जा सकता है। इसबगोल को गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, और कर्नाटक जैसे भारतीय राज्यों में अधिकतर रूप से उगाया जाता है। इसे ठंडे और उमस्त (अच्छी बर्फ) वाले भूखंडों में उगाने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके लिए सहारा देने वाले भूमि, अच्छी द्रव्यमान साझेदारी, और उचित तापमान का होना चाहिए।

                 

         इसबगोल  को कैसे उगाऐ'  जाणे?...

  1. उचित मिट्टी का चयन:   - इसबगोल को उगाने के लिए खुली, अच्छे द्रव्यमान वाली, और फास्ट ड्रेनिंग मिट्टी का चयन करें।

2. बीजों का धीरे से बोना जाए: इसबगोल के बीजों को धीरे से मिट्टी में बोऐ , ताकि वे अच्छे से बूंदें बना सकें।

3. गहराई और दूरी की जाच करणा : बीजों को बोने जाने वाली गहराई उचित होनी चाहिए, और बोऐ गए बीजों के बीच की दूरी को ध्यान में रखें।

4. धूप में सुखाना : बोऐ गए बीजों को धूप में सुखा लें, जिससे उन्हें त्वरित उगाने का मौका मिले।

5. उचित बर्तन: बीजों को उगाने के लिए उचित बर्तन का चयन करें, जिसमें पूर्णियाँ आसानी से बढ़ सकें।

6. पूर्णियों का समर्थन: उगाई जाने वाली पूर्णियों को समर्थन के लिए अच्छे से बांधें, ताकि पौधे मजबूत रहें।

7. पानी और देखभाल: उगाए गए पौधों को पर्याप्त पानी दें और उचित समय पर उर्वरक दें।

8. सूर्य प्रकाश: पौधों को पूर्ण सूर्य प्रकाश का लाभ मिले, इसके लिए उचित स्थान पर रखें।

9. उगाई गई इसबगोल का समय:  इसबगोल को अनुसार उगाने का समय सही चुनें, ज्यादातर यह बर्फ के समय के बाद होता है।

 

       इसबगोल के महतपूर्ण आयुर्वेदिक फायदे हैं:

1. पाचन को सुधारना: इसबगोल पाचन को सुधारने में मदद कर सकता है और अपच और गैस की समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकता है।

2. कोलेस्टेरॉल कम करना: इसबगोल का सेवन कोलेस्टेरॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है।

3. वजन नियंत्रित करना: इसबगोल का सेवन वजन नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, क्योंकि यह बॉडी में अधिकतम पानी को सोख सकता है और भूख को कम कर सकता है।

4. मल सारंग: इसबगोल का सेवन मल सारंग को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, जिससे नियमित मल विसर्जन होता है।

5. शीतलिकरण: इसबगोल ठंडक प्रदान कर सकता है और शरीर को ठंडा रखने में मदद कर सकता है, विशेषकर गरमी के मौसम में।

6. मूत्र प्रवृत्ति को सुधारना: इसबगोल का सेवन मूत्र प्रवृत्ति को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, जिससे विभिन्न मूत्र संबंधित समस्याएं कम हो सकती हैं।

इसबगोल, आयुर्वेदिक चिकित्सा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और इसका नियमित सेवन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है। यहां कुछ आयुर्वेदिक फायदे हैं:


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March 3, 2024

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What is computer engineering? Know what technology is there in it?


 

( Computer engineering ): Hello dosto aaj ham Computer engineeringComputer engineering  ke bare mai bat karne vale hai computer engineering ek mahatva purna kshetra hai jo aapko technology aur computation mein kushalta pradan karta hai. Agar aapko computers, programming, aur technology mein ruchi hai, to computer engineering aapke liye uchit ho sakta hai. Yeh aapko innovative problem-solving aur advanced technology ke sath judne ka avasar deta hai

 Computer engineering is a field that integrates aspects of electrical engineering and computer science. It involves designing, developing, and maintaining computer systems and components, including hardware and software. Engineers in this field work on a wide range of technologies, from microprocessors and circuit design to software development and network systems.

      Computer engineering ka chayan karne ke kuch fayade hain:

1.  Vast Career Opportunities:  Computer engineering opens doors to diverse career options, including software development, hardware design, cybersecurity, artificial intelligence, and more.

2. Innovation and Creativity: It provides a platform for innovation and creativity, allowing you to create new technologies, software, and solutions to address real-world problems.

3. Global Demand : In today's digital age, there is a high global demand for skilled computer engineers, making it easier to find job opportunities worldwide.

4. Competitive Salaries : Computer engineers often receive competitive salaries due to the demand for their specialized skills and expertise.

5. Continuous Learning : Technology is constantly evolving, offering continuous learning opportunities. Computer engineering keeps you engaged in staying updated with the latest advancements.

6. Versatility :  The skills gained in computer engineering are versatile and applicable across various industries, providing flexibility in choosing your career path.

7. Contribution to Society: Through advancements in technology, computer engineers contribute to societal progress by developing solutions that improve efficiency, communication, and overall quality of life.

8. Entrepreneurial Opportunities : It equips you with the skills needed to start your own tech-related business or venture into entrepreneurship.

Yeh fayade aapko ek vibrant aur dynamic kshetra mein kariyer banane mein madad karte hain.


Computer engineering ke baad aapko kai sambhavit scopes milte hain:

1. Software Development:Aap software engineer ban sakte hain aur applications, games, operating systems, aur aur bhi bahut kuch develop kar sakte hain.

2. Hardware Design:Computer hardware engineer ban kar aap computer systems, chips, aur devices ke design mein yogdan de sakte hain.

3. Network Engineering:Aap networking mein mahir ban kar large-scale computer networks ke design aur maintenance mein yogdan de sakte hain.

4. Cybersecurity Specialist: Aap cybersecurity mein expertise develop karke organizations ko online threats se bachane mein madad kar sakte hain.

5. Artificial Intelligence (AI) and Machine Learning (ML) : Aap AI aur ML mein career banakar intelligent systems aur algorithms develop kar sakte hain.

6. Database Management:Aap database administrator ban kar data storage, retrieval, aur management ke kshetra mein kaam kar sakte hain.

7. Embedded Systems:Aap embedded systems mein kaam karke small-scale computing devices ke liye specialized software aur hardware design kar sakte hain.

8. Entrepreneurship: Aap apna khud ka startup shuru karke innovative solutions aur products develop kar sakte hain.

Yeh kuch hi examples hain, aur aapko apne interest aur skills ke anusar aur bhi kai scopes mil sakte hain. Computer engineering ke kshetra mein chayan aapko aapke passion aur career goals ke anurup multiple avenues provide karta hai.


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March 3, 2024

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एक साल मै अपने घर को कितनी बार पेंट करणा चाहिए जाणे! 'नाही तो आपकी "सास्थ दीक्कत" मै पड सकती है?


 

(Penting tips)हॅलो दोस्तो घर को अच्छा रखने के लिए, आपको पेंटिंग की आवश्यकता तब होती है जब सतह में कोई दिक्कतें या कमीज होती हैं, या जब आप नए रंग का इस्तेमाल करना चाहते हैं। सामान्यत एक साल में एक बार सामान्यत आपको घर को अच्छा रखने के लिए साल में कम से कम एक बार पेंटिंग की आवश्यकता होती है।

                          : पेंटिंग टिप्स :

 

1:तैयारी का महत्व: पेंट करने सें पहले  आपने  पुरे घर की सफाई  करणी होगी. 


  2. सतह की तैयारी: सतह को साफ़, सूखा, और धूल या चरबी से मुक्त करें।

 3. उच्च गुणवत्ता का पेंट: अच्छे गुणवत्ता का पेंट चयन करें ताकि रंग दीर्घकालिक रहे। 

 4. प्राइमर का इस्तेमाल: एक अच्छे प्राइमर के साथ सतह को तैयार करें। 

 5. क्षति को मरम्मत करें: किसी भी दरारों या छेदों को पहले मरम्मत करें। 

 6. उचित उपकरण: सही पेंट ब्रश, रोलर्स, या स्प्रे उपकरण का उपयोग करें। 

 7: सुरक्षा आवरण: चिपकाई या पेंटिंग स्थल को सुरक्षित रखने के लिए पेंटर का टेप और ड्रॉप क्लॉथ का उपयोग करें।

8. वायुमंडल: अच्छा वायुमंडल सुनिश्चित करें ताकि पेंट तेजी से सुखे और कफ कम हो। 

9. तापमान का ध्यान रखें: मध्यम तापमान में पेंट करें, अत्यधिक गर्मी या ठंडक से बचें। 

10. पतली परतें: एक सुधारित फिनिश के लिए एक से अधिक पतली परतें लगाएं। 

 11. सफाई: पेंट करने के बाद उपकरणों को तुरंत साफ करें ताकि वे लंबे समय तक चलें और आने वाले परियोजनाएँ सरल हों।

                 : घर को पेंटिंग करने के तारिके :

1. रंग चयन: सही रंग का चयन करने के लिए विचार करें, जो आपके घर के साथ मेल खाता हो और आपकी पसंद को व्यक्त करता है।

2. टेक्निकल टिप्स:  सतह की तैयारी, प्राइमर का इस्तेमाल, और सही आवधि वाले पेंट की चयन में तकनीकी टिप्स जानें।

3. रूम डिजाइन: पेंटिंग के साथ साथ आपके रूम का डिजाइन भी सोचें, जैसे कि फर्नीचर और आर्टवर्क का इस्तेमाल।

4. टेक्स्चर और फिनिश: टेक्स्चर का चयन और फिनिश को समझें, जिससे आपका पेंट आपकी दीवारों पर अच्छा लगे।

5. बजट योजना: आपकी बजट के अनुसार पेंटिंग परियोजना की योजना बनाएं और सामग्री, उपकरण, और कामगार के लिए आरंभ करें।

6. चुनौतीयां और समाधान:  यदि कोई विशेष चुनौती आती है, तो उसका समाधान ढूंढें, जैसे कि विशेष रूप से डिज़ाइन की आवश्यकता, या विभिन्न सतहों के साथ काम करना।

7. सुरक्षा के नियम: उच्च स्थानों पर काम करते समय सुरक्षा के नियमों का पालन करें, और उपयुक्त सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें।

8. कैसे करें और कैसे न करें: आपको यह जानना महत्वपूर्ण है कि किस तरह से पेंटिंग करें और किस तरह से नहीं करें, ताकि आपका परियोजना सफल हो।

9. ट्रेंड्स और स्टाइल्स: आप चाहे तो नवीनतम पेंटिंग ट्रेंड्स और स्टाइल्स की खोज करके अपने घर को मॉडर्न और ट्रेंडी बना सकते हैं।

10. संरचना का सुनिश्चित करें: पहले से ही संरचना का विचार करें ताकि आप यह सुनिश्चित कर सकें कि आपकी पेंटिंग योजना आपके घर की व्यावस्था के साथ मेल खाती है।

 

                :ध्यान देने वाली योग्य बातें:

 पेंटिंग के दौरान अच्छी वेंटिलेशन सुनिश्चित करें और चेमिकल्स से बचने के लिए सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें।उच्च गुणवत्ता के पेंट का चयन करें अगर आप अच्छे गुणवत्ता के पेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित हो सकता है।व्यक्तिगत सुरक्षा यदि आप किसी तरह की एलर्जी या संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं जानते हैं, तो सभी सुरक्षा उपायों का पालन करें और चिकित्सक से सलाह लें।

इन सलाहों का पालन करके, आप अपने घर को अच्छा रख सकते हैं और पेंटिंग प्रक्रिया को सुरक्षित और सफल बना सकते हैं। ऐसेंही जाणकारी  के लिये फॉलो  करें!

धन्यवाद 


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March 2, 2024

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Electrical engineering kyu lena chaiye?? Iske kya fayde hai??..


 

( Electrical engineering )

Hello friends Electrical engineering karne ke dher sare fayde hai lekin mai aapko sabse mukhya fayde ke bare mai batane vala hu...
 
"Electrical engineering mein kuch mukhya fayde "

   Vastu Samajh: Electrical engineering mein padhne se aap electronic devices, circuits, aur power systems ko samajhne mein mahir ho jaate hain, jo modern technology ka ek crucial hissa hai.

    Diverse Careers: Ismein padhne ke baad aapko diverse career options milte hain jaise power generation, telecommunications, electronics, aur control systems.

     Innovation aur Technology: Aapko naye technologies ka pata chalta hai aur aap innovation mein bhaag lete hain, jisse aap future mein emerging fields mein bhi kaam kar sakte hain.

    Industry Demand: Electrical engineers ki demand industries mein high hoti hai, kyun ki unki skills aur knowledge ki zarurat har jagah hoti hai.

    Problem-Solving Skills: Electrical engineering aapko problem-solving mein mahir banata hai, jisse aap real-world challenges ko effectively tackle kar sakte hain.

    Sustainable Solutions: Electrical engineering allows you to contribute to the development of sustainable energy solutions, addressing global concerns about environmental impact and energy conservation.

    Global Opportunities: Aapko global job opportunities milte hain, kyun ki technology ka use worldwide hota hai, aur aap apne skills ko kisi bhi desh mein apply kar sakte hain.

    Innovative Industries: Aap innovative industries mein kaam karke apne ideas ko reality mein convert kar sakte hain, jaise ki renewable energy, robotics, aur smart technology.

     Continuous Learning: Electrical engineering field mein hamesha naye technologies aati rehti hain, isliye aapko apne knowledge ko update rakhne ka mauka milta hai, jo aapke professional growth ke liye beneficial hota.

"Electrical engineers ko kai alag alag sectors mein jobs mil sakti hain, jaise:"

     1.Power Generation Companies: Bijli utpadan companies mein electrical engineers ko power plants, hydroelectric plants, ya renewable energy projects mein kaam karne ka mauka milta hai.

     2.Telecommunications Industry: Telecom industry mein electrical engineers network design, development, aur maintenance mein kaam kar sakte hain.

     3.Electronics Manufacturing: Electronics manufacturing units mein aap electronic components, devices, ya circuits ke design, production, aur testing mein involve ho sakte hain.

    4.Automation and Control Systems: Industries mein automation aur control systems ke development aur maintenance ke liye electrical engineers ki demand hoti hai.


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March 1, 2024

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civil engineering kyu lena chaiye??


 

Civil Engineering:  ek branch hai engineering ka jo infrastructure development, construction, maintenance, aur design se jude kaam karta hai. Ismein buildings, roads, bridges, dams, airports, sewage systems, water supply networks, aur other physical structures ka development aur maintenance hota hai. Civil engineers ki zimmedari hoti hai surety dena ki structures safe, durable, aur environment-friendly ho.

Civil engineering kaafi mahatvapurna hai kyunki ye humare samaj ke vikaas mein ek vital role ada karta hai. Kuch khaas points, Civil Engineering ko lena kyun beneficial hai:

  1. Infrastructure Development:Civil engineers cities aur towns ko develop karne mein madad karte hain. Ismein buildings, roads, bridges, aur other facilities shaamil hote hain, jo ek better quality of life provide karte hain.

2. Environmental Sustainability:

Civil engineers environment-friendly designs develop karte hain taki ecological balance maintain rahe. Unka focus hota hai renewable energy aur sustainable practices par.

3. Public Safety:

Civil engineers structures ko design aur construct karte hain, keeping in mind public safety ko. Ye buildings aur bridges ko natural disasters jaise earthquakes, floods, ya hurricanes se resistant banata hai.


4. Job Opportunities:

Civil engineering mein kaafi job opportunities hote hain. Government, private, aur construction companies mein civil engineers ki demand hoti hai.


5. Creativity aur Innovation:

Civil engineering mein creative aur innovative solutions develop karne ka scope hota hai. Large-scale projects ko plan karke implement karne mein challenges aur opportunities milte hain.

6. Nation Building:

Civil engineering ek desh ke vikaas mein instrumental role play karta hai. Critical infrastructure projects se ek strong aur progressive nation ki building hoti hai.

7. Challenging aur Rewarding Career:

Civil engineering ka career challenging hota hai, lekin sahi tarike se execute kiya gaya project completion aur public benefit ke through rewarding bhi hota hai.

Ismein academic knowledge ke saath, practical experience aur problem-solving skills bhi kaafi mahatvapurna hote hain. Civil engineering mein successful hone ke liye patience, perseverance, aur teamwork bhi zaroori hai.

Yeh kuch reasons hain jinke liye Civil Engineering ek promising career option ho sakta hai. Lekin ye zaroori hai ki aap apne interests, strengths, aur goals ke according apna career path choose karein.


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Feb. 18, 2024

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Hair problem : गंजेपण सें बचाऐगी ये तीन चिजे, हेअरफॉल की परीक्षणी होगी दूर.


 

hair हम सभी आजकल की खराब लाइफस्टाइल में पोषण की कमी की वजह से हर कोई हेयरफॉल से परेशान है. महिला हो या पुरुष... हर किसी को आजकल हेयरफॉल की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि एक दिन में लगभग 100 बाल गिरना सामान्य होता है लेकिन अगर आपके इससे अधिक बाल गिरते हैं तो इसका मतलब है कि आप हेयरॉफल की समस्या से ग्रसित हैं जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं.

      

शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी, मेडिकल इश्यू, हार्मोनल बदलाव और तनाव इसका कारण हो सकते हैं. यहां हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जो आपकी इस समस्या को दूर रखने में आपकी मदद कर सकते हैं. अगर आप चाहते हैं कि बाल की सेहत अच्छी बनी रहे तो अपनी डाइट में इन्हें शामिल कर लीजिए.

हरी सब्जियां :

अगर आप रोजाना हरी सब्जियां खाएंगे तो आपके बाल मजबूत और सुंदर बनेंगे जिसका कारण है कि इनमें आयरन और जरूरी विटामिन्स होते हैं. आयरन की कमी की वजह से बाल झड़ते हैं. बालों को आयरन की जरूरत होती है. इसकी वजह से कई जरूरी पोषक तत्वों को बालों की जड़ों तक पहुंचने में मुश्किल होती है इसलिए हेल्दी और स्ट्रॉन्ग बालों के लिए हरी सब्जियों का सेवन जरूरी है. पालक, मेथी, केल और ब्रोकली जैसी हरी सब्जियों को अपने आहार का हिस्सा जरूर बनाइए.

अंडा :

अंडा प्रोटीन का बहुत अच्छा सोर्स है जो बालों के लिए जरूरी होता है. हर रोज अंडा खाने से शरीर को खूब प्रोटीन मिलता है जो बालों को मजबूती प्रदान करता है. इसलिए हेयरफॉल का सामना कर रहे लोगों को इसे नियमित रूप से खाना चाहिए. अगर आप अंडा नहीं खाते हैं तो फिर अपनी डाइट में टोफू, सोयाबीन, पनीर और ड्राई फ्रूट्स जैसी चीजों को शामिल कीजिए.

विटामिन सी

हेयरफॉल रोकने और बालों की ग्रोथ के लिए खट्टे फलों को शामिल करना भी जरूरी है क्योंकि इनमें बालों के लिए जरूरी विटामिन सी होता है. यह आयरन को एब्जॉर्ब करने का काम करता है और बालों को कई पोषक तत्व भी प्रदान करता है. नींबू, संतरा, मौसमी, कीवी जैसे फलों को अपने खाने में शामिल कर लीजिए. इससे आपके बालों के साथ स्किन भी चमकदार बनेगी.

 


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Feb. 17, 2024

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Car driveing : कार कशी चालवायची आणि तिला जास्त काळ कस टिकवायचं हे सर्व कही जाणून घ्या.,?


 (gadciroli.)

: साधारणपणे नवीन कार खरेदी करताना सुरक्षितता, फीचर्स, परफॉर्मन्स अशा गोष्टी विचारात घेतल्या जातात. पण, भारतीय ग्राहक मायलेजला सर्वाधिक महत्त्व देतात, असं म्हटल्यास चुकीचं ठरणार नाही.

कारण, इंधनाच्या वाढलेल्या दरांचा आपल्या खिशावर परिणाम होतो. त्यामुळे प्रत्येकाला आपल्या कारला जास्तीत जास्त मायलेज मिळावं असं वाटतं. बऱ्याच वेळा ज्ञानाच्या अभावामुळे आपण आपल्या कारवर असे प्रयोग करतो ज्याचा कारच्या मायलेजवर विपरित परिणाम होतो. परिणामी, गाड्या काहीशा जुन्या झाल्या की त्यांचं मायलेज खूपच कमी होतं. हे टाळण्यासाठी काही गोष्टी लक्षात ठेवणं गरजेचं आहे. 'टीव्ही 9 भारतवर्ष'ने याबाबत वृत्त प्रसिद्ध केलं आहे.

गाडीचा वेग नियंत्रित करण्यासाठी आपण अ‍ॅक्सलरेटरचा वापर करतो. जर अ‍ॅक्सलरेटरच्या वापरात चूक केली तर कारच्या मायलेजवर परिणाम होऊ शकतो. कार सुरू केल्यानंतर लगेच तिचा वेग वाढवल्यास मायलेज कमी होऊ शकतं. कारचे मायलेज कमी होणं म्हणजे पेट्रोल/डिझेल/सीएनजीचा वापर वाढतो. इंधनाचा वापर वाढल्यामुळे तुमच्या खिशावर आर्थिक ताण येईल.

जेव्हा आपण कार सुरू करतो तेव्हा इंजिन थंड असतं. थंड असलेलं इंजिन जास्त आरपीएमवर चालवल्यास फ्रिक्शन (घर्षण) वाढतं. घर्षण वाढल्यामुळे कारचं मायलेज कमी होते. त्यामुळे कार सुरू केल्यानंतर काही मिनिटं गाडी कमी वेगाने चालवा म्हणजे इंजिन हळूहळू गरम होईल. इंजिन गरम झाल्यावर हळूहळू अ‍ॅक्सलरेटर दाबा.

इंजिन ऑईल : काही लोक वेळच्यावेळी कारचं सर्व्हिसिंग करत नाहीत. त्यामुळे खराब झालेलं इंजिन ऑईल दीर्घकाळ कारमध्येच राहतं. अशा इंजिन ऑईलमुळे फ्रिक्शन वाढतं आणि मायलेज कमी होतं.

 टायर प्रेशर कारच्या टायरमध्ये हवेचा दाब सतत कमी असेल तर फ्रिक्शन वाढतं. यामुळेही कारचं मायलेज कमी होतं.

फॅन्सी अ‍ॅक्सेसरीज: अनेकदा आपण हौस म्हणून कारला फॅन्सी अ‍ॅक्सेसरीज लावतो. या फॅन्सी अ‍ॅक्सेसरीजमुळे देखील मायलेजवर परिणाम होतो. त्यामुळे गाडीचं वजन वाढू शकतं आणि त्याचा परिणाम मायलेजवर होऊ शकतो.


- कार सुरू केल्यानंतर 30 सेकंद थांबा.
- अ‍ॅक्सलरेटर हळूच दाबा आणि कारचा स्पीड हळूहळू वाढवा.
- इंजिन गरम होईपर्यंत कमी आरपीएमवर कार चालवा.

जर तुम्ही वर नमूद केलेल्या सर्व गोष्टी लक्षात ठेवल्या तर तुमच्या कारचं मायलेज कमी होण्याऐवजी वाढेल आणि इंधनाचा खर्चही कमी होण्यास मदत होईल.


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Sept. 14, 2023

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सरकारी शाळांच्या खाजगीकरण व पदभरतीतील भ्रष्टाचार विरोधात मुव्हमेंट फॉर जस्टीस चा एल्गार*


 

गडचिरोली: राज्यातील सर्व सरकारी शाळा खाजगी उद्योजकांना हस्तांतरित करण्याच्या राज्य सरकारच्या निर्णयाला व राज्यातील पदभरती मधील भ्रष्टाचाराला गडचिरोली जिल्ह्यातील नागरिकांनी प्रचंड विरोध दर्शवला असून लवकरच मोठे जण आंदोलन उभारण्यासाठी आज मुव्हमेंट फॉर जस्टीस च्या पुढाकाराने संविधान सभागृहात महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करण्यात आली.

 सदर बैठकीमध्ये विविध सामाजिक संघटना, शिक्षक संघटना व राजकीय पक्ष प्रतिनिधी  उपस्थित राहून सरकारच्या या जनविरोधी धोरणा विरुद्ध तीव्र संताप व्यक्त करून जिल्ह्यामध्ये  व्यापक जन आंदोलन उभे करण्याचे सर्वानुमते ठरवण्यात आले.

 राज्यातील सरकारी शाळा उद्योजकांना हस्तांतरित करणे म्हणजे राज्यातील गोर गरीब शेतकरी, कामगार, बहुजन विद्यार्थ्यांना शिक्षणापासून वंचित ठेवण्याचा डाव आहे आणि वयाच्या चौदाव्या वर्षापर्यंत मुलांना मोफत व सक्तीचे शिक्षण देणे या संविधानाने दिलेल्या मूलभूत अधिकारांचे हे हनन आहे. तसेच राज्यातील पदभरती मध्ये होणाऱ्या भ्रष्टाचारामुळे, अवाढव्य परीक्षा फी मुळे, व जिल्ह्यातील विद्यार्थ्यांची परीक्षा जिल्ह्यात न घेता बाहेर जावे लागत असल्यामुळे  हा जिल्ह्यातील युवकांवर मोठा अन्याय आहे. व या बाबीचा विरोध मोठ्या प्रमाणात झाला पाहिजे अशा भावना यावेळी सर्व कार्यकर्त्यांनी  व्यक्त केल्या.

 सभेचे प्रास्ताविक राज बनसोड यांनी, तर आभार विनोद मडावी यांनी केले.
यावेळी मुव्हमेंट फॉर जस्टीस चे रोहिदास राऊत, शेकापचे रामदास जराते, सीपीआयचे डॉ. महेश कोपुलवार, देवराव चौरे , अनिसचे विलास निंभोरकर, रिपब्लिकन पक्षाचे प्रकाश दुधे, हंसराज उंदीरवाडे, राष्ट्रवादीचे संजय कोचे, BRSP चे प्रितेश अंबादे, आदिवासी विकास परिषदेचे विनोद मडावी, कुणाल कोवे, बादल मडावी, गोंडवाना पार्टीचे प्रशांत मडावी, सामाजिक कार्यकर्ते गुलाबराव मडावी, राहुल बनकर, सुधीर वालदे, परमेश्वर गावडे, लहू रामटेके, प्रतीक डांगे, सुधा चौधरी, उमेश गावळे आदी कार्यकर्ता उपस्थित होते.

दि. 14 सप्टेंबर 2023


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Sept. 8, 2023

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Mobaile use :- Of course if you want to keep your mobile phone safe then know these tips otherwise the mobile phone will be damaged.


 

welcome to reality :- Certainly! Here are some mobile phone usage tips to help you use your device more effectively and responsibly:

 1. Limit Screen Time:   Try to limit your screen time, especially on social media and entertainment apps, to prevent excessive phone use.

 2. App Permissions:    Review and manage app permissions to protect your privacy. Only grant necessary permissions to apps.

3. Update Regularly:  Keep your phone's operating system and apps up to date to ensure security and performance improvements.

4. Backup Data:  Regularly back up important data, photos, and contacts to prevent data loss.

5. Battery Management: Optimize battery life by adjusting screen brightness, using battery saver mode, and closing unused apps.

6. Use Secure Passwords/PINs:  Ensure your phone is locked with a strong password, PIN, or biometric authentication (e.g., fingerprint or face recognition).

7. Install Antivirus: Consider installing reputable antivirus software to protect your device from malware and viruses.

8.Data Usage Monitoring:  Set data limits and monitor your data usage to avoid exceeding your plan's limits.

9. Wi-Fi Security: When using public Wi-Fi, use a VPN (Virtual Private Network) for added security.

10. Parental Controls: If applicable, set up parental controls to manage and restrict content for children's devices.

11. Avoid Distractions: Use the "Do Not Disturb" mode or app blockers to minimize distractions during work or study hours.

12. Safe Driving:  Never use your phone while driving. Use hands-free options or pull over if you need to use your device.

13. Regularly Clear Cache:  Clear app caches to free up storage space and improve performance.

14. Secure Personal Information:  Be cautious when sharing personal information online and be aware of phishing attempts.

15. App Deletion:  Uninstall apps you no longer use to declutter your device and improve performance.

16. Privacy Settings:  Review and adjust privacy settings for apps and services to control what information they can access.

17. Screen Timeout:  Set a short screen timeout to save battery when your phone is not in use.

18. Offline Mode:  Use airplane mode or turn off data when you don't need internet access to save battery.

19. Screen Protectors and Cases:  Protect your phone from physical damage with screen protectors and sturdy cases.

20. Respect Others:20. **Respect Be mindful of your surroundings and avoid loud or disruptive phone usage in public places.

By following these tips, you can make the most of your mobile phone while maintaining security, privacy, and responsible usage

Thank you

 


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Sept. 5, 2023

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बसल्या बसल्या पाय हलवणे चांगले की वाईट जाणून घ्या.


 

gadciroli news 5/9/2023: अनेक लोकांना बसल्या बसल्या पाय हलवण्याची, पायाची बोटं हलवण्याची सवय असते. अशा हालचालींना इंग्लिशमध्ये 'फिजिटिंग' म्हटलं जातं. या सवयी चांगल्या नसतात असे काहींचे म्हणणे असते.

मात्र, तज्ज्ञांनी म्हटले आहे की ही सवय आरोग्यासाठी चांगलीच ठरते! विशेषतः वजन घटवण्यासाठी बसल्या बसल्या अशा हालचाली करणे लाभदायक ठरते.

फिजिटिंगकडे पूर्वी बघण्याचा द़ृष्टिकोन वेगळा होता; पण आता त्याकडे बघण्याची द़ृष्टी बदलली आहे. यासंबंधी झालेल्या नवीन संशोधनातून समोर आलंय की चंचलता आपल्याला निरोगी ठेवण्यात, वजन आटोक्यात ठेवण्यात आणि आपला स्ट्रेस मॅनेज करण्यात आयुष्यभर मदत करते. लीडस् विद्यापीठात न्युट्रिशनल डिसीज तज्ज्ञ असणार्‍या जॅनेट केड यांनी सांगितले, "जर तुम्ही एकाच ठिकाणी स्थिर बसून राहात असाल तर ते चांगलं नाही.

जर तुम्ही बसलेले असताना हालचाल करत असाल तर ते तुमच्या आरोग्यासाठी चांगलं आहे." फिजिटिंग म्हणजे दडपण घेणं, बेचैन असणं असं सहसा समजलं जातं; पण इप्सेन फाऊंडेशनचे अध्यक्ष आणि मेयो क्लिनिकमध्ये मेडिसिनचे प्रोफेसर जेम्स लेवाईन यांचं म्हणणं आहे की शरीराच्या एका भागाची एका लयीत होणारी हालचाल मेंदूतून नियंत्रित केली जाते. तज्ज्ञांच्या मते, फिजिटिंग अनेक कारणांमुळे होऊ शकतं. एक म्हणते तुमची नेहमीची सवय असू शकते किंवा कधी कधी तुम्हाला कुठला तरी आजार झाला असला असल्याची शक्यता असते. आणखी एक शक्यता अशी आहे की तुमचं फिजिटिंग तुम्हाला फायदेशीर ठरू शकतो.

जगभरात 1975 पासून आतापर्यंत लठ्ठ लोकांच्या लोकसंख्येत तिप्पट वाढ झाली आहे. याचं एक महत्त्वाचं कारण म्हणजे बैठी जीवनशैली. यामुळे आपल्या शरीराचं मेटॅबोलिझम म्हणजेच चयापचय क्रिया मंदावतं. यामुळे आपल्या रक्तातल्या साखरेची पातळी रक्तदाब नियंत्रित करण्याची क्षमता प्रभावित होते. यामुळे आपल्या शरीरातील चरबीही काम करू शकत नाही; पण आता याचे पुरावे मिळालेत की फिजिटिंगमुळे आपलं वजन आटोक्यात राहण्यात मदत होते. कारण यामुळे आपण एका जागी स्वस्थ न बसता हालचाल करत असतो.

 


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Sept. 5, 2023

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सावधान! तरुणांमध्ये वाढतोय कॅन्सर चा धोका '. जाणून घ्या कारण


 

 गडचिरोली न्युज 5 /9/2023: कॅन्सरबाबत एका अभ्यासात एक धक्कादायक खुलासा झाला आहे. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ ऑन्कोलॉजी) मध्ये प्रकाशित झालेल्या एका अभ्यासात असे आढळून आले आहे की गेल्या तीन दशकांमध्ये जागतिक स्तरावर 50 वर्षांखालील लोकांमध्ये कॅन्सरच्या नवीन प्रकरणांमध्ये 79% वाढ झाली आहे.


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Sept. 4, 2023

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Teacher day 2023: 05 सितम्बर को ही क्यो मनाया जाता है शिक्षक दिवस? पढे इसका इतिहास और इसका महत्व.


 

Teachers Day 2023: अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने वाले गुरु को भगवान का दर्जा दिया जाता है. हमारे जीवन में गुरु का बड़ा महत्व है. भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teachers Day)मनाया जाता है. यह देश के पहले उपराष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति, विद्वान, दार्शनिक और भारत रत्न से सम्मानित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिनका जन्म 05 सितंबर 1888 को हुआ था.

शिक्षक दिवस पर देश में शिक्षकों के अद्वितीय योगदान को प्रोत्साहित और उन सभी शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण के माध्यम से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है बल्कि अपने छात्रों के जीवन को भी समृद्ध बनाया है. 

पहली बार कब मनाया गया था शिक्षक दिवस?


दरअसल, डॉ. एस राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को हुआ था. सन 1962 में जब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला, तो उनके छात्र 5 सितंबर को एक विशेष दिन के रूप में मनाने की अनुमति मांगने के लिए उनके पास पहुंचे. इसके बजाय, उन्होंने समाज में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को स्वीकार करने के लिए 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का अनुरोध किया. डॉ. राधाकृष्णन ने एक बार कहा था कि "शिक्षकों को देश में सर्वश्रेष्ठ दिमाग वाला होना चाहिए." 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

 

शिक्षक दिवस का महत्व


5 सितंबर को स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है. छात्र अपने प्रिय शिक्षकों के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त करने के लिए प्रदर्शन, नृत्य और विस्तृत शो जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित करते हैं. यहां तक कि उन लोगों के लिए भी जो अब स्कूल या कॉलेज में नहीं हैं, शिक्षक दिवस अपने गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करने और शिक्षकों के उनके जीवन पर पड़े गहरे प्रभाव को स्वीकार करने का एक उत्कृष्ट अवसर है. शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव हैं और अक्सर अपने छात्रों की सफलता पर गर्व करते हैं.

थँक क्यू....

 


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Sept. 4, 2023

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टीव्ही पाहिल्याने गंभीर आजार होऊ शकतात. टीव्ही पाहणे कमी केले नाही तर या आजाराला आमंत्रण द्यावे लागेल.Watching TV can cause serious diseases. If you don't cut down on watching TV,


 

welcome to reality: नमस्कार मित्रानो तुम्हाला माहिती आहे काय आपण हर रोज दिवसातून 3 ते 4 तास टीव्ही पाहतो . पण आपल्याला नाही माहिती की जास्त वेळ टीव्ही पाहण्याचे खूप  मोठे तोटे होऊ शकतात.चला तर मग आज या छोट्याशा  ब्लॉग मध्ये थोडक्यात जाणून घेऊ.  अशाच नवनवीन ब्लॉग वाचन्यासाठी.... नक्की फॉलो  करा..

टीव्ही पाहण्याचे तोटे काय आहेत? 

1. वेळ वाया घालवणे: जास्त टीव्ही पाहण्याने तुमचा वेळ वाया जाऊ शकतो, ज्याचा उपयोग उत्पादक कामासाठी केला जाऊ शकतो.

2. अशक्तपणा: जास्त वेळ टीव्ही पाहिल्याने तुम्ही शारीरिकदृष्ट्या निष्क्रिय होऊ शकता, ज्यामुळे अशक्तपणाचा धोका वाढू शकतो.

3. लठ्ठपणा: टीव्ही पाहण्याने तुमची शारीरिक हालचाल कमी होते आणि त्यामुळे लठ्ठपणा येऊ शकतो.

5. झोपेची समस्या: टीव्ही पाहिल्यानंतर रात्री झोपणे कठीण होऊ शकते, कारण टीव्हीचा निळा प्रकाश मेलाटोनिनचे उत्पादन कमी करू शकतो.

6. तणाव आणि चिंता: नकारात्मक किंवा तणावपूर्ण टीव्ही सामग्री पाहण्यामुळे तणाव आणि चिंता होऊ शकते.

4. विचलित: टीव्ही पाहताना, तुमचे लक्ष दुसरीकडे वळवले जाऊ शकते, ज्यामुळे तुमचे वाचन आणि काम प्रभावित होऊ शकते.

7. सामाजिक संवाद कमी होणे: जास्त टीव्ही पाहण्याने सामाजिक संवाद कमी होऊ शकतो, ज्यामुळे परस्पर संबंधांवर परिणाम होऊ शकतो.

8. अंमली पदार्थांचे व्यसन: टीव्हीवर दाखवले जाणारे पदार्थांचे सेवन किंवा व्यसनाचे शो तुमच्या मुलांवर परिणाम करू शकतात.

9. व्यायामाचा अभाव: टीव्ही पाहण्यामुळे तुम्ही व्यायाम आणि शारीरिक तंदुरुस्तीकडे दुर्लक्ष करू शकता.

10. आपण अभ्यासात आहोत: जर आपण टीव्ही पाहताना अभ्यासाकडे किंवा कामाकडे दुर्लक्ष केले तर ते आपल्याला अभ्यासात आणू शकते.

हे तोटे टाळण्यासाठी, तुम्ही टीव्ही पाहण्याचे प्रमाण आणि योग्य वेळी टीव्ही पाहण्याचे प्रमाण मर्यादित ठेवावे.

 धन्यवाद....


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Sept. 4, 2023

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( ladli bahna yojana ) लाडली बेहना योजना के अंतर्गत अब 21 से 23 वर्ष की महिलाओं को भी मिलेगा पैसा.


 

Ladli Behna Yojana:  लाड़ली बहना योजना की चौथी किस्त 10 सितंबर को सभी पात्र महिलाओं के ख़ातो मैं ट्रांसफ़र की जायेगी, और इस बार दूसरे चरण की पात्र महिलाओं को भी किस्त का पैसा मिलेगा, पहले चरण की महिलाओं कि यह चौथी किस्त हैं और दूसरे चरण की महिलाओं कि पहली किस्त हैं, जो 1250 रुपए की जारी कि जाएगी।

दोस्तों जैसा कि आपको पता हैं लाड़ली बहना योजना के अन्तर्गत हर माह की 10 तारीख़ को योजना की किस्त ट्रांसफ़र की जाती हैं, पहले चरण की महिलाओं को 27 अगस्त यानी रक्षाबंधन से 3 दिन पहले 250 रुपए डाल दिये गये थे, और आप पहले चरण की महिलाओं को मात्रा 1000 रुपए चौथी किस्त मैं मिलेगे।

मध्यप्रदेश लाड़ली बहना योजना मैं अब बहनों के खाते मैं हर महीने 1250 रुपए डाले जायेगी, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 27अगस्त को कर दी है, दूसरे चरण मैं 21 से 23 और ट्रेक्टर मलिक परिवार की महिलाओं को आवेदन करने का मौक़ा दिया गया था, और अब वह महिलायें भी योजना का लाभ ले सकती हैं।

लाड़ली बहना योजना चौथी किस्त कब डाली जाएगी?

जैसा कि सभी महिलाओं को भली भाती पता हैं लाड़ली बहना योजना की किस्त हर माह की 10 तारीख़ को डाली जाता हैं, उसी के अनुसार चौथी किस्त को योजना के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के दुवारा डाली जाएगी, जिसका सभी महिलाओं को इंतज़ार हैं, अब इस माह से दूसरे चरण की महिलाओं को भी पैसा मिलेगा।

अब 21 से 23 वर्ष की महिलाओं को भी मिलेगा पैसा

लाड़ली बहना योजना का लाभ लेने के लिये काफ़ी लंबे समय से इंतज़ार कर रही दूसरे चरण की महिलाओं का इंतज़ार अब ख़त्म होने को हैं, और अब उन्हें पहली किस्त का पैसा 10 तारीख़ को मिलेगा इस माह की जिसकी घोषणा की जा चुकी हैं, परंतु आपको उसके पहले योजना की अंतिम सूची मैं अपना नाम देख लेना चाहिए।

दूसरे चरण की महिलायें 10 सितंबर से पहले यह ज़रूर काम कर ले।

अगर आपने भी योजना के दूसरे चरण मैं आवेदन किया हैं तब आपको 10 सितंबर से पहले एक ज़रूरी काम कर लेना चाहिए, आपको योजना की अंतिम सूची को 31 अगस्त को जारी की गई मैं अपना नाम देखना हैं अगर आपका नाम इस सूची मैं हैं तभी आपको योजना का लाभ दिया जाएगा अन्यथा आपको इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।


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Sept. 3, 2023

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मोदी सरकारची ही नवीन योजना. एका अप ने बनू शकता करोडपती. जाणून घ्या सविस्तर.


 

3 सप्टेंबर 2023 मोदी सरकारची नवीन योजना.जाणून घ्या सविस्तर.

हॅलो  मित्रानो तुम्ही तुमच्या मोबाईलमध्ये एक अॅप इस्टॉल करुन लखपती होऊ शकता. हे सरकारी अॅप आहे, यावरुन तुम्हाला फक्त तुम्ही व्यवहार केलेल्या बिलाचा फोटो अपलोड करायचा आहे. तुम्ही 'मेरा बील, मेरा अधिकार' या अॅप बद्दल ऐकलं असेल.

Google Play store वर 'मेरा बिल मेरा अधिकार' हे अॅप सर्च करुन तुमच्या मोबाइलवर डाऊनलोड करा. मोदी सरकारची ही नवीन योजना आहे, यामध्ये तुम्ही २०० रुपयांच्या GST बिलासह 50000 हजार रुपये जिंकू शकता.

तुम्‍ही 'मेरा बिल मेरा अधिकार' लकी ड्रॉचे विजेते झाल्‍यास, तुम्‍हाला ३० दिवसांच्‍या आत अॅपवर पॅन क्रमांक, आधार कार्ड क्रमांक आणि बँक खाते तपशील द्यावा लागेल. यानंतर, बक्षिसाची रक्कम तुमच्या बँक खात्यात जमा होईल.

3 सप्टेंबर २०२३ रोजी केंद्रातील मोदी सरकारने 'मेरा बिल मेरा अधिकार' ही योजना सुरू केली. यामध्ये भारतातील सर्व नागरिक सहभागी होऊ शकतात. योजनेअंतर्गत अनेक लकी ड्रॉ काढण्यात येणार आहेत. यामध्ये किमान २०० रुपयांच्या बिलाचा फोटो अपलोड करून जास्तीत जास्त 50000 हजार रुपये जिंकता येतील.

ही योजना आसाम, गुजरात, हरियाणा, महाराट्र आणि केंद्रशासित प्रदेश पुद्दुचेरी, दादरा नगर हवेली आणि दमण आणि दीवसाठी सुरू करण्यात आली आहे. ही योजना एक वर्षासाठी सुमारे १२ महिने सुरू राहणार आहे.

या योजनेअंतर्गत दर तीन महिन्यांनी दोन बंपर बक्षिसे काढली जातील. याची कमाल किंमत एक कोटी रुपये असेल. तसेच १० लाख रुपयांचे मासिक १० लकी ड्रॉ काढले जातील. १०,००० रुपयांचे तेच ८०० मासिक लकी ड्रॉ काढले जाणार आहे.

बील असं अपलोड करा

अगोदर तुम्हाला 'मेरा बिल मेरा अधिकार' अॅप डाउनलोड करावे लागेल. यानंतर तुम्हाला तुमच्या बिलाचे इनव्हॉइस अपलोड करावे लागेल.
यासाठी तुम्हाला My Invoice या पर्यायावर जावे लागेल, जिथे तुम्हाला कॅमेरा, गॅलरी आणि PDF असे तीन पर्याय मिळतील. तुम्ही बिल इनव्हॉइस फोटो, गॅलरी किंवा पीडीएफ फॉरमॅटमध्ये अपलोड करू शकाल. यानंतर, तुमच्या बिलाचे सर्व तपशील जसे की CGST, SGST आणि इतर व्यवहार तपशील त्यात भरा. यानंतर सबमिट इनव्हॉइस वर क्लिक करावे लागेल. तुम्हाला बदल करायचा असल्यास त्यात बदल करू शकता. यानंतर अपलोड केले जाईल. आणि ARN जनरेट होईल.

यात तपशीलांसह NRN माय इनव्हॉइस विभागात उपलब्ध असेल. बक्षीस जिंकण्यासाठी वापरकर्त्यांना हार्ड कॉपी सुरक्षित ठेवावी लागेल.

Thank you 


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Sept. 2, 2023

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500 rupee notes : रातोरात तुमचे नशीब बदलेल. ही 500 रुपयांची नोट घरबसल्या मिडतील 78 लाख रुपये. जाणून घ्या सविस्तर...


 

500 rupee note: अनेकांना जुन्या नोटा आणि जुनी नाणी जमा करण्याचा छंद असतो. जर तुम्हालाही असा छंद असेल तर तुम्ही सहज तब्बल 78 लाख रुपयांची कमाई करू शकता. ते देखील घरबसल्या आणि कोणत्याही शारीरिक कष्टाशिवाय.

जागतिक बाजारपेठेत अशा अनेखासियक वेबसाइट आहेत ज्या जुन्या नोटा आणि जुनी नाणी घेतात. जर तुमच्याकडे 500 रुपयांची नोट असेल तर तुमचे देखील रातोरात नशीब बदलू शकेल. त्यासाठी तुम्हाला काही नियम आणि अटी मान्य कराव्या. लागतील. जाणून घ्या सविस्तर माहिती.

आता तुम्ही जुन्या नोटा आणि नाण्यांच्या मदतीने कधीही कुठूनही चांगली कमाई करू शकता. त्यासाठी फक्त तुमच्याकडे फक्त जुनी दुर्मिळ नोट असणे गरजेचे आहे. सध्या 500 रुपयांच्या नोटांच्या बदल्यात लाखो रुपये कमावता येत आहेत. अशा परिस्थितीत आता जर तुमच्याकडे 500 रुपयांची नोट असल्यास तर तुम्ही या नोटेतून 78 लाख रुपये सहज घरबसल्या कमवू शकता.

हे लक्षात घ्या की जागतिक बाजारपेठेत अशा अनेक वेबसाइट आहेत ज्या जुन्या नोटा खरेदी करत आहेत. समजा आता तुमच्याकडे 500 रुपयांची नोट असल्यास तर तुम्हाला त्याच्या बदल्यात 78 लाख रुपये मिळतील. तुमच्यासाठी ही एक चांगली संधी आहे, परंतु आता तुम्ही ही संधी गमावली तर तुम्हाला पश्चाताप करावा लागेल. जाणून घ्या नोट विकण्यापूर्वी तिची सर्व वैशिष्ट्य.

खासियत

समजा तुमच्याकडे 500 रुपयांची खास नोट असल्यास आता तुम्ही या नोटेतून सहज लाखो रुपयांची कमाई करू शकता. काही अटींसह नोटेचे मूल्यही वाढते. या नोटेच्या वैशिष्ट्याबद्दल सांगायचे झाले तर, या नोटमध्ये 786 क्रमांक लिहिला असावा. जे फार कमी नोटेमध्ये असते.सर्वात महत्त्वाचे म्हणजे हा आकडा खूप लकी असल्यामुळे या नोटेची जास्तीत जास्त किमतीत खरेदी केली जाते.

786 म्हणजे काय?

या 786 नंबरमध्ये असे काय आहे ज्यामुळे नोट मौल्यवान आहे, असा जर तुम्ही विचार करत असाल तर हे लक्षात घ्या की मुस्लिम धर्मात 786 क्रमांकाचे खूप महत्त्व आहे. कारण 786 क्रमांक घरात सुख-समृद्धी आणत असल्याने ही नोट 78 लाख रुपयांना विकली जात आहे. आता तुमच्याकडे 786 क्रमांकाच्या तीन नोटा असल्यास तुम्ही ही नोट 78 लाख रुपयांना सहज विकू शकता.

सर्वात महत्त्वाची बाब म्हणजे ही नोट विकण्यासाठी तुम्हाला कुठेही जाण्याची गरज पडणार नाही. कारण आता तुम्ही घरबसल्या या नोटेची विक्री शकता. यासाठी तुम्हाला eBay वेबसाइटवर जावे लागणार आहे. या ठिकाणी तुम्हाला या नोटेचा फोटो ज्या ठिकाणी अपलोड करावा लागणार आहे तेथे गेल्यानंतर ग्राहक नोट खरेदी करण्यासाठी आपोआप कनेक्ट होतील.

Thank you..

 


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Sept. 2, 2023

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यंदाच्या कमी पाऊसमानाचा गंभीर फटका महाराष्ट्र राज्याला पावसामुळे वीज निर्मितीचा वेग मंदावला?This year's low rainfall has seriously affected the state of Maharashtra.


महाराष्ट्र :

यंदाच्या कमी पाऊसमानाचा (rain)गंभीर फटका राज्याला बसण्याची चिन्हे आहेत. पावसामुळे वीज निर्मितीचा वेग मंदावला आहे. यामुळे वीजेची निर्मिती व पुरवठा यात मोठी तफावत निर्माण आहे. परिणामी, राज्यावर आपत्कालीन लोडशेडिंग म्हणजे भारनियमन करण्याची वेळ आली आहे. राज्यातील नागरिकांना दररोज अर्धा ते 2 तासांच्या भारनियमनाला सामोरे जावे लागणार आहे. एका मराठी वृत्तवाहिनीने यासंबंधीचे वृत्त दिले आहे.

यंदा राज्यात कमी पाऊसमान झाले आहे. त्यामुळे वीजेच्या मागणीत मोठी वाढ झाली आहे. ही मागणी पूर्ण करण्यात महावितरणला अपयश येत आहे. त्यामुळे राज्यातील काही ठिकाणी अर्धा ते 2 तासापर्यंतचे भारनियमन सुरू करण्यात आले आहे. कमी पाऊसमानामुळे शेतकऱ्यांकडून सिंचनासाठी होणारा पाण्याचा उपसा वाढला आहे. परिणामी वीजेची मागणी वाढून तुटवडा निर्माण झाला आहे. त्यामुळे राज्यात आपत्कालीन लोडशेडिंग करण्यात येत आहे, अशी माहिती महावितरणच्या एका अधिकाऱ्याने दिली. राज्यात काही भागात अर्धा तास ते 2 तासांपर्यंत लोडशेडिंग केली जात आहे. वीजेची वाढीव मागणी कमी झाली किंवा पाऊस झाला, तर लोडशेडिंग आपसूकच बंद होईल, असे या अधिकाऱ्याने सांगितले.

दुसरीकडे महाजेनकोने कमी पावसामुळे औष्णिक वीज केंद्रातील अनेक युनिट देखभालीसाठी बंद ठेवली आहेत. यामुळे वीजेची मागणी व पुरवठ्यात तब्बल 2 ते 3 हजार मेगावॅटचा तुटवडा निर्माण झाला आहे. महावितरणने या समस्येचा निपटारा करण्यासाठी काही फिडरवर अचानक लोडशेडिंग सुरू केले. नागपूर जिल्ह्यातील अनेक भागांत बुधवारी भारनियमन करण्यात आले. त्यानंतर गुरुवारी स्थितीत काहीशी सुधारणा झाली. पण अमरावती विभागातील काही भागांत गुरुवारीही वीज कपात करण्यात आली आहे.

मागणी पुरवठ्यातील तुटवडा वाढला

महावितरणच्या माहितीनुसार, सद्यस्थितीत वीजेची कमाल मागणी 26 हजार मेगावॅटपेक्षा जास्त वाढली आहे. सामान्यतः ऑगस्ट महिन्यात होणाऱ्या पावसामुळे कृषी क्षेत्रातील विजेची मागणी कमी होते. पण यंदा ही मागणी कमी झाली नाही. उलट वाढत्या उकाड्यामुळे एसी, कुलर अजून सुरू आहेत. त्यामुळे वीजेची मागणी वाढली आहे, असे महावितरणाच्या अधिकाऱ्यांनी सांगितले आहे

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Sept. 1, 2023

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अवाढव्य वीज बिल वाढ  व विभागाकडून होणारा गैरव्यवहार थांबवावा ..*


 

gadciroli   वीज ही प्रत्येक व्यक्तीच्या व्यवहारातील  जीवनावश्यक  बाब झालेली आहे. व ती समाजातील अगदी खालच्या गोरगरीब व्यक्तीपर्यंत पोहोचवणे हे आपल्या विभागाचं व शासनाचे काम आहे. तथापि महावितरण विभागाकडून सेवेमध्ये अनियमितता, गैरव्यवहार व हयगय  मोठ्या प्रमाणात असल्याचे आढळून येत आहे. विभागाकडून पाठवत असलेल्या मासिक विज बिलामध्ये मोठ्या प्रमाणात धांदली असल्याचे आढळून येत आहे.

प्रत्येकच बिलामध्ये  नियमित आकार, स्थायी आकार, वीज अधिभार ह्या काय भानगडी आहेत व यामुळे वीज बिलामध्ये प्रचंड मोठ्या प्रमाणात वाढ होत आहे. हा गोरगरीबावर एक प्रकारचा अन्याय आहे. सावेला पोटेगाव परिसरात वारंवार विद्युत पुरवठा खंडित होतो व ५-५ दिवस विद्युत येत नाही. त्या परिसरात रोज लाईन जात असून कर्मचारी हे स्थायी राहत नसल्याने , विभागाकडून सुविधा वेळेवर पोचत नाही व त्यामुळे विद्यार्थ्यांचे , गरोदर महिलांचे मोठे नुकसान होते .एवढेच नव्हे तर  नवीन कनेक्शन करिता अर्ज केला असता कार्यालयात मीटर उपलब्ध नाही , मीटर येण्यासाठी एक वर्ष लागेल व त्यामुळे आपण बाहेरून मीटर घ्यावे असे सांगण्यात येते. मग जर खाजगी दुकानांमध्ये मीटर उपलब्ध होत असेल तर आपल्या कार्यालयामध्ये मीटर उपलब्ध का नाही.? आणि जर मीटर उपलब्ध नाही तर आपण डिमांडची रक्कम मीटर सहित का बर घेता ? हा एक गंभीर प्रश्न आहे. तसेच डिमांड भरली असता सुद्धा आपले मीटर लावायला येणारा कर्मचारी हा पुन्हा पाचशे रुपये का घेतो. याचे उत्तर आपण द्यावे. हा भ्रष्टाचाराचा प्रकार आहे. तसेच मीटर साठी अर्ज करताना आपल्या कर्मचाऱ्यांना जर काही विचारणा केली असता ते अरेरावीपणे  बोलतात व योग्य समाधानकारक उत्तर ते देत नाही  असाही आरोप करण्यात आला . याचा अर्थ असा होतो की आपण मुख्य अभियंता म्हणून आपला  वचक  किंवा  नियंत्रण आपल्या विभागातील कर्मचाऱ्यांवर नाही असा त्याचा अर्थ होतो.  वास्तविक पाहता कार्यालयात आलेल्या तक्रारी ३ ते ५ दिवसात सोडवाव्यात असा नियम असून ६-६ महिने व काही समस्या २-२ वर्षापासून प्रलंबित असल्याचे चर्चेत समजले .महिन्याला ७०० मीटर कार्यालयात उपलब्ध होत असून विभागामध्ये ४ ते ५ हजार मीटर साठी अर्ज येतात असे अभियंता यांनी सांगितले . मीटर लावताना कोणतेही खर्च येत नसताना कर्मचारी मात्र ५०० ते १००० रु. मीटर लावायची रक्कम घेत असतात. हा भ्रष्टाचारावर आळा घालण्यात यावा अशीही मागणी मुवेमेंट फॉर जस्टीस ने केली . यावेळी मुवेमेंट फॉर जस्टीस चे समन्वयक विनोद मडावी , राज बन्सोड , रिपब्लिकन पक्षाचे हंसराज उंदिरवाडे, प्रदीप भैसारे, प्रतिक डांगे ,नागसेन खोब्रारागडे, राहुल कुकुडकर ,बादल मडावी, लहूजी रामटेके ,सोमनाथ कुमरे, मधुकर पारसा ,कुणाल मानुसमारे, बाळकृष्ण बांबोले, महेश हलामी , संदीप पोटावी , मोहम्मद कुरेशी , दिनेश नरोटे, सुगंध बांबोले तसेच बहुसंख्य गावकरी उपस्थित होते.


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Sept. 1, 2023

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" चंद्रानंतर आता भारत सूर्यावर जाणार आहे" आदित्य L1 मिशन काय आहे? आणि ते कधी प्रक्षेपित होणार आहे. After the moon, now India will go to the sun. What is Aditya L1 Mission?


 

(Isro)

चंद्राच्या पृष्ठभागावर चांद्रयान-3 (Chandrayaan-3) चं यशस्वी लँडिंग केल्यानंतर, देशाच्या नजरा आता इस्रोच्या सूर्य मोहिमेवर म्हणजेच, आदित्य-एल1 वर आहेत. इस्रोची ही महत्त्वाकांक्षी मोहीम PSLV-XL रॉकेटच्या मदतीनं 2 सप्टेंबर रोजी प्रक्षेपित होणार आहे.

लॉन्च झाल्यानंतर 127 दिवसांनी ते त्याच्या पॉइंट L1 वर पोहोचेल. या टप्प्यावर पोहोचल्यानंतर, आदित्य-L1 सूर्य आणि तेथील परिस्थितीसंदर्भातील अत्यंत महत्त्वाचा डेटा पाठवण्यास सुरुवात करेल.

मिशनच्या लॉन्चिंगपूर्वी इस्रोचे प्रमुख एस सोमनाथ म्हणाले की, 'आदित्य एल-1 मिशन लाँच करण्याची तयारी सुरू आहे. ही मोहीम 2 सप्टेंबर रोजी सकाळी 11.50 वाजता आंध्र प्रदेशातील श्रीहरिकोटा अंतराळ स्थानकावरून लॉन्च केली जाईल. पृथ्वी आणि सूर्य यांच्यातील एक टक्का अंतर कापल्यानंतर आदित्य L-1 या अंतराळयानाला L-1 बिंदूवर घेऊन जाईल. L1 हे सूर्य आणि पृथ्वीमधील एकूण अंतराच्या एक टक्का आहे, म्हणजेच 15 लाख किलोमीटर, तर सूर्यापासून पृथ्वीचं अंतर 15 कोटी किलोमीटर आहे.

इस्रोचे प्रमुख पुढे बोलताना म्हणाले की, आदित्य एल-1 मिशन ही सूर्याचं निरीक्षण करणारी इस्रोची पहिली डेडिकेटेड अंतराळ मोहीम असणार आहे. प्रक्षेपणाची तयारी अंतिम टप्प्यात पोहोचली आहे. रॉकेट आणि उपग्रह तयार आहेत. प्रक्षेपणाची तालीमही पूर्ण झाली आहे. इस्रोचे सर्वात विश्वासार्ह रॉकेट PSLV-C57 आदित्य-L1 ला पृथ्वीच्या लोअर अर्थ ऑर्बिटमध्ये सोडेल. यानंतर, तीन किंवा चार ऑर्बिट मैन्यूवर केल्यानंतर, ते थेट पृथ्वीच्या स्फेयर ऑफ इंफ्लूएंस (SOI) बाहेर जाईल. त्यानंतर क्रूझचा टप्पा सुरू होईल. हा टप्पा जरा जास्त काळा चालेल.

आदित्य-L1 हे हॅलो ऑर्बिटमध्ये (Halo Orbit) समाविष्ट केलं जाईल. जिथे L1 पॉईंट आहे. हा पॉईंट सूर्य आणि पृथ्वी यांच्यामध्ये स्थित आहे. पण सूर्यापासून पृथ्वीच्या अंतराच्या तुलनेत तो फक्त 1 टक्के आहे. या प्रवासासाठी 127 दिवसांचा कालावधी लागणार आहे. हे अवघड मानलं जातं, कारण त्याला दोन मोठ्या ऑर्बिटमध्ये जावं लागतं.

इस्रोच्या आदित्य-L1 मिशनचं वैज्ञानिक उद्दीष्ट काय?

आदित्य-L1 हा अवकाशात सौर वेधशाळा स्थापन करण्याचा भारताचा पहिला प्रयत्न आहे. मुळात आदित्यला पृथ्वीपासून 800 किमी उंचीवर ठेवण्याची योजना होती. पण नंतर एक महत्त्वाकांक्षी प्रस्ताव तयार करण्यात आला आणि आता, आदित्यला Lagrangian पॉईंट L1 जवळ ठेवण्याची योजना आखण्यात आली आहे. म्हणूनच, या मिशनला आदित्य-L1 असं म्हटलं जात आहे. सोलर कोरोनाचे निरीक्षण करणं हाच इस्रोच्या या मोहिमेचा मुख्य उद्देश आहे.

सोलर कोरोना म्हणजे काय? (Stellar Corona)

कल्पना करा की, आपण सौर पृष्ठभागावर उभे आहोत, याला फोटोस्फियर (Photosphere) म्हणतात (सूर्यावर कोणताही 'कठीण' पृष्ठभाग नाही. तो फक्त उकळत्या वायूचा पृष्ठभाग आहे आणि त्यामुळे आपण त्यावर उभे राहू शकत नाही). त्यानंतर आपल्याला सूर्याचं वातावरण दिसतं, ज्याला क्रोमोस्फियर  (Chromosphere)म्हणतात. हे घटक-समृद्ध आणि दाट आहे आणि वारंवार होणार्या Solar Flare उत्सर्जनामुळे पहिला धक्का बसतो. याशिवाय सूर्याचा सर्वात बाहेरचा थर हजारो किलोमीटरपर्यंत पसरलेला आहे. या बाह्य वातावरणाला कोरोना म्हणतात. ते प्लाझ्मानं भरलेलं असतं आणि सतत चमकत असतं. साधारणपणे सूर्याच्या तेजामुळे ते दिसू शकत नाही. परंतु, सूर्यग्रहणादरम्यान आपण सौर कोरोना कोणत्या उपकरणाच्या मदतीशिवाय अगदी सहज पाहू शकतो.

सौर कोरोनाबद्दलचं रहस्य हे आहे की, त्याचे तापमान खूप जास्त आहे. फोटोस्फियर किंवा क्रोमोस्फियरपेक्षा कितीतरी जास्त. कल्पना करा की, हिवाळा सुरू आहे आणि खूप थंडी आहे, अशातच तुमच्या घरात हीटर चालू आहे. जसजसं तुम्ही हीटरपासून दूर जाल तसतसं तुम्हाला कमी उष्णता मिळेल. साहजिकच, एखादी वस्तू उष्णता स्त्रोतापासून जितकी दूर असेल तितकी ती थंड असते. पण कोरोनाच्या बाबतीत, जसं आपण सूर्यापासून दूर जातो, त्याचं तापमान वाढताना दिसतं, पण हे असं का होतं? हे अनेक वर्षांपासून न सुटलेलं रहस्य असून आतापर्यंते ते पूर्णपणे समजलेलं नाही. उत्तर कोरोनाच्या चुंबकीय क्षेत्र रेषांमध्ये कुठेतरी असू शकते. अडकलेले वायू विविध परस्परक्रियांमुळे गरम होऊ शकतात. त्यामुळे कोरोनल मास इजेक्शन समजून घेणं आपल्यासाठी अधिक महत्त्वाचं आहे. कारण त्याचा पृथ्वीच्या हवामानावर थेट परिणाम होतो. अशातच इस्रोचं आदित्य L1 सोलर कोरोनाचं निरिक्षण करण्यासाठी अंतराळात जाणार आहे.

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Unity news

Aug. 31, 2023

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वजन कम करना है?तो सुबह खाली पेट खालें ये मीठी चीज, मिलेंगे और भी फायदे? Want to lose weight? Then eat this sweet thing on an empty stomach in the morning, you will get more benefits.


 

हॅलो  दोस्तो आपको पता नाही होगा आप जीवन मै  कभी ना कभी  ये फळ खाया होगा नेकीन आपको नाही पता की यह एक आयुर्वेदिक औषधीय फळ है जो भारत में उगता है। इस फलो   का उपयोग खाने के लिए किया जाता है। यह पीले भूरे रंग का बेरी जैसा और थोड़ा लम्बा फल है। एक फल में केवल एक बीज होता है और उसके चारों ओर के गूदे में 60 से 70 प्रतिशत चीनी होती है। खजूर (खजूर )में जल्दी किण्वन होने लगता है, इसलिए खजूर के फलों को तेज धूप में सुखाया जाता है। सूखने के दौरान खजूर का वजन 35 प्रतिशत कम हो जाता है।

(Khjur )खजूर का नाम तो आपने सुना ही होगा, यह खाने में मीठा होता है लेकिन कई स्वास्थय लाभों से भरा हुआ होता है. खजूर खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर के लिए लाभदायी होते हैं. क्या आप जानते हैं कि हर रोज सुबह इस फल का सेवन का असर आपके शरीर को बहुत सारे लाभ दिलाने में मदद करता है. तो आइए जानते हैं इस फल को खाने के फायदे.             (helt tips )

(वजन कम होना ) vajan kam hona?


सुबह खाली पेट खजूर का सेवन आपका वजन कम करने में भी आपकी मदद कर सकता है. बता दें कि 1 खजूर में 6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, इसके साथ ही इसमें चीनी भी काफी कम मात्रा में पाई जाती है. इसके अलावा यह स्वाद में मीठा होता है और उसमें फ्रुक्टोज की मात्रा अधिक होती है, जो ग्लूकोज से दोगुना मीठा होता है. इसके सेवन से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. जो आपका वजन कम करने में मदद कर सकता है.