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लॉयड्स कालिअम्मल हॉस्पिटल हेडरी येथे रक्तदान शिबीर


लॉयड्स कालिअम्मल हॉस्पिटल हेडरी येथे रक्तदान शिबीर

संचालक बि. प्रभाकरन यांच्या सह  50 अधिकारी आणि कर्मचाऱ्यांचा सहभाग 

    अशोक खंडारे  /मुख्य संपादक वैनगंगा वार्ता १९                                                एटापल्ली:-
लॉयड्स कालीअम्मल मेमोरियल हॉस्पिटल हेडरी येथे लॉयड्स मेटल अँड एनर्जी लिमिटेड द्वारे आयोजित केलेल्या रक्तदान शिबिर आज दिनांक 20 एप्रिल 2024 रोजी  आयोजन करण्यात आले असुन सर्व प्रथम लॉयड्सचे व्यवस्थापकीय संचालक  बि. प्रभाकरन यांनी शिबिरात रक्तदान केले. लॉयड्स कंपनीचे 50 अधिकारी आणि कर्मचारी यांनीसुद्धा रक्तदान केले. सर्व समुहातील सदस्यांनी दर महिन्याला किमान 50 युनिट रक्त देण्याचे आश्वासन दिले आणि ते आजारी व्यक्तीला उपयोगात पडेल असा उद्देश ठेवला असून लॉयड्स टीम ही मोलाची कामगिरी करीत  आहे.

 अति दुर्गम नक्षलग्रस्त आदिवासी भागात उच्च दर्जेचा मोफत आरोग्य सुविधा 

एटापल्ली तालुक्यातील अतिदुर्गम व आदिवासी नक्षल प्रभावीत सुरजागड परिसरात मुलभूत आरोग्य सुविधा मिळणे ही कठीण होते पण परिसरातील आदिवासीना उच्च दर्जाच्या आरोग्य सुविधा मिळण्याकरिता लॉयड्स मेटल्स कंपनीचे पुढाकाराने हेडरी येथे अत्याधुनिक सुविधांनी सुसज्ज असे काली अम्मल हॉस्पिटल सुरू केले आहे. अण या परिसरातील आदिवासी गरीब व गरजूंना मोठा आधार झालंय. या ठिकाणी तज्ज्ञ डॉक्टर व आरोग्य कर्मचारी 24/7 तास रुग्ण सेवा देत आहेत.
   लॉयड्स काली अम्मल मेमोरियल हॉस्पिटल 8 नोव्हेंबर 2023 ला सामान्यांच्या सेवेत कार्यन्वीत झाले. या ठिकाणी दहा तज्ज्ञ डॉक्टर 40 हुन अधिक आरोग्यं कर्मचारी परिसरातील नागरिकांना मोफत आरोग्य सेवा देत आहेत. या हॉस्पिटल मधे सुरजागड, हेडरी, गट्टा, जांभिया एटापल्ली, भामरागड तालुका  आलापल्ली, अहेरी सह गडचिरोली जिह्यातील दररोज शेकडो रुग्ण मोफत आरोग्य सेवेचा लाभ घेतांना दिसत आहेत


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Savitri Rahandgle

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G Series Water Purifier : इंडिया का बेस्ट G Series …


G Series Water Purifier : आज की जीवनशैली में, स्वच्छ और प्राकृतिक पानी पिने की हम सभी को आवशकता है.. लेकिन क्या हम लोगों ने कभी सोचा कि हम जो पानी पीते  है. वो शुद्ध है. या नहीं? आजकल के पानी स्रोतों में प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ती जा रही है, जिससे अनेक प्रकार की बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा है. इसलिए हमे शुद्ध पानी पिने की बहुत आवशकता है. तो इस समस्या का समाधान करने के लिए, G Series Water Purifier हमारी मदद कर सकते हैं. इस आर्टिकल में, हम G Series Water Purifier के महत्व, और उनकी G Series Water Purifier Price के और के फायदे के बारे में बात करेंगे। हम जानेंगे कि G Series Water Purifier कैसे काम करता हैं, और उनके प्रकार क्या हैं, और कैसे आप अपने घर या ऑफिस में उनका उपयोग करके स्वच्छ पानी पी सकते है.


G Series Water Purifier के फायदे
 

G Series Water Purifier

1. प्रदूषण हटाना : G Series Water Purifier पानी से विभिन्न प्रकार के जहरीले पदार्थों को हटाने में मदद करता है, जैसे कि रसायन, बैक्टीरिया, वायरस, और सुस्त विषैले धातु।

2. स्वस्थ जीवनशैली : G Series Water Purifier आपको स्वच्छ और सुरक्षित पानी प्रदान करता है. जो स्वस्थ के लिए महत्वपूर्ण है. इससे आपकी सुरक्षा और पाचन स्वास्थ्य दोनों को सुनिश्चित किया जाता है.

3. लंबी उपयोगिता: G Series Water Purifier को लंबे समय तक चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है.और कंपैक्ट होता है, जिससे यह उपकरण उपयोग में आसान होता है और लंबे समय तक पानी को शुद्ध करने में मदद करता है.

इन फायदों के साथ, G Series Water Purifier आपके जीवन को सुधारता है और स्वस्थ और सुरक्षित पानी की व्यवस्था करता है.

G Series Water Purifier

G Series Water Purifier Price:

G Series Water Purifier की RO+COPPE+ZINC+ALKALINE+UV+UF LED 12L लीटर क्षमता वाले मॉडल की कीमत वर्तमान में G Series Water Purifier Price 20,792 रुपये है. यह एक प्रमुख उपकरण है जो पानी को शुद्ध करके आपको स्वास्थ्यपूर्ण शुद्ध पानी देता है. और G Series Water Purifier  भारत में सबसे ज्यादा सेल होने वाला Water Purifier है इसे ऑनलाइन प्लेटफार्म 4 स्टार की रेटिंग भी मिली है. 

Kent Ro Water Purifier की G Series Water Purifier Price 12 Liter की क्षमता वाले की कीमत वर्तमान में G Series Water Purifier Price 18,999 रूपये है. और आप G Series Water Purifier Price10 Liter और G Series Water Purifier Price 5 Liter को भी ले सकते है. आपके बजट के हिसाब से आप खरीद सकते है.

G Series Water Purifier

G Series Water Purifier Service:

ये भी पढ़े : G+SERIES Copper RO पानी पीने के कई लाभ हो सकते हैं:

G Series Water Purifier सर्विसिंग की आवश्यकता उसके उपयोग और पर्यावरण के आधार पर निर्धारित की जाती है. यहाँ कुछ मुख्य कारन दिए गए हैं जिनके आधार पर आप सर्विसिंग की जरूरत को समझ सकते हैं.

ये भी पढ़े : BIG filter टंकी के पहले फ़िल्टर लगाने के बारे में जानकारी

फ़िल्टर बदलाव : अगर आपके G Series Water Purifier फ़िल्टर की आवश्यकता है, तो आप उसे तत्काल में बदल दीजिए. 

रेड लाइट चेक : कुछ G Series Water Purifier में रेड लाइट के संकेत मिलाने पर उन्हें सर्विसिंग की आवश्यकता हो सकती है. इसे ध्यान में रखें और उपयोगकर्ता मैनुअल में दिए गए निर्देशों का पालन करें.

पानी की गुणवत्ता : अगर आपका पानी किसी बदबू, रंग के परिवर्तन, या अजीब स्वाद लग रहा है। तो ये संकेत हो सकता है कि G Series Water Purifier को सर्विसिंग की आवश्यकता है.

नियमित चेकअप : आपको नियमित अंतराल पर अपने G Series Water Purifier की जाँच करानी चाहिए, ताकि किसी भी संभावित समस्या को पहचाना और उसका समाधान किया जा सके.

ये भी पढ़े : कितने स्टेज पर काम करता है RO WATER PURIFIER

G Series Water Purifier FAQ

1. यह G Series Water Purifier कैसे काम करता है?
 G Series Water Purifier प्राकृतिक और उन्नत शोधन प्रक्रियाओं का उपयोग करके पानी को साफ करता है। यह विभिन्न फिल्टर और तकनीकों का उपयोग करता है जैसे कि रिवर्स ऑस्मोसिस, यूवी रेडिएशन, और एक्टिवेटेड कार्बन फिल्ट्रेशन।

3. कितने समय में फ़िल्टर बदलना चाहिए?
 फिल्टर का बदलाव उपयोग के आधार पर भिन्न होता है। लेकिन सामान्यतः, आपको फिल्टर को 6 महीने में एक बार बदलना चाहिए।

4. क्या इसमें बैक्टीरिया और वायरस को हटाने की क्षमता है?
 हां, G Series Water Purifier वायरस, बैक्टीरिया, और अन्य नुकसानकारी पदार्थों को हटाने में सक्षम है.

5. क्या यह पानी को स्वादिष्ट बनाता है?
 जी हां, G Series Water Purifier पानी को स्वादिष्ट बनाता है और उसमें कई अद्भुत खुशबू और स्वाद प्रदान करता है.

6. यह कितना बिजली खर्च करता है?
G Series Water Purifier बिजली खर्च उपयोग के हिसाब से भिन्न होता है, लेकिन यह आमतौर पर अधिक बिजली खर्च नहीं करता है.

7. क्या इसका इंस्टॉलेशन आसान है?
 हां, G Series Water Purifier का इंस्टॉलेशन सरल और आसान है. यह आमतौर पर घरेलू इंस्टॉलेशन के लिए उपयुक्त होता है.

8. क्या इसकी गारंटी क्या है?
G Series Water Purifier की गारंटी उत्पाद के मॉडल और ब्रांड के आधार पर भिन्न हो सकती है. आपको अपने विक्रेता से गारंटी के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए.

अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें TEJAL GOODS APPLIANCES mobile number 9691919442

 


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ORANGE (SANTRA) 🍊 🍊 🍊 गर्मी में क्यों खाना चाहिए …


##ORANGE 🍊 🍊 (SANTRA)गर्मी में ओरेंज खाने के फायदे##

 

गर्मियों में तरह-तरह के फलों और सब्जियों का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और इसमें से एक है(ORANGE )ओरेंज। ओरेंज में विटामिन सी, अन्य पोषक तत्व और फाइबर होते हैं जो हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। यहाँ गर्मी में orenj ओरेंज खाने के कुछ महत्वपूर्ण फायदे हैं:

 

1. हाइड्रेशन का सपोर्ट: गर्मी में तनाव और थकान के कारण शरीर से पानी की कमी हो सकती है।(ORANGE) ओरेंज में विटामिन सी और पानी होता है जो शरीर को हाइड्रेट करने में मदद करता है।

 

2. इम्यून सिस्टम का समर्थन:(orange)ओरेंज में विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है और वायरसों और संक्रमण से लड़ने में सहायक होता है।

 

3.अच्छी डाइजेशन: (Orange)ओरेंज में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन को सुधारने में मदद करती है और कब्ज को दूर करती है।

 

4.फायदेमंद त्वचा: विटामिन सी के अच्छे स्रोत के रूप में, ओरेंज(ORANGE)त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है, जैसे कि एंटी-एजिंग प्रॉपर्टीज़ और त्वचा के लालित्य को कम करने में सहायक होता है।

 

इस गर्मी में (ORANGE) ओरेंज का सेवन करने से आपके शरीर और मस्तिष्क को जरूरी पोषण मिलता है और आप स्वस्थ रह सकते हैं। तो अब आप जानते हैं, अगर आप गर्मी में ओरेंज को अपने आहार में शामिल करें, तो आपको कितने फायदे हो सकते हैं।

 

यह थाOrenge (santra) ओरेंज से जुड़े गर्मी में खाने के फायदों पर एक ब्लॉग, कृपया बताएं क्या आपको अच्छा लगा।


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Savitri Rahandgle

April 16, 2024   

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Kent Water Purifier: क्या सच में kent ro देता है …


Kent Water Purifier: आज की जीवनशैली में, स्वच्छ और प्राकृतिक पानी पिने की हम सभी को आवशकता है.. लेकिन क्या हम लोगों ने कभी सोचा कि हम जो पानी पीते  है. वो शुद्ध है. या नहीं? आजकल के पानी स्रोतों में प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ती जा रही है, जिससे अनेक प्रकार की बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा है. इसलिए हमे शुद्ध पानी पिने की बहुत आवशकता है. तो इस समस्या का समाधान करने के लिए, Kent Ro Water Purifier r हमारी मदद कर सकते हैं. इस आर्टिकल में, हम Kent Ro Water Purifier  के महत्व, और उनकी Kent Ro Water Purifier price के और के फायदे के बारे में बात करेंगे। हम जानेंगे कि Kent Ro Water Purifier  कैसे काम करता हैं, और उनके प्रकार क्या हैं, और कैसे आप अपने घर या ऑफिस में उनका उपयोग करके स्वच्छ पानी पि सकते है.


Kent Water Purifier के फायदे

 1. प्रदूषण हटाना : Kent Ro Water Purifier पानी से विभिन्न प्रकार के जहरीले पदार्थों को हटाने में मदद करता है, जैसे कि रसायन, बैक्टीरिया, वायरस, और सुस्त विषैले धातु।

2. स्वस्थ जीवनशैली : Kent Ro Water Purifier आपको स्वच्छ और सुरक्षित पानी प्रदान करता है. जो स्वस्थ के लिए महत्वपूर्ण है. इससे आपकी सुरक्षा और पाचन स्वास्थ्य दोनों को सुनिश्चित किया जाता है.

3. लंबी उपयोगिता: Kent Ro Water Purifier को लंबे समय तक चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है.और कंपैक्ट होता है, जिससे यह उपकरण उपयोग में आसान होता है और लंबे समय तक पानी को शुद्ध करने में मदद करता है.

इन फायदों के साथ, Kent Ro Water Purifier आपके जीवन को सुधारता है और स्वस्थ और सुरक्षित पानी की व्यवस्था करता है.

 

Kent Water Purifier Price:

1. Kent Ro Water Purifier की 8 लीटर क्षमता वाले मॉडल की कीमत वर्तमान में Kent Ro Water Purifier Price 14,949 रुपये है. यह एक प्रमुख उपकरण है जो पानी को शुद्ध करके आपको स्वास्थ्यपूर्ण शुद्ध पानी देता है. और Kent Ro Water Purifier दुनिया का सर्वश्रेष्ठ और भारत में सबसे ज्यादा सेल होने वाला Water Purifier है इसे ऑनलाइन प्लेटफार्म 4.2 की रेटिंग भी मिली है. 

Kent Ro Water Purifier की Kent Ro Price 20 Liter की क्षमता वाले की कीमत वर्तमान में Kent Ro Water Purifier Price 19,899 रूपये है. और आप Kent Ro Price 10 Liter और Kent Ro Price 5 Liter को भी ले सकते है. आपके बजट के हिसाब से आप खरीद सकते है. कीमत कभी कम कभी ज्यादा हो सकती है Amazon पर Kent RO अच्छे डिस्काउंट के साथ मिल रहे है,  निचे बटन पर क्लिक करके देख सकते है.

 

Kent Water Purifier Service:

Kent Water Purifier सर्विसिंग की आवश्यकता उसके उपयोग और पर्यावरण के आधार पर निर्धारित की जाती है. यहाँ कुछ मुख्य कारन दिए गए हैं जिनके आधार पर आप सर्विसिंग की जरूरत को समझ सकते हैं:

फ़िल्टर बदलाव : अगर आपके Kent Ro Water Purifier फ़िल्टर की आवश्यकता है, तो आप उसे तत्काल में बदल दीजिए। 

रेड लाइट चेक : कुछ Kent Ro Water Purifier में रेड लाइट के संकेत मिलाने पर उन्हें सर्विसिंग की आवश्यकता हो सकती है. इसे ध्यान में रखें और उपयोगकर्ता मैनुअल में दिए गए निर्देशों का पालन करें।

पानी की गुणवत्ता : अगर आपका पानी किसी बदबू, रंग के परिवर्तन, या अजीब स्वाद लग रहा है। तो ये संकेत हो सकता है कि Water Purifier को सर्विसिंग की आवश्यकता है।

नियमित चेकअप : आपको नियमित अंतराल पर अपने Kent Ro Water Purifier की जाँच करानी चाहिए, ताकि किसी भी संभावित समस्या को पहचाना और उसका समाधान किया जा सके.

ये भी पढ़े : ये भी पढ़े : घर पर RO water purifier पानी पुनर्चक्रण प्रणाली: स्वास्थ्य और पैसे कैसे बचाए जानिए

Kent Water Purifier FAQ

Kent RO पानी शुद्धीकरण प्रणाली क्या है?
Kent RO पानी शुद्धीकरण सिस्टम एक उन्नत तकनीक है जो पानी को जहरीले पदार्थों, बैक्टीरिया, वायरस, और अन्य जीवाणुओं से मुक्त करती है। यह सिस्टम उम्मीद से बेहतर स्वादिष्ट और स्वस्थ पेयजल प्रदान करती है।

Kent RO पानी शुद्धीकरण सिस्टम कैसे काम करती है?
Kent RO पानी शुद्धीकरण सिस्टमपानी को पास के मेम्ब्रेन के माध्यम से प्रेसराइज़ करती है, जिससे जहरीले पदार्थ, बैक्टीरिया, वायरस, और अन्य अशुद्धियों को हटा दिया जाता है।

Kent RO पानी शुद्धीकरण सिस्टम कितने प्रकार की होती है?
Kent RO पानी शुद्धीकरण प्रणाली विभिन्न क्षमताओं और सुविधाओं के साथ उपलब्ध होती है, जैसे कि घरेलू उपयोग के लिए छोटे साइज के यूनिट्स से लेकर व्यावसायिक उपयोग के लिए बड़े साइज के यूनिट्स तक।

Kent RO पानी शुद्धीकरण सिस्टम का बदलाव कितने वक्त के बाद किया जाना चाहिए?
Kent RO पानी शुद्धीकरण सिस्टम के फ़िल्टर का बदलाव आमतौर पर 6-12 महीने के बीच किया जाता है, लेकिन यह उपयोग की आधार पर भी अलग हो सकता है।

Kent RO पानी शुद्धीकरण सिस्टम की सर्विस कैसे प्राप्त की जा सकती है?
Kent RO पानी शुद्धीकरण सिस्टम की सर्विस के लिए आप स्थानीय सर्विस केंटर से संपर्क कर सकते हैं. या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर अनुसंधान कर सकते हैं.


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Gadchiroli Varta News

April 12, 2024   

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नवं जन्म घेण्यासाठी सचिन मागतो आहे आर्थिक मदत कुटुंबीयांचे आवहान


नवं जन्म घेण्यासाठी सचिन मागतो आहे आर्थिक मदत

  कुटुंबीयांचे आवहान 

 

लखमापूर बोरी (वा.)

                चामोर्शी तालुक्यातील लखमापूर बोरी येथील 28 वर्षीय युवक सचिन घनश्याम वैरागडे , याला कुठलेही व्यसन नसताना सुद्धा चार वर्षा पासून लिव्हर ऑफ सिरोसिस या रोगाने त्रस्त असून लिव्हर कायमचा निकामी (खराब) झाला आहे, त्याला लिव्हर ट्रान्स्फर करण्यासाठी २५ लाखाचा खर्च आहे त्यासाठी त्याला आर्थिक मदतीचा हात पुढे करत मदत करावी असे आवाहन कुटुंबियांकडून केले आहे 

 

 त्याला झोनल ट्रान्सप्लांट कॉर्डिंनेशन सेंटर, (ZTCC) – नागपूर , NOTTOM ID – R240068155, या संस्थे मार्फत लिव्हर (LIVER TRANSPLANT) देऊन त्याला नवीन जीवनदान देण्यात येणार आहे. परंतु, ऑपरेशन साठी साधारणतः 25 ते 30 लाख इतका खर्च येणार आहे. त्याच्या सर्व वैद्यकीय तपासण्या केल्या असून ऍलेक्सिस हॉस्पिटल मानकापूर, नागपूर. येथे ऑपरेशन करणार आहोत. परंतु मागच्याच वर्षी माझ्या वडीलाच्या दीर्घ आजारावर 15 लाख रु पर्यत खर्च करून सुद्धा ते अखेर मरण पावले व माझ्या उपचारासाठी सुद्धा 2020 पासून 18 लाख रु पेक्षा जास्त खर्च झाला आहे त्यामुळे घरची परिस्थिती अत्यंत हलाकीची झाली असल्यामुळे आम्ही एवढी मोठी रक्कम भरू शकत नाही. त्यामुळे आम्ही सर्व, मित्र - मैत्रिणी, नातेवाईक, ओळखीचे व अनोळखी अशा सर्वाना सहकार्यासाठी विनंती करतो कि तुमच्याकडून जेवढी शक्य असेल तेवढी आर्थिक मदत करा... अशी त्यांच्या परिवाराकडून करण्यात येत आहे.

तुमची छोटी मोठी मदत सुद्धा सचिनला जगण्याची नवी उम्मीद मिळू शकते त्यासाठी 

सचिन मोबाईल नं. वं

फोन पे नं. 8390145784

गूगल पे नं 8390145784.

अधिक माहिती साठी वरील नं वर संपर्क करून आर्थिक मदत करावी असे आवाहन कुटुंबियांकडून केले आहे


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Gadchiroli Varta News

April 12, 2024   

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दुचाकी अपघातातील एका इसमाचा जागीच मूत्यू, तर महिला गंभीर जखमी..!


दुचाकी अपघातातील एका इसमाचा जागीच मूत्यू, तर महिला गंभीर जखमी..!

 

 काँग्रेस अहेरी विधानसभा क्षेत्राचे समन्वयक अजय कंकडालवार यांच्या कडून येगडी कुटुंबियांना मदतीचा हात..!

 

अहेरी : तालुक्यातील देचलीपेठा येथील तुषार येगडी आणि त्यांची पत्नी भावनी या,दामपात्यांनी काल काही कामानिमित्त माड्रा येते जात असतांना माड्रा - दामरांचा जंगल परिसरात दुचाकीवरील नियंत्रण सुटून रस्त्यावर पडून असलेल्या झाडाला धडक दिल्याने दुचाकी खाली कोसडून अपघात घडल्याने या अपघातात तुषार येगडीचा जागीच मूत्यू झालं आहे.भावनिला डोक्याला व तोंडाला जबर मार लागल्याने त्यांना अहेरी येथील उपजिल्हा सामान्य रुग्णालयात पुढील उपचारासाठी रेफर करण्यात आले.

 

याअपघाता बाबत स्थानिक कार्यकर्त्यांकडून काँग्रेस पक्षाचे अहेरी विधानसभा क्षेत्र प्रमुख व जि.प.माजी अध्यक्ष तथा अहेरी बाजार समिती सभापती अजयभाऊ कंकडालवार यांना माहिती मिळताच त्यांनी रुग्णालयात धाव घेत रुग्णांची प्रकृतीची आस्थेने विचारपूस केले.अपघातात मूत्यू झालेल्या तुषार येगडी यांच्या पोस्ट माडम होई पर्यंत उपस्थित राहत शव घरी पोचण्यासाठी घाडी उपलब्ध करून दिले.तसेच होणाऱ्या कार्यक्रमासाठी येगडी परिवारातील नातेवाईकांना आर्थिक मदत केली आहे.

 

यावेळी माजी जि.प.सदस्य अजय नैताम,गणेश नागपूर,राजू दुर्गे, नगरसेवक प्रशांत गोडसेलवार,प्रकाश दुर्गेस,प्रमोद गोडसेलवार सह येगडी परिवारातील नातेवाईक तसेच कार्यकर्ते उपस्थित होते.


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Vaingangavarta19

April 8, 2024   

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आष्टी ते गोंडपिपरी वैनगंगेच्या पुलावरील खड्डे अजूनही जैसे थे, खासदार …


आष्टी ते गोंडपिपरी वैनगंगेच्या पुलावरील खड्डे अजूनही जैसे थे, खासदार व आमदार यांची बघ्याची भूमिका

जनतेला करावा लागतोय जीवघेणा प्रवास 

पावसाळ्यात चिखलाचा मारा आणि उन्हाळ्यात धुरीचा मारा 

आष्टी  : -
आष्टी-चंद्रपूर मार्गावरील वैनगंगा नदीच्या पुलावर मागील अनेक दिवसांपासून खड्डयांचे साम्राज्य पसरले आहे. परिणामी नागरिकांना जीवघेणा प्रवास करावा लागत आहे. या पुलावरील खड्डे बुजविण्याची मागणी आष्टी शहरातील नागरिकांसह आमदार डॉ. देवराव होळी यांनीही केली होती. तेव्हा अवघ्या आठ दिवसांत वैनगंगा नदी पुलावरील खड्डे बुजविण्याचे काम पूर्ण होईल असे संबंधित विभागाकडून सांगण्यात आले मात्र पावसाळा संपला आणि आता उन्हाळा सुरू झाला तरीसुद्धा अवस्था जैसे थे आहे

   पुलावरील खड्डे 'जैसे थे' असल्याने शासन  जीव गेल्यावरच खड्डे बुजविणार काय? असा प्रश्न उपस्थित केला जात आहे.
 वैनगंगा नदी पुलावर मागील अनेक दिवसांपासून जीवघेणे खड्डे पडले असल्याने रहदारीस अडथळा निर्माण होत आहे. चंद्रपूर जिल्ह्यातील गोंडपिपरी तालुक्यातील बरेचसे विद्यार्थी विघार्जनाकरीता आष्टी येथील शाळा, महाविद्यालयात शिक्षण घेत आहेत व ते विद्यार्थी,विद्यार्थीनी सायकलने प्रवास करुन शिक्षण घेत आहेत तसेच आष्टी येथील गोडपिपरी तालुक्यात इंग्रजी माध्यमाच्या  शाळेत शेकडो विद्यार्थी जात आहेत. सायकलस्वार विद्यार्थ्यांना पुलावरील खड्डयांमुळे जीव मुठीत घेऊन प्रवास करावा लागत आहे. तसेच गोंडपिपरी तालुक्यातील नागरिकही विविध कामांसाठी तसेच रुग्णालयात आष्टी येथे येत असतात. त्यांनासुद्धा नाहक त्रास सहन करावा लागत आहे. पावसाळ्यात खड्ड्यांमध्ये पाणी साचून राहत असल्याने पावसाळ्यात चिखलाचा मारा आणि  आता उन्हाळ्यात धुळीचा मारा सहन करावा लागत आहे. त्या खड्ड्यांमुळे एखादे वाहन नदीपात्रात कोसळण्याचा धोका असतो. खड्ड्यांमुळे पुलावर अपघात होऊन जीव गेल्यास याला जबाबदार कोण? असाही प्रश्न निर्माण झाला आहे.
 सदर खड्डे त्वरित बुजविण्यात यावेत, अशी मागणी नागरिकांनी केली होती. याची दखल घेत आमदार डॉ. देवराव होळी यांनी पुलाची पाहणी करून राष्ट्रीय महामार्ग अधिकाऱ्यांना खड्डे बुजविण्याचे निर्देश दिले होते परंतू त्यांनी या बाबींवर लक्ष दिले नाही त्यानंतर  आष्टी येथील काही सामाजिक कार्यकर्ते यांनी नदीपुलावरच रास्तारोको आंदोलन केले होते  तेव्हा थातुरमातुर काही खड्डे  बुजविण्यात आले होते ते  अवजड वाहतुकीने काही दिवसातच अवस्था जैसे थे झाली गडचिरोली जिल्ह्यातील एकमेव खासदार  यांनी या बाबतीत शासकिय अधिकारी यांना कधी सुचीत तर केलेच नाही व स्वतः लक्ष घालून पाहिले सुद्धा नाही अशी मतदारांमध्ये चर्चा सुरू आहे व पुलावरील त्या खड्ड्यांची स्थिती 'जैसे थे'राहीली
सदरच्या खड्ड्यांमुळे वाहनातून प्रवास करणाऱ्या प्रवाशांना मनक्यांचे ,कमरेचे आजार होत असल्याचे दिसून येते आहे 
 पुन्हा यावर्षीही पावसाळ्यात चिखलाचा मारा खाण्याची वेळ वाहन चालकांवर येईल काय असा प्रश्न उपस्थित होत आहे


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Vaingangavarta19

April 2, 2024   

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पाणी द्या हो पाणी द्याहो, गडचिरोलीतील लक्ष्मी नगर महिलांचा टाहो!


पाणी द्या हो पाणी द्याहो, गडचिरोलीतील लक्ष्मी नगर महिलांचा टाहो!

तिन महिन्यांपूर्वी पासून पाणीपुरवठा योजना बंद आहे 

गडचिरोली:-
 अशोक खंडारे मुख्य संपादक वैनगंगा वार्ता १९

गडचिरोली शहरातील पाणीपुरवठा नळ योजना तीन महिन्यापासून ठप्प पडली असून आरमोरी रोड,लक्ष्मी नगर मध्ये पाणी पुरवठा होत नसल्याने लक्ष्मी नगर च्या नागरिकांना पिण्याच्या पाण्यासाठी भटकंती करावी लागत आहे . तीन महिन्यापासून लक्ष्मी नगर शहरवासीयांना पिण्याच्या पाण्याचा पुरवठा होत नसल्याने पिण्याच्या पाण्याचे दुर्भिक्ष्य निर्माण झाले आहे.
गडचिरोली नगर परिषदेच्या अधिकाऱ्यांना निवेदन देऊनही नगर प्रशासन याबाबत उदासीन असल्याचे दिसून येते आहे 
असे असूनही मात्र पाणी कर सुरुच आहे तिन महिन्यात पाणीपुरवठा करण्यात आला नाही तर पाणीकर का द्यावे असे प्रश्न लक्ष्मी नगरवासीयांना पडले आहे
 गडचिरोली शहरातील प्रशासन सुज्ञ असूनही या बाबतीत उदासीन का आहे हाही प्रश्न अनुत्तरित आहे 
उन्हाळ्याच्या सुरुवातीलाच पिण्याच्या पाण्यासाठी लक्ष्मी नगर शहरवासीयांना इतरत्र धाव घ्यावी लागत असल्याने ‘दुष्काळात तेरावा महिना’ म्हणण्याची वेळ लक्ष्मीनगर शहरवासीयांवर आलेली आहे.
गडचिरोली शहराला ईतर वार्डात नियमित पाणीपुरवठा होतो आहे मात्र लक्ष्मी नगर मध्ये का होईना ?
 
तिन महिन्यापासून  पाणी पुरवठा ठप्प झाला असल्याने उन्हाळ्याच्या दिवसात पाण्याच्या टंचाईने गृहिणींचे मात्र गणित कोलमडून पडले आहे.

कठाणी नदी पात्रातील पाण्याची पातळी कमी होऊन पाणीपुरवठा ठप्प असेल तर शहरात पाण्याअभावी आणीबाणी होवू नये म्हणून नगर परिषद प्रशासनातर्फे नदीपात्रातील पाण्याच्या विहीरीतील गाळ उपसा करण्याची गरज आहे असे शहरातील सुज्ञ नागरिकांकडून बोलल्या जात आहे  मात्र या बाबी कडे नगर परिषदेच्या प्रशासनाने लक्ष देण्याची गरज असताना कुणीही लक्ष देईना झाले आहेत अशीच स्थिती दिसून येते आहे
पिण्याचे पाणी मिळत नसल्याने लक्ष्मी नगर येथील ग्रामस्थांना  इतरत्र भटकावे लागत आहे

गडचिरोली नगर परिषदेच्या अधिकाऱ्यांना निवेदन देऊनही लक्ष देईना झाले आहेत 
आता प्रश्न असा  पडतो आहे की, ऐन उन्हाळ्याची चाहूल लागताच पाणी पुरवठा बंद झाल्याने लक्ष्मी नगर वासीयांची ससेहोळपड होते आहे तरीसुद्धा नगर परिषद प्रशासन याबाबत उदासीन आहे असेच दिसते आहे
तात्काळ पाणी समस्या दुर करावी अशी मागणी आरमोरी रोड लक्ष्मी नगर येथील महिलांसह  पवन आखाडे,शंकर रनदीवे, विनोद खोब्रागडे ,नितीन तारवेकर,वैभव कहुरके,दिवाकर ठेंगरे,अवी झीलपे,पराये,दिलीप मानुसमारे,पडीशालवार,अशोक सुत्रपवार आदींसह लक्ष्मी नगर वासीयांनी केली आहे


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सुपर फास्ट बातमी

April 2, 2024   

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देशातील मांस उत्पादन वाढणार; 7 लाख टनांनी होणार वाढ


 

 

नवी दिल्लीः यावर्षी देशात मांस उत्पादनात मोठी वाढ होणार आहे. यंदा देशात मांस उत्पादनात ७ लाख टनांनी वाढ होणार आहे. गेल्या वर्षीच्या तुलनेत यावर्षी मांस उत्पादनात मोठी वाढ होणार आहे. त्यामुळं यंदा देशातून मोठ्या प्रमाणात मांस निर्यात केलं जाणार आहे. मांसाची वाढती मागणी लक्षात घेऊन उत्पादनाताही वाढ होत असल्याचं चित्र दिसत आहे. केंद्रीय पशुसंवर्धन मंत्रालयानं दिलेल्या माहितीनुसार २०२३-२४ मध्ये देशातील मांस उत्पादन १४ दशलक्ष मांस खाणाऱ्यांच्या संख्येत सातत्याने वाढ टनांनी वाढण्याची शक्यता व्यक्त करण्यात आली.

 

देशात मांस उत्पादनात पोल्ट्रीचा वाटा सर्वात जास्त आहे, तर म्हशीचे मांस दुसऱ्या क्रमांकावर आहे. त्यानंतर शेळ्या-मेंढ्या याचा क्रमांक लागतो. देशातून शेळ्या-मेंढ्याच्या मांसासह म्हशीच्या मांसाची देखील मोठ्या प्रमाणात निर्यात केली जाते. मागील दोन वर्षाचा विचार केला तर देशात मांस उत्पादन सात लाख टनांनी वाढल्याचे आकडेवारीवरुन दिसून येत आहे.


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Vaingangavarta19

March 30, 2024   

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आष्टी शहरातील नळ योजना एक महिन्यापूर्वी पासून बंद, पिण्याच्या पाण्यासाठी …


आष्टी शहरातील नळ योजना एक महिन्यापूर्वी पासून बंद, पिण्याच्या पाण्यासाठी ग्रामस्थांची इलूर कडे धाव 

 

आष्टी : अशोक खंडारे मुख्य संपादक वैनगंगा वार्ता १९

आष्टी शहरातील पाणीपुरवठा नळ योजना एक महिन्यापासून ठप्प पडली आहे पाणी पुरवठा होत नसल्याने  शहरातील नागरिकांना ईल्लूरकडे पिण्याच्या पाण्यासाठी धाव घ्यावी लागत आहे. दोन महिन्यापासून शहरवासीयांना पिण्याच्या पाण्याचा पुरवठा होत नसल्याने पिण्याच्या पाण्याचे दुर्भिक्ष्य निर्माण झाले आहे.
आष्टी शहरातील ग्रामपंचायतीमध्ये पंधरा वर्षांपासून एकहाती सत्ता असलेली ग्रामपंचायत म्हणून जिल्ह्यात ओळख आहे.
उन्हाळ्याच्या सुरुवातीलाच पिण्याच्या पाण्यासाठी शहरवासीयांना ईल्लूरकडे धाव घ्यावी लागत असल्याने ‘दुष्काळात तेरावा महिना’ म्हणण्याची वेळ आष्टी शहरवासीयांवर आलेली आहे. आष्टी शहराला नियमित पाणीपुरवठा करण्यासाठी वैनगंगा नदी पात्रातून पाणी पुरवठा केला जातो आणि या शहरात तीन पाण्याच्या टाक्या आहेत  याच दरम्यान वैनगंगा नदीपात्रात पाण्याची पातळी कमी झाली आहे त्यामुळे दोन महिन्यापासून  शहराचा पाणी पुरवठा ठप्प झाला आहे असे ग्रामपंचायत पदाधिकारी सांगतात पण नदीतील पाण्याची पातळी कमी झाली आहे तर तेथील पाण्याच्या टाक्यातील गाळ उपसा करायला पाहिजे असे शहरवासियांची बोंब आहे.
दोन महिन्यापासून  पाणी पुरवठा ठप्प झाला असल्याने उन्हाळ्याच्या दिवसात पाण्याच्या टंचाईने गृहिणींचे मात्र गणित कोलमडून पडले आहे.
वैनगंगा नदी पात्रातील पाण्याची पातळी कमी होऊन पाणीपुरवठा ठप्प असेल तर शहरात पाण्याअभावी आणीबाणी होवू नये म्हणून ग्रामपंचायत प्रशासनातर्फे नदीपात्रातील पाण्याच्या विहीरीतील गाळ उपसा करण्याची गरज आहे असे शहरातील सुज्ञ नागरिकांकडून बोलल्या जात आहे  मात्र या बाबी कडे ग्रामपंचायत प्रशासनाने लक्ष देण्याची गरज असताना कुणीही लक्ष देईना झाले आहेत अशीच स्थिती दिसून येते आहे
पिण्याचे पाणी मिळत नसल्याने आष्टी येथील ग्रामस्थांनी इलूर पेपरमील समोरील नळ हा चोविस तास सुरू राहत असल्याने त्या नळाचे पाणी आपल्या घरात पिण्यासाठी आणण्यास लगबग सुरू आहे असे दिसून येते आहे 

आष्टी शहरातील ग्रामपंचायतीचे उपसरपंच सत्यशिल डोर्लीकर यांना शहरातील पाणी पुरवठा एक महिन्यापासून ठप्प का पडला आहे असे विचारले असता त्यांनी वैनगंगा नदी पात्रातील पाण्याची पातळी कमी झाली असल्याने शहरातील पाणी पुरवठा ठप्प पडला आहे असे सांगितले 
आता प्रश्न असा  पडतो आहे की, ऐन उन्हाळ्याची चाहूल लागताच पाणी पुरवठा बंद झाल्याने गावकऱ्यांनी ससेहोळपड होते आहे तरीसुद्धा ग्रामपंचायत प्रशासन याबाबत उदासीन आहे असेच दिसते आहे
तात्काळ पाणी समस्या दुर करावी अशी मागणी आष्टी येथील ग्रामस्थांनी केली आहे


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Suresh

March 30, 2024   

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Summer Health Tips : उन्हाळ्यात घामोळ्या होणार नाही अशी घ्या …


गेल्या काही दिवसांपासून उष्णतेत वाढ झाली आहे. तापमान ४० च्या आसपास आहे. कडक उन्हाळ्याच्या झळ्यामुळे घाम तर येतोच. पण, त्वचेशी संबंधित समस्या निर्माण होतात. त्वचेवर रॅशेस येणे, खाज सुटणे, घामोळ्या आदी समस्या अनेकांना उद्भवत असतात. मात्र आपण वेळीच उन्हाळ्यात त्वचेची काळजी घेतल्यास त्या समस्येपासून दूर राहू शकतो, 

 मार्च महिन्यातच चाळीशी गाठल्याचे दिसून येत आहे. या तापमानामुळे आरोग्याच्या विविध समस्या भेडसावतात. उन्हाळ्यात सर्वात जास्त त्रास होतो तो घामोळ्यांचा. पाठ, मानवेर अशा विविध ठिकाणी छोटं छोटं पुरळ येऊन जळजळ होते. याचा त्रास अनेकांना होतो. त्यामुळे यापासून वाचण्यासाठी लोक विविध उपाय करतात. मात्र पूर्वीच काळजी घेतली तर आपण या समस्यांपासून मुक्ती मिळवू शकतो, असा सल्ला त्वाचारोग तज्ज्ञांनी दिला आहे.

1.चेहरा थंड पाण्याने धुवा wash face with cold water :
उन्हाळ्यामध्ये सतत घाम येत असतो. त्यामुळे हा घाम जर तसाच राहिला तर त्वचेवर रॅश येऊ शकते. त्यामुळे चेहरा दिवसातून तीन-चार वेळा थंड पाण्याने धुवावा.

2. योग्य प्रमाणात पाणी प्या drink adequate amount of water:
उन्हाळ्यात घाम निघत असल्याने शरीरातील पाणी कमी होते. त्यामुळे पाणी भरपूर प्यावे. पाणी अधिक पिल्यानं त्वचा तजेलदार होते. तसेच पचनक्रिया चांगल्या पद्धतीनं होते.

3. उन्हात बाहेर पळू नका don't fly out there :
साधारणतः तप्त उन्हात बाहेर पडणे टाळावे, महत्त्वाचे काम असेल तर संपूर्ण शरीर झाकेल असेल कपडे परिधान करूनच बाहेर पडावे.

4. सनस्क्रिनचा वापर करावा use sunscreen :
उन्हाळ्यामध्ये चांगल्या प्रतिच्या सनस्क्रीनचा वापर करावा. सनस्क्रीन लावल्यानंतर टॅनिंग होत नाही.

5. हायड्रेटिंग फेस क्रिम hydrating face cream :
 उन्हाळ्यात त्वचा हायड्रेट ठेवणे गरजेचे असते. त्यासाठी हायड्रेटिंग क्रिमचा वापर करा. तसेच मॉयश्चरायझर क्रिम, क्लिजिंग क्रिम आणि हायड्रेटिंग फेसमास्कचा वापर करा. व्हिटॅमिन सी सिरमचा वापर देखील तुम्ही करु शकता. तसेच कोरफड जेल आणि चंदचा पॅक आणि गुलाब पाणी इत्यादी गोष्टी चेहऱ्याला लावल्याने तुमची त्वचा मुलायम आणि तजेलदार होईल.


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Suresh

March 29, 2024   

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Blood Sugar Diabetes Tips : शुगर पेशेंट को जरूर फॉलो …


ब्लड शुगर (blood sugar) का बढ़ना एक Lifestyle सबंधी समस्या है। जिसे medicine से कुछ हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. अगर आप शुगर से पीड़ित है. और उसे ठीक करना चाहते है. तो आपको अपनी रोज की जीवन शैली में कुछ जरुरी बदलाव करने होंगे. 

डाइबिटीज (Diabetes) एक ऐसी बीमारी है जो की आज की बदलती दुनिया में बहुत तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रही है. आपका बढ़ा  हुआ ब्लड शुगर सिर्फ इस बात की गवाही देता है की आपके लाइफस्टाइल और खानपान बहुत गड़बड़ हो रही है. इस बीमारी से छोटे बच्चो से लेकर बड़े बुजुर्ग तक सभी लोग परेशान है. इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए. आपको शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देने की आवश्यकता है. तो इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको Lifestyle के कुछ जरुरी टिप्स देने वाले है. जिससे आपका शुगर कण्ट्रोल में रह सकता है.

Blood Sugar Diabetes Tips  शुगर पेशेंट को जरूर फॉलो करना चाहिए ये 5 टिप्स

सोने का समय फिक्स होना चाहिए : Bedtime should be fixed
अगर आप एक शुगर पेशेंट है और अपने ब्लड शुगर को सिर्फ कण्ट्रोल में रखना चाहते है. तो आपको आपने सोने टाइम फिक्स करना होगा। अगर आप अपने सोने और उठाने का टाइम को फिक्स करते है. तो इससे आपके ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में बहुत मदत होगी.

समय समय पर जांच करें :
शुगर पेशेंट को रोज अपने ब्लड शुगर जांच करनी चाहिए. ये करने से शुगर नियंत्रित रखने में आसानी होगी. आप चाहे तो दिन की शुरुआत में ही अपने शुगर लेवल की जांच कर साकते है. 

हेल्दी नाश्ता करें :
हमारी सलाह डाइबिटीज के पेशेंट के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है. इसलिए जरुरी है की आपको अपना नाश्ता हमेशा और पोषक से भरपूर खाना चाहिए. आपका सुबह  का नाहटा ऐसा होना चाहिए. जो की आपको दिनभर एनर्जी से भरपूर होना चाहिए.

Blood Sugar Diabetes Tips  शुगर पेशेंट को जरूर फॉलो करना चाहिए ये 5 टिप्स

डिहाइड्रेशन से बचे : avoid dehydration
लगभग 70 % तक पानी  हमारे शरीर में होता है. इसलिए इसकी मात्रा को ओर ज्यादा बढ़ाने के लिए  आपको रोज 3 से 4 लीटर पानी पिने कीआवश्यकता होती है. और डाइबिटीज के पेशेंट को ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए दिनभर ज्यादा से ज्यादा पानी चाहिए। इससे आपके ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में बहुत ज्यादा मदत हो सकती है. 


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Suresh

March 29, 2024   

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Summer Health Tips : उन्हाळ्यात अशी घ्या स्वतःची काळजी


मार्च महिना संपत असतानाच आता उन्हाचा तडाखाही वाढला आहे. सध्या तर उष्णतेची लाट आल्यासारखी परिस्थिती आहे.  उष्णतेने नागरिक घामाच्या धारेत भिजत आहेत. दुपारच्या वेळी बाजारातही शुकशुकाट दिसून आला. आताची ही परिस्थिती तर एप्रिल, मे महिन्यांत काय होईल ? या शक्यतेनेच आताच अनेकांना घाम सुटला आहे. पुढील काही दिवसांत तापमान वाढण्याची शक्यता व्यक्त केली जात आहे.

वाढत्या तापमानाचा आरोग्यावर परिणाम पडतो. उन्हाळ्यात शरीर घामाघूम होते त्यामुळे शरीरातील पाणी कमी होऊन घशाला सतत कोरड पडते. पाण्याची पातळी कमी झाल्याने शरीरावर गंभीर परिणाम  होऊन Dehydration धोका वाढू शकतो. शरीरातील अंतर्गत तापमान नियंत्रण गमाविल्यामुळे उष्णतेचा कॅम्प्स, उष्मा, थकवा, उष्माघात यासह विविध आजार होऊ शकतात. यासाठी शरीरातील पाणी टिकविणे अत्यंत महत्त्वाचे आहे. वाढत्या तापमानात शरीरातील पाण्याचे प्रमाण कमी होते. त्यामुळे अशक्तपणा वाढतो. शरीरातील सोडियम, पोटॅशियम कमी झाल्यामुळे थकवा सुद्धा येतो.

आरोग्यासाठी उन्हात घ्या काळजी
ऊन तापत असल्याने नागरिकांनी घराबाहेर पडताना डोक्यावर टोळी, स्कार्फ गुंडाळा किंवा छत्रीचा वापर करावा, शक्यतो दुपारी 12 ते 3 यावेळेत बाहेर पडू नका, सतत पाणी पित रहा, बाहेरून आल्यानंतर एकदम फ्रीजमधील पाणी पिऊ नका, सुती सैल कपडे वापरा.


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Swapnilmadavi

March 28, 2024   

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Eye Care Tips : काचबिंदू हा डोळ्यांचा सायलेंट किलर आजार


काचबिंदू हा दबक्या पावलांनी येणारा डोळ्यांचा आजार असून, अपरिवर्तनीय अंधत्वाचे दूसरे प्रमुख कारण आहे. जगभरातील सर्व अंधत्वापैकी 12.3 टक्के प्रमाण काचबिंदू आहे. योग्य वेळी निदान व उपचार न केल्यास डोळ्याच्या मज्जातंतूवर ताण येऊन दृष्टीचे तात्पुरते व कायमचे नुकसान होऊ शकते, त्यामुळे वेळीच योग्य काळजी घ्यावी.

काचबिंदू आजारांची लक्षणे सीम्य असल्याने दीर्घकाल कळत नाहीत. त्यामुळे काचबिंदू समजून घेणे शोधणे आणि त्यावर उपचार होणे गरजेचे आहे.

काय आहे काचबिंदू आजार ? What is Glaucoma disease?
 या आजारामध्ये डोळ्यांमधून मेंदूपर्यंत पोहोचवणारी डोव्याच्या मागील जी मज्जातंतू (Optic Nerve) असते. ती डोळ्यांतून मेंदूकडे दृश्य चिन्हे (Visual Signal) पोहोचविते.
त्यामुळे आपल्याला दिसण्यासाठी मदत होते. जेव्हा नेत्रमणीच्या मागच्या भागातील (Posterior chamber) मधील अतिरिक्त द्रव नेत्रमणीच्या पुढील भागात (Anterior chamber) येऊन दाब वाढवतो.

त्यामुळे मज्जातंतूवर ताण पडतो. हा तान हळूहळू वाढतो. परिणामी, मज्जातंतू क्षीण होत गेल्याने दृष्टी तात्पुरती किंवा कायमची जाऊ शकते. त्यामुळे वेळीच आपल्या डोळ्याची काळजी घेणे गरजेचे आहे. अन्यथा धोका होण्याची शक्यता असते.

डोळा हा अत्यंत संवेदनशील अवयव आहे. त्यामुळे त्याची योग्य काळजी घेणे गरजेचे आहे. दिवसेंदिवस काचबिदू रुग्ण वाडत असल्याचे दिसून येत आहे.वेळीच निदान करून उपचारावर नियंत्रण मिळवता येते.

Screening time for mobile, TV, laptop कमी करावा. सकाळी उठल्यानंतर थंड पाण्याने डोळे स्वच्छ धुवावे. तज्ज्ञांच्या परवानगीशिवाय कोणतेड़ी खूब डोळ्यात टाकू नये, तसेच यरील लक्षणे दिसताच डॉक्टरांचा सल्ला घ्या


अनुवांशिकता : Heredity
पालक किंवा भावंडांमध्ये आजार
असेल तर शक्यता वाटते, तसेच मधुमेह, कनी नंबर असलेल्या व्यक्ती, सिकलसेल अॅनिमिया, उच्च रक्तदाय, पातळयुक्त वास्त पिकलेला मोतीबिंदू या रुग्णांमध्ये काचबिंदू | होण्याची शक्यता अधिक असते.

निदान कसे होते? : What would the diagnosis be like?
९० टक्के रुग्णामध्ये अखेरच्या टप्यात निदान होते. त्यामुळे वयाच्या चाळीस वर्षानंतर दरवर्षी डोल्यांची बाहुली मोठी करून मागच्या पडद्याची (Retina) तपासणी करणे व डोळ्याचा दाब मोजणे 'आवश्यक आहे. तपासणीत शंका आढळल्यास इतर चाचण्या कराव्या लागतात. योग्य वेळी निदान झाल्याने दृष्टी वाचवता येते.

उपचार कोणते? Which treatment?
एकदा निदान झाले वर वेगवेगळ्या काचबिंदू प्रकारानुसार डोक्याचे ड्रॉप, काचबिंदू शस्त्रक्रिया (Trabulectomy) किया लेझर शस्त्रक्रिया करावी लागते. शस्त्रक्रिया झाल्यावरही नियमितपणे डोळ्यात ड्रॉप टाकणे आवश्यक असते.

लक्षणे सौम्य : symptoms mild
काचबिंदूची व लक्षणे इतकी सोम्य असतात की दीर्घ काळापर्यंत लक्षात येत नाहीत. त्यामुळे या आजाराला सायलेंट किलर असे म्हणतात.

काचबिंदूची लक्षणे : Glaucoma symptoms
मोतीबिंदू जास्त पिकल्याने दाब वाडून काचबिंदू होतो.
त्यामुळे प्रकाश उत्सर्जित करणाया यस्तूभोवती तेजोमंडल दिसणे, दृष्टी नष्ट होणे, डोळे लाल होऊन अस्पष्ट दिसणे, डोळ्यात वेदना होतात. सतत डोकेदुखी, पोटदुखी, मळमळ, उलट्या होणे ही लक्षणे जाणवतात.


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Swapnilmadavi

March 27, 2024   

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Summer Helth Tips : सावधान उन्हाळ्यात खूप थंड पाणी पिल्याने …


सध्या उन्हाळ्याचे दिवस सुरू आहेत. वाढत्या उन्हामुळे आपल्याला सातत्याने तहान लागते. बाहेरून घरी आल्याच्यानंतर सगळ्यात पहिली आपण फ्रीज कडे जातो. घरात बसून राहावे आणि सतत थंड गार पाणी प्यावे, असे सगळ्यांना वाटते. जोपर्यंत थंड पाण्याचा एक घोट पोटात जात नाही तोपर्यंत आपल्याला शांती मिळत नाही.

 थंड गार पाणी पिल्याने तहान भागते पण जास्तच थंड पाणी पिणे आपल्या आरोग्यासाठी घातक ठरू शकते. जास्त थंड पाणी शरीरातील पाण्याचे प्रमाण कमी करू शकते. उन्हाळ्यात सार्वांनी जास्त पाणी प्यावे; पण ते किती आणि कसे आणि कोणते पित आहोत याची जवाबदारी सर्वांनी घ्यायला पाहिजे. 

श्वसनाचा होऊ शकतो त्रास may cause respiratory problems
थंड पाण्यामुळे शरीराच्या इतर अवयवांचे नुकसान होते. नाकातील श्लेषम्ल त्वचा कडक होते. त्यामुळे श्वसनाचा त्रास होऊ शकतो. सर्दी किंवा फ्लूजी समस्या असल्यास थंड पाणी पिणे टाळा. थंडीशी संबंधित समस्या उदभवू शकते.

पनचक्रिया समस्या water cycle problem
उन्हाळ्याच्या दिवसात थंड पाणी पिल्यामुळे पचन- क्रियेत समस्या निर्माण होऊ शकते. अन्न खाताना अतिशय थंड पाणी प्यायल्याने अन्न पचवण्याऐवजी शरीर त्या उतॅचा वापर पाण्याचे तापमान सामान्य करण्यासाठी करते. त्यामुळे जेवताना थंड पाणी पिऊ नये.

पाण्याची कमतरता water scarcity
उन्हातून फिरून आल्यानंतर थंड पाण्याची गरज भासते. पण थंड पाणी पिण्याची सवय आरोग्याला हाणी पोहचवू शकते.
उन्हाळ्यात शरीराला हायड्रेट ठेवणे महत्त्वाचे असते. हायड्रेशनसाठी पाणी पिणे आवश्यक आहे. शरीरात पाण्याच्या कमतरतेमुळे आरोग्याच्या अनेक समस्या उद्भवू शकते. मात्र उन्हाळ्यात फ्रीजमधील थंड पाणी पिणे शरीरासाठी हानिकारक ठरू शकते.

मायग्रेनची समस्या migraine problem
अतिप्रमाणात थंड पाणी प्यायल्यामुळे डोकेदुखी होऊ शकते. तसेच मायग्रेनची समस्या वाढू शकते.
जर तुम्ही आधीच मायग्रेनचे बळी असाल तर थंड पाण्यामुळे आणखी त्रास जाणव शकतो.


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Vaingangavarta19

March 24, 2024   

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नाली उपस्याकडे मार्कंडा (कं) ग्रामपंचायत प्रशासनाचे दुर्लेक्ष


नाली उपस्याकडे मार्कंडा (कं) ग्रामपंचायत प्रशासनाचे दुर्लेक्ष

ग्राम निधीचे करताय तरी काय? ग्रामस्थांनचा सवाल


आष्टी - चामोर्शी तालुक्यातील ग्रामपंचायत मार्कंडा कंन्सोबा येथील वार्ड क्र २ मधील बेघर वसाहतीतील भागात गेल्या कित्तेक वर्षापासून नालीची सफाई करण्यात आली नसल्याने नालीमध्ये सांडपाणी, मातीचे थर प्लास्टिक पिशव्या काडी कचरा मोठ्या प्रमाणात साचल्याने पुर्णतः नाली ब्लॉक झाल्यामुळे या परिसरातील रहिवाशांच्या घराजवळ सांडपाण्याचे मोठे डबके तयार झाले असून या कडे ग्रामपंचायत प्रशासन अक्षरशः दुर्लक्ष करीत आहे. वर्षभर नाली सफाई करण्याकडे दुर्लक्ष केले जाते. बुजलेल्या नाल्या, मातीचे व कचऱ्याचे थर जमा होऊन खराब सांडपाणी जागीच अडून दुर्गंधी पसरु लागली आहे. सध्या स्थितीत नालीची अवस्था बिकट स्वरूपाची झाली आहे. नालीच्या उपसा अभावी खराब सांडपाणी एकाच ठिकाणी जमा होऊन डास, किडे व जंत तयार होऊन नागरिकांचे आरोग्य धोक्यात आले आहे. ग्रामपंचायत प्रशासनाने स्वच्छतेवर भर देणे गरजेचे आहे. मात्र या ठिकाणी वेगळीच परिस्तिथी निर्माण झाली आहे. गावातील नागरिकांच्या आरोग्याशी खेळ सुरू असून स्वच्छतेवर नाही तर गलिच्छतेवर भर दिसतो. त्वरित नालीचा उपसा करून साफसफाई करण्यात यावी अशी मागणी बेघर वसाहतीत राहणाऱ्या ग्रामस्थांकडून केली जात आहे. ग्रामपंचायत प्रशासनाकडून विजकर, पाणीकर, आरोग्य कर,गृहकर घेतले जाते पण स्वच्छतेवर लक्ष देत नाही असाही सवाल ग्रामस्थांकडून केला जात आहे