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July 17, 2024

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Jagannath Mandir: 46 साल बाद खुला जगन्नाथ मंदिर के खजाने का दरवाजा 


Jagannath Mandir: ओड़िशा का पुरी का जगन्नाथ मंदिर Puri Jagannath Temple देश-दुनिया को पता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, द्वापर के बाद श्रीकृष्ण Shri Krishna पुरी में निवास करने लगे और जग के नाथ मतलब जगन्नाथ बन गए. पुरी का जगन्नाथ मंदिर चारों धाम में से एक है. यहां भगवान श्रीकृष्ण अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं.

फिलहाल जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार Ratna Bhandar चर्चा में है, इस रत्न भंडार को 46 साल बाद खोला गय है. इससे पहले जगन्नाथ मंदिर के चारों द्वार खोले गए थे. और  धार्मिक अनुष्ठान के बाद रविवार को शुभ मुहूर्त पर दोपहर 01 बजे 46 साल बाद जगन्नाथ  मंदिर का रत्न भंडार खोला गया.

ये भी पढ़ें : Home Care: बारिश के मौसम में 10 मिनट में सूख जाएंगे गीले कपड़े, धूप की जरूरत नहीं, अपनाएं आसान ट्रिक

आपको बता दें कि 14 जुलाई 1985 में रत्न भंडार को खोला गया था. इसके बाद इसे कभी खोला नहीं गया. इतने सालों में रत्न भंडार की चाबी भी गुम हो गई थी. तो ऐसे में इतने सालों बाद जब रत्न भंडार खुला है तो लोग भी ये जानने के लिए बेताब हैं कि आखिर खजाने में क्या-क्या मिला है?

 

जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार से मिली ये अनमोल वस्तु

46 साल बाद रत्न भंडार को खोलने का उद्देश्य ये है की आभूषणों, मूल्यवान और  वस्तु की सूची बनाने और भंडार गृह की मरम्मत कराना है. रत्न भंडार से मिली  वस्तुएं इसकी पूरी सूची बनाने में अभी समय लग सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, रत्न भंडार में भगवान को चढ़ाए बहुमूल्य सोने और हीरे के आभूषण हैं. वहीं रत्न भंडार के दो कक्ष हैं. इनमें अंदर और बाहर खजाना है.

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श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासनके मुख्य प्रशासक अरविंद पाधी ने बताया कि, रत्न भंडार के बाहरी कक्ष की तीन चाबियां उपलब्ध थी और अंदर के कक्ष की चाबियां गायब थी.

ओडिशा मैगजीन के अनुसार, बाहरी खजाने में भगवान जगन्नाथ के तीन सोने का हार और सोने का मुकुट है  वहीं अंदर के खजाने में करीब 74 सोने के आभूषण हैं, जिसमें हर एक का वजन लगभग 100 तोला है. इसमें सोने, चांदी, हीरे, मूंगा और मोतियों से बने बहुत सारे आभूषण भी हैं.

 


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July 14, 2024

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Home Care: बारिश के मौसम में 10 मिनट में सूख जाएंगे गीले कपड़े, धूप की जरूरत नहीं, अपनाएं आसान ट्रिक


Home Care: दोस्तों अगर आपके गीले कपड़े बारिश के कारण नहीं सूख रहे हैं तो ये उपाय आपकी मदद करेंगे. बारिश में सूखें गीले कपड़े अगर लगातार बारिश और सूरज की रोशनी की कमी के कारण आपको अपने कपड़े सुखाने में परेशानी हो रही है, तो इन टिप्स को जरूर अपनाए.

बारिश का मौसम भले ही सुहावना लगता हो, लेकिन घर-परिवार के लिए यह किसी संकपरेशानी से कम नहीं होता. खासकर गीले कपड़ों को सुखाना एक बड़ी तकलीफ काम है. अगर कपड़े बाहर बालकनी में भी रखे हों तो बारिश की फुहारों केवजह से वो भीग जाते हैं या नम हो जाते हैं. तो ऐसे में सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि कपड़ों को जल्दी कैसे सुखाया जाए क्योंकि ज्यादा देर तक गीले रहने वाले कपड़ों से बदबू आने लगती है. गीले कपड़ों को बदबू से बचाने के लिए इन ट्रिक्स की मदद से गीले कपड़ों को जल्दी सुखाएं जा सकता है.

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घर के अंदर हैंगर पर कपड़े लटकाएं, इससे हवा कपड़ों के इलास्टिक वाले हिस्से तक पहुंच सकेगी और कपड़े जल्दी सूख जाएंगे। इसके अलावा, कपड़े घर के अंदर ऐसे रखें जहां पंखा सीधा चलता हो और कमरा थोड़ा गर्म रहता हो. बाहर की नमी कपड़ों को सूखने नहीं देती. इससे घर का इंटीरियर भी खराब लगता है ऐसी स्थिति में आप कुछ आसान उपाय कर सकते हैं जिससे कपडे जल्दी सुख जाएंगे.

ये भी पढ़ें : How To Get Rid Of Ants Permanently: चीटियों का चुटकी में सफाया कर देंगे ये 5 देसी उपाय, एक भी रुपया नहीं होगा खर्च

 

 

Home Care: हेयर ड्रायर का प्रयोग करें

हेयर ड्रायर से कपड़े सुखाने की स्ट्रीक बहुत पुरानी है. अगर आपको नहीं पता तो आप हेयर ड्रायर की मदद से मिनटों में कपड़े सुखा सकते हैं. लेकिन याद रहें की  हेयर ड्रायर का अत्यधिक इस्तेमाल न करें.

 

Home Care: कपड़ों को इस्त्री की मदद से सुखाएं

ये स्ट्रीक काफी समय से चल रहा है. जो पूरी तरह से कारगर भी है. गीले कपड़ों को अच्छी तरह सुखाकर इस्त्री करें. कपड़े पूरी तरह सूख जाएंगे और उनकी सिकुड़न भी दूर हो जाएगी.

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कपड़ों को कूलर के सामने रखें ताकि आप उन्हें ठंडी हवा में सुखा सकें. और याद रखें कि कूलर की मोटर बंद रखें। नहीं तो कपड़े गीले हो जायेंगे. पंखे की तेज हवा ही आपके कपड़े सुखाने के लिए काफी होती है.

 

Home Care: अतिरिक्त पानी को निकल जाने दें

यदि आप वॉशिंग मशीन में कपड़े धोते हैं, तो उन्हें सुखाने वाले स्टैंड पर रखने से पहले दो या तीन बार ड्रेनिंग चक्र चलाएं. वहीं, अगर आप हाथ से कपड़े धोते हैं, तो कपड़ों को सुखाने से पहले बाथरूम में कपड़ों को अच्छे से निछोड लीजिए। इससे कपड़ों का अतिरिक्त पानी टपकने देंनिकल जाएगा.

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July 8, 2024

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How To Get Rid Of Ants Permanently: चीटियों का चुटकी में सफाया कर देंगे ये 5 देसी उपाय, एक भी रुपया नहीं होगा खर्च 


How To Get Rid Of Ants Permanently: चीटियां किसी भी घर में होना एक परेशानी की ही बात है। काली चींटी तो एक दफा बर्दाश्त भी हो जाए लेकिन लाल को देखते ही दिमाग खराब होने लगता है, क्योंकि ये डंक भी मारती है. इसलिए हम आपको इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ आसान से घरेलू नुस्खे बता रहे हैं.

 

चीटियों की समस्या: क्यों और कैसे?

चीटियां किसी भी मौसम में किचन से लेकर घर के हर एक कोने में अपना डेरा जमा लेती हैं. बारिश के दिनों में इनकी संख्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है. यहां तक कि ये घर से जल्दी जाने का नाम भी नहीं लेती हैं। ऐसे में कई लोग चीटियों से छुटकारा पाने के लिए बाजार में मिलने वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने लगते हैं, जिसमें काफी खर्च हो जाता है और कुछ खास रिजल्ट भी नहीं मिलता है.

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घरेलू उपाय: चीटियों का सफाया

वैसे अगर आपके घर में भी चीटियों का आतंका बढ़ता ही जा रहा है तो आपको बाजार से प्रोडक्ट लाकर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. आप के घर में रहने वाली कुछ चीजों की मदद से ही इन चींटियों की सफाई कर सकते हैं. हम यहां आपको कुछ घरेलू उपाय से चीटियों को भगाने के तरीके बता रहे हैं। इन घरेलु उपाय की मदद से आपका काम फ्री में ही हो जाएगा.

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घर में चीटियों से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय

 

1. नमक से करें चीटियों का सफाया

नमक सबसे सस्ता और सबसे आसान उपाय है जो हर घर में होता है. इसके लिए एक बर्तन में  नमक और पानी डालकर उबाल लें, फिर इस घोल बनाकर स्प्रे बोतल में भर लें. अब इसे घर के उन कोनों में छिड़कें जहां चींटियों डेरा होती हैं। इस तरह जरुरत के हिसाब आप  इसका उपयोग कर सकते है.

 

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2. काली मिर्च का उपयोग

हमारे घरों में किचन में रखे मसालों में काली मिर्च होतीही है, लेकिन ये मसाला चींटियों को भगाने के लिए बहुत काम आ सकता है. दरअसल काली मिर्च के पाउडर से चींटियों को भगाया जा सकता है. इसलिए घर के जिन कोनो में आपको चींटियां दिखती हैं वहां काली मिर्च के पाउडर का छिड़काव करियें.

 

3. नींबू का रस

नींबू और नींबू के छिलके भी चींटियों को भगाने के लिए आपकी मदद कर सकते हैं। आप जब फर्श पर पोछा लगाते है उस वक्त पानी में नींबू का रस निचोड़ लीजिए . दरअसल नींबू की गंध चींटियों को बिलकुल भी पसंद नहीं होती अगर आप चाहें तो नींबू के छिलकों को अपने घर के कोनों में भी रख सकते हैं। इन दोनों ही तरीकों से चींटियां जरूर भाग जाएगी.

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4. लहसुन का रस

लहसुन की महक भी चींटियों को बिल्कुल भी पसंद नहीं आती है। इसलिए आप इन्हें घर से भगाने के लिए लहसुन का भी उपयोग कर सकते हैं. इसके लिए लहसुन की कलियों को पीसकर इसका रस बनाकर. फिर इस रस को बोतल में डालकर चींटियों वाली जगह पर स्प्रे करे इससे चींटिया तुरंत भाग जाएगी.

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July 4, 2024

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Top 10 Vastu Tips For Home : इन 5 आदतों से घर में रहती है नकारात्मक ऊर्जा 


Top 10 Vastu Tips For Home : जीवनशैली से जुड़ी कुछ आदतें जो हमारी जिंदगी में नकारात्मकता ला सकती हैं।  तो कहीं ये आदतें आप में तो नहीं, चलिए जानते है

वास्तु विज्ञान के अनुसार घर में रखी प्रत्येक अधिक सक्रिय रहती हैं। उस घर में रहने वाले लोग सकती हैं और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ सकता है. यह या फिर घर में रह रहे सदस्यों की आदतों का सकारात्मक और नकारात्मक असर परिवार की सुख- समृद्धिको प्रभावित कर सकता है. हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता हासिल करना चाहता है लेकिन कई बार बहुत प्रयासों के बावजूद उसे उतनी सफलता नहीं मिलती, जिसकी उसे उम्मीद होती है. जीवन में एक के बाद एक समस्या आती रहती है. उसे पता भी नहीं चलता और उसकी कई अनजानी बुरी आदतें घर में वास्तु दोष उत्पन्न कर देती हैं.

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जल्दी सोना और सुबह जल्दी जागना, स्वस्थ रखता है :

 वास्तु के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में तम एवं रजो गुण की मात्रा बहुत कम होती है तथा इस समय सत्वगुण का प्रभाव ज्यादा होता है इसलिए इस समय में बुरे मानसिक विचार भी सात्विक और शांत हो जाते हैं, और सेहत भी अच्छी रहती है.

 

अधिकांश घरों में छत पर कबाड़ रखा होने से वास्तुदोष उत्पन्न होता है:

 यहां किसी भी प्रकार के बांस या लोहे का जंग लगा हुआ सामान या फिर टूटी कुर्सियां आदि कभी ना रखें. जिन लोगों के घरों की छत पर अनुपयोगी सामान रखा होता है, वहां नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय रहती है. उस घर में रहने वाले लोगों के विचार नकारात्मक होते हैं एवं परिवार में भी मनमुटाव की स्थितियां बन सकती.

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कई लोग किसी की परवाह किए बिना कहीं भी थूकते रहते हैं:

 ऐसा करने से एक ओर संक्रमण का खतरा रहता है तो वहीं दूसरी ओर ज्योतिष और वास्तु के अनुसार यश, सम्मान और प्रतिष्ठा को नुक़सान पहुंच सकता है.

 

घर में साफ़-सफाई और स्वच्छता बहुत जरूरी है:

 पर दिन में कई बार या थोड़ी-थोड़ी देर में झाड़ू लगाना नकारात्मकता ला सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बार-बार झाड़ू लगाने से घर की सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है, जिससे घर में आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती है. और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है. घर के वातावरण को अस्थिर और अशांत कर सकता है. इसलिए सफाई उचित समय पर और आवश्यकता अनुसार ही करनी चाहिए, जैसे केवल सुबह और शाम.

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अक्सर लोग घर के बाहर या पीछे की दीवारों की साफ़-सफ़ाई पर ध्यान नहीं देते:

 वास्तु के अनुसार दीवारों में दरार एवं सीलन नहीं होनी चाहिए। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. वहीं घर में कहीं भी पानी की बर्बादी होना अशुभ माना जाता है. यह आर्थिक तंगी का कारण बन सकता है.

 


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June 29, 2024

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International Food: क्या आप जानते है, दुनिया में पहले रोटी खाई गई या चावल ?


International Food: दोस्तों  भारतीय लोग अपने परंपरागत खाने में रोटी भी खाते हैं और चावल भी. उत्तर भारत में तो बगैर रोटी और चावल के खाना पूरा ही नहीं माना जाता. लेकिन क्या आपको मालूम है कि दुनिया में पहले रोटी खाई गई या फिर चावल और क्या आपको मालूम है कि दुनिया की पहली रोटी किस देश में बनी और कैसे बनाई गई,

ये सवाल अपने आपमें कौतुहल पैदा करने वाला है कि दुनिया में पहले आखिर क्या खाया गया होगा -रोटी या चावल, अगर हम ऐतिहासिक तथ्यों की बात करे तो उसका जवाब मिल जाता है. आपको एक बात और बता दें कि चावल हो या रोटी, ये दोनों ही चीजे सबसे पहले एशिया में खोजी गई और यहाँ खाई भी गई ऐतिहासिक तथ्य बताते हैं कि चावल की खेती 8000 ईसा पूर्व चीन China में होने लगी थी. घरेलू चावल की खेती का सबसे पहला प्रमाण चीन के यारी नदी क्षेत्र में लगभग 8000 ईसा पूर्व का है. यहां से चावल पूरी दुनिया में फैला लेकिन दुनिया में फैलने से पहले ये दक्षिण एशिया South Asia में आया मतलब ये हुआ कि दुनिया में चावल पहले खाया गया. वो भी China and India चीन और भारत में.

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दुनिया में  चावल सबसे ज्यादा खाया जाता है

हालांकि ये बात बिल्कुल सही है कि दुनिया में तकरीबन हर देश में चावल खाया जाता है, इसकी खपत गेहूं से कहीं ज्यादा है, उसकी वजह भी है, क्योंकि इसको खाना बहुत आसान है. इसी वजह से दुनियाभर में चावल आधारित व्यंजन की फेहरिरत भी लंबी है. रोटी उसकी तुलना में अ भी कम देशों में खाई जाती है.

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भारत में पहले क्या खाई गई?

चावल की खेती 2000 ईसा पूर्व तक भारत और एशिया के दूसरे हिस्सों में होने लगी थी वहां से फिर दुनिया में दूसरे देशों में फैलती गई लेकिन अब दुनिया का सबसे ज्यादा चावल चीन और भारत China and India में ही होता है, यहां से दुनियाभर को निर्यात होता है [ऋग्वेद (करीब 1500-500 ईसा पूर्व) में चावल को भारतीय उपमहाद्वीप Subcontinent में मुख्य भोजन के रूप में उल्लेख किया गया है. रोटी शायद भारत में चावल से पहले खाई गई, क्योंकि ऐतिहासिक प्रमाण कहते हैं कि भारतीय उपमहाद्वीप में फ्लैटब्रेड की खपत का सबसे पहला प्रमाण लगभग 3000 ईसा पूर्व का है. हालांकि ये रोटियां गेहूं नहीं बल्कि बाजरा या जो की होती थीं

 

भारत में कहां बनी पहली रोटी ?

तो दोस्तों आज हम जानते हैं कि दुनिया की पहली रोटी किस देश में बनी. गेहूं की वो रोटी, जो हम खाते हैं, वो भारत India में ही पहली बार बनी और खाई गई. रोटी का गेहूं अवतार तत्कालीन अवध राज्य Awadh state में पैदा हुआ. हालांकि ये दावा भी है कि रोटी पूर्वी अफ्रीका से व्यापारियों द्वारा भारत आई.

अमीरी चपटी रोटी अफ्रीका के स्वाहिली भाषी लोगों के बीच एक मुख्य भोजन थी. रोटी और इसी तरह के फ्लैटब्रेड फिर मध्य पूर्व अधिका, दक्षिण पूर्व एशिया और कैरेबियन सहित दुनिया के अन्य हिस्सों में फैल गए, अक्सर भारतीय उपमहाद्वीप से लोगों के वहां पहुंचने की वजह से भी. ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय उपमहाद्वीप वह स्थान है जहाँ सबसे पहले रोटी बनाई और खाई गई थी.

 


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June 25, 2024

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Home Care: बरसात में घर की ये 5 चींजे जरूर साफ करें


Home Care: मानसून आने से पहले कई बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. समय की भागदौड़ से बचने के लिए आपको घर पर ये काम जरूर करने चाहिए. अगर आपने अभी तक ये काम नहीं किया है, तो करें. बारिश बढ़ने से पहले घर पर क्या करें? आपकी तरह आपका घर भी बारिश के स्वागत के लिए तैयार रहना चाहिए। ऐसी कई चीजें हैं जो हमें मानसून के दौरान करनी चाहिए.

शू रैक को घर के बाहर रखें। इससे घर में कीचड़ और पानी नहीं आएगा। छाते और रेनकोट सुखाने के लिए भी घर के बाहर जगह बनाएं. हॉल और अन्य कमरों से कालीन, गलीचे हटा दें। आप इसकी जगह बांस या रबर की चटाई का उपयोग कर सकते हैं. अगर आपके घर में इनडोर पौधे हैं तो आप उन्हें बाहर गलियारे में भी रख सकते हैं.

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Home Care: इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तु नजर अंदाज न करें

बारिश से पहले वायरिंग की जांच करें, जहां तार टूटा हो, वहां मरम्मत कराएं. घर के सभी प्लग प्वाइंट की अर्थिंग जांच लें, ताकि बारिश में करंट लगने का डर न रहे. इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को भय से दूर रखें. सिलिका पाउच को होम थिएटर या प्लाज़्मा टीवी के पास रखें। मोबाइल, कैमरा, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान को इस्तेमाल के बाद जिप पैक पाउच में रखें. तूफान या बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षा के लिए टीवी, फोन, फ्रिज आदि को ऑफ़ कर देना चाहिए.

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Home Care: मच्छरों से खुद को बचाएं

बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया के मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है. कूलर को बंद कर दें और जमा पानी को बाहर फेंक दें। पानी की टंकी को साफ करके रखें और घर में पीने का पानी ज्यादा देर तक न रखें। डेंगू के मच्छर साफ पानी में ही पैदा होते हैं. मच्छरों को घर में प्रवेश करने से रोकने के लिए दरवाजों और खिड़कियों पर जाली लगाएं.

मच्छरों को भगाने और मारने के लिए क्रीम, स्प्रे, मैट, कॉडल्स जैसी चीज़ों का उपयोग करें. सप्ताह में एक बार मच्छर भगाने वाली दवा का छिड़काव करें. इसे फोटो फ्रेम, पर्दों, कैलेंडर के पीछे, स्टोर रूम और घर के सभी कोनों पर स्प्रे करें, इससे मच्छरों की संख्या कम हो जाएगी.

 

Home Care: किचन में साफ-सफाई रखें

मानसून से पहले किचन स्टोर अच्छे से साफ करें. नमक, चीनी, गुड़ जैसी जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं को एयर टाइट अलमारी में रखें। चींटियों से बचने के लिए चीनी के डब्बे में 4 से 5 लौंग डालें। साथ ही रसोई में लकड़ी की टॉली भी. अलमारियाँ साफ़ रखें.

 

Home Care: कपड़ों का रखें खास ख्याल

कपड़ों को अलमारी में रखने से पहले धूप में अच्छी तरह सुखा लें. ताकि नमी के कारण उसमें से बदबू न आए. पहले कागज को अलमारी में रखें और फिर उस पर कपड़े रखें। इसमें कपूर, राल की टिकिया भी डाल दें. सिल्वरफ़िश नामक एक छोटा सा कीड़ा मानसून के दौरान अलमारी में समस्या बन सकता है. इसके लिए अलमारी में नीम की पत्तियां रखें.

 

Home Care: फर्नीचर को सूखा रखें

फर्नीचर का विशेष ध्यान रखना चाहिए। रोजाना सूखे कपड़े से साफ करें. नमी दूर करने के लिए अलमारी, दराजों में सिलिका जेल रखें. लोहे के फर्नीचर को जंग लगने से पहले पेंट करें. लकड़ी के फर्नीचर पर वैक्स पॉलिश. चमड़े के सोफे और कुर्सियों को फंगस से बचाने के लिए उन्हें रोजाना सूखे कपड़े से पोंछें.

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June 21, 2024

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Pm fasal bima yojana: खुश खबर! राज्य के किसानों को इस साल भी मिलेगा सिर्फ एक रूपया में फसल बीमा, जानिए किसको और कैसे मिलेगा


Pm fasal bima yojana: किसानों खुश खबर! इस साल भी राज्य के किसानों को खरीफ हंगाम के दौरान फसल बीमा योजना का लाभ केवल एक रुपये में मिलेगा. इसके लिए राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pm fasal bima yojana) के अंतर्गत पिछले साल खरीफ हंगाम में शुरू की गई 'सर्वसमावेशी फसल बीमा योजना' को इस साल भी लागू करने का निर्णय राज्य के कृषि विभाग ने लिया है. जिसका भी खरीफ हंगाम है उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा.

 

Pm fasal bima yojana: आवेदन की अंतिम तारीख

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को 15 जुलाई तक आवेदन करना होगा। कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने राज्य के अधिक से अधिक किसानों से इस फसल बीमा योजना का लाभ उठाने का निवेदन किया है.

 

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Pm fasal bima yojana: योजना के बारेमें

केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pm fasal bima yojana) के अंतर्गत पिछले वर्ष खरीफ हंगाम (2023-24) की फसलों के लिए पहली बार 'सर्वसमावेशी फसल बीमा योजना' (कप और कैप मॉडल 80:110) को मंजूरी दी गई थी. इस बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोग जैसी अनपेक्षित प्रतिकूल परिस्थितियों में फसल के नुकसान की स्थिति में किसानों को उनकी फसलों के लिए बीमा संरक्षण मिलेगा.

 

 

Pm fasal bima yojana Benefits: योजना के लाभ और उद्देश्य

किसानों की आर्थिक सुरक्षा: अगर प्राकृतिक आपदा, कीट, या रोग के कारण फसल खराब हो जाती है, तो बीमा की मदद से किसानों को पैसे मिलेंगे ताकि उनका जीवन चलता रहे.
नई तकनीक अपनाने का मौका: इस योजना से किसान नई और बेहतर खेती की तकनीकें और सामग्री इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे फसल अच्छी हो.
कर्ज मिलना आसान: बीमा होने से बैंकों को भरोसा होता है और वे किसानों को आसानी से कर्ज दे देते हैं.
सुरक्षित और विविध फसलें: यह योजना किसानों को विभिन्न प्रकार की फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करती है और उन्हें सुरक्षित रखती है.

 

Pm fasal bima yojana: योजना के अंतर्गत लाभ

  •  प्रतिकूल मौसम के कारण बुवाई न हो पाने से नुकसान
  • फसल के मौसम में प्रतिकूल मौसम से नुकसान
  • बुवाई से कटाई तक की अवधि में प्राकृतिक आग से नुकसान
  •  बिजली गिरना, ओलावृष्टि
  • तूफान, चक्रवात, बाढ़ के कारण फसल ख़राब होना (चावल, गन्ना और जूट को छोड़कर)
  • भूस्खलन, सूखा, बारिश की कमी, कीट और रोगों से उत्पादन में कमी
  • स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान
  • प्राकृतिक कारणों से कटाई के बाद नुकसान

Pm fasal bima yojana: योजना में शामिल की गई फसलें

  • भात (चावल)
  • ज्वारी (ज्वार)
  • बाजरी (बाजरा)
  • नाचणी (रागी)
  • मका (मक्का)
  • तूर (अरहर)
  • मूग (मूंग)
  • उडीद (उड़द)
  • भुईमूग (मूंगफली)
  • तिळ (तिल)
  • कारळे (कपास)
  • सोयाबीन
  • कांदा (प्याज)

Pm fasal bima yojana: आवेदन कैसे करे

इस फसल बीमा योजना का लाभ किसानों को मिले, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक स्वतंत्र फसल बीमा पोर्टल शुरू किया है. अनेक प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले फसल नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए यह योजना शुरू की गई है. इसलिए राज्य के किसानों को केवल 1 रुपये में यह फसल बीमा लेना आवश्यक है.

आवेदन करने के लिए यहाँ क्लीक करें
www.pmfby.gov.in](http://www.pmfby.gov.in) इस वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा.

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June 18, 2024

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वैज्ञानिकों का दावा: माउथवॉश से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा! रोजाना कुल्ला करना याने मौत को दावत, जानिए पूरी खबर 


Mouthwash increase risk of cancer: वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक चौंकाने वाला दावा किया है कि माउथवॉश का नियमित उपयोग कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है. इस अध्ययन के मुताबिक, मुंह की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले माउथवॉश से कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है, चाहे वह किसी बड़े ब्रांड का ही क्यों न हो. बेल्जियम के इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रोपिकल मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने दो प्रकार के बैक्टीरिया की पहचान की है जो कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा सकते हैं. तीन महीने तक माउथवॉश का उपयोग करने से इन बैक्टीरिया के बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है. खासकर, लिस्टेरिन कूल मिंट माउथवॉश का रोजाना उपयोग गले के कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है.


माउथवॉश का नियमित उपयोग क्यों है खतरनाक?

डेलीमेल की रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने फुसोबैक्टीरियम न्यूक्लियाटम और स्ट्रेप्टोकॉकस एंजिनोसस नामक बैक्टीरिया की खोज की है. ये बैक्टीरिया तब अधिक पनपते हैं जब व्यक्ति नियमित रूप से माउथवॉश का उपयोग करता है. बेल्जियम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर क्रिस केनयोन ने बताया कि माउथवॉश का उपयोग मुंह में विभिन्न प्रकार के संक्रमणों और कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है. उन्होंने सलाह दी कि अधिकांश लोगों को माउथवॉश का उपयोग करने से बचना चाहिए। यदि कोई इसका उपयोग कर रहा है, तो उसे बिना अल्कोहल वाले माउथवॉश का उपयोग करना चाहिए और धीरे-धीरे इसका उपयोग कम करना चाहिए.

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स्टडी में ये बात सामने आई

इस स्टडी में 59 लोगों को तीन महीने तक रोजाना लिस्टेरिन माउथवॉश का उपयोग करने के लिए कहा गया, जबकि कुछ लोगों को प्लेसिबो माउथवॉश का उपयोग करने के लिए कहा गया. प्लेसिबो माउथवॉश असली माउथवॉश की तरह दिखता है, लेकिन उसमें सक्रिय तत्व नहीं होते. अध्ययन के विश्लेषण में पाया गया कि लिस्टेरिन सहित अन्य अल्कोहल-आधारित माउथवॉश का नियमित उपयोग करने पर ये बैक्टीरिया मुंह में पनप जाते हैं.


लिस्टेरिन बनाने वाली कंपनी ने क्या कहा

लिस्टेरिन बनाने वाली कंपनी ने इस रिसर्च का सम्मान करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस अध्ययन के दावों में कई कमियां हैं और इसके आधार पर कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.

इस लेख को पढ़ने के बाद, यह महत्वपूर्ण है कि आप माउथवॉश का उपयोग सावधानी से करें और अगर संभव हो तो अपने दंत चिकित्सक से सलाह लें. स्वस्थ मुंह के लिए संतुलित और सावधान रहना जरूरी है.


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June 15, 2024

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Wellhealth Ayurvedic Health Tips: आला पावसाळा तब्येत सांभाळा, पावसाळ्यात अशी घ्या आरोग्याची काळजी


Wellhealth Ayurvedic Health Tips: देशाच्या अनेक भागांमध्ये पावसाने स्पष्टपणे हजेरी लावली आहे. गेल्या दोन-तीन दिवसांपासून महाराष्ट्रात पावसाचा जोर वाढला आहे. त्यामुळे नागरिकांना उष्णतेपासून काहीसा दिलासा मिळाला आहे. पावसाळा आला की थंडी वाढते आणि वातावरण अधिक आरामदायक बनते.

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परंतु या वातावरणा मध्ये संसर्ग आणि इतर रोगांचा धोका देखील लक्षणीय वाढला आहे. त्यामुळेच या काळात अतिसार, मलेरिया, विषाणूजन्य ताप, सर्दी, खोकला, घसा खवखवणे असे आजार मोठ्या प्रमाणात होतात. या दिवसांमध्ये विशेषत वृद्ध छोटे मुलं आणि तरुणांवर जास्त लक्ष दिले पाहिजे.

 

पावसाळ्यात,आपली रोगप्रतिकारक शक्ती सामान्यत तडजोड केली जाते. तुम्हाला निरोगी ठेवण्यासाठी आणि संसर्गापासून बचाव करण्यासाठी, आज आम्ही तुम्हाला काही महत्त्वपूर्ण सल्ला देणार आहोत.

Wellhealth Ayurvedic Health Tips अशी घ्या आरोग्याची काळजी

1. घर नीटनेटके ठेवा.

संसर्गास कारणीभूत असलेल्या अनेक प्रकारच्या विषाणू टाळण्यासाठी स्वच्छता राखणे आवश्यक आहे. अशा प्रकारे, संसर्ग टाळण्यासाठी, संपूर्ण पावसाळ्यात आपले घर स्वच्छ ठेवा. याव्यतिरिक्त, घरामध्ये बुरशी किंवा बुरशीची वाढ होऊ देऊ नका.

2. योग्य पौष्टिक आहार घ्या.

तुम्हाला अनेक प्रकारच्या आजारांपासून स्वतःला सुरक्षित ठेवायचे असेल तर तुमची रोगप्रतिकारक शक्ती वाढवणे आवश्यक आहे. अशा परिस्थितीत तुमची ऊर्जा रोगप्रतिकारक वाढवण्यासाठी तुम्ही पौष्टिक आहार घ्यावा. पौष्टिक आहार घेतल्याने शरीराला आजारांपासून बचाव करण्यासाठी मदत मिळते. म्हणून, पावसाळ्यात, आपल्या आहारात फळे, भाज्या, शेंगा आणि संपूर्ण धान्ये भरपूर खावे.

3. लसीकरण करावे.

पावसाळ्यात, तुम्ही फ्लू, न्यूमोनिया आणि टायफॉइड यांसारख्या सामान्य विषाणूजन्य संसर्गाविरूद्ध लसीकरण करू शकता. ज्येष्ठ नागरिक आणि तरुणांना लसीकरण करण्यास विसरू नका. याचा अर्थ असा की तुम्ही अनेक प्रकारच्या रोगांचा संसर्ग टाळू शकता आणि चांगले आरोग्य राखू शकता.

4. घराभोवती पाणी साचू देऊ नये.

पावसाळ्यात घराभोवती पावसाचे पाणी साचते. या साचलेल्या पाण्यात डेंग्यू आणि मलेरिया पसरवणारे डास वाढण्याची शक्यता असते. त्यामुळे पावसाळ्यात घराच्या आत किंवा बाहेर पाणी साचू देऊ नका.

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June 12, 2024

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PMEGP Aadhar Card Loan: आधार कार्ड से मिलेगा 50 लाख तक का लोन, और 35% मिलेगी सब्सिडी


PMEGP Aadhar Card Loan: दोस्तों नमस्कार स्वागत करते है हमारे आज के इस आर्टिकल में जैसा कि आप सभी को पता है देश में बेरोजगारी के कारन की से सरकार की ओर से युवाओं को खुद का बिजनेस करने के लिए कई प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है इसके लिए PMEGP Aadhar Card Loan के माध्यम से लोगों को बिजनेस करने के लिए 50 लाख रुपए का लोन दिया जाता है और 35% तक की सब्सिडी भी दी जाती है। ये सब्सिडी अलग-अलग क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होगी।

इस योजना लाभ लेने के लिए आधार कार्ड और कुछ जरुरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है. इसके साथ व्यक्ति मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में बिजनेस को शुरू करने के लिए 50 लख रुपए तक का लोन मिल सकता है. और उद्योग शुरू करने के लिए 20 लख रुपए तक का लोन बहुत ही आसानी से मिल जाएगा. इस लोन की विशेष बात यह है कि इसके तहत ग्रामीण लोगों को 35% तक की सब्सिडी दी जाती है और शहरी लोगों को 25% की सब्सिडी दी जाती है।

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इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को 65% वापस करना होगा। और शहरी क्षेत्र के लोगो को 75% वापस करना होता है. इसके साथी ही तीन साल से लेकर 7 साल की अवधि तक इसे वापस किया जा सकता है. और 10 लाख की परियोजना के लिए कोई भी गारंटी की आवश्यकता नहीं होती।


PMEGP Aadhar Card Loan के लाभ और विशेषताएं

  • Aadhar Card Loan योजना के माध्यम से अगर कोई नागरिक 10 लाख रुपए का लोन लेता है, तो किसी प्रकार की सुरक्षा गारंटी की आवश्यकता नहीं होगी।
  • सरकार के ओर से Aadhar Card Loan लोन पर 25% से लेकर 35% तक की सब्सिडी दी जाएगी।
  • Aadhar Card Loan लोन की सुविधा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध कराई जाएगी।
  • इस Aadhar Card Loan लोन के माध्यम से युवक स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकता है.
  • Aadhar Card Loan योजना भारत में बेरोजगारी की दर को कम करने के लिए आवश्यक होगी।
  • Aadhar Card Loan योजना के लिए ब्याज दर भी कम है।
  • आवेदन करने के लिए आप किसी भी बैंक से लोन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
  • सिर्फ 7 दिनों के प्रशिक्षण के बाद आपको सरकार की ओर से Aadhar Card Loan लोन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

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PMEGP Aadhar Card Loan के लिए पात्रता?

  • इस Aadhar Card Loan योजना के लिए सिर्फ भारत का मूल निवासी आवेदन कर सकता है।
  • आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्र 18 वर्ष से ज्यादा की होनी चाहिए
  • manufacturing में 10 लाख रुपए से ज्यादा और सेवा क्षेत्र में ₹500000 का अधिक व्यवसाय शुरू करने के लिए उस व्यक्ति को कम से कम कक्षा 8वीं पास होना आवश्यक है।
  • अभी नए उद्योग जो सब्सिडी का लाभ ले चुके हैं उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
  • आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास मान्यता प्राप्त Aadhar Card नंबर होना जरुरी है।
  • जमीन की लागत को इस Aadhar Card Loan योजना का लाभ नहीं मिल सकता है।


PMEGP Aadhar Card Loan लगने वाले जरुरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • पॅन कार्ड
  • 10वी और 12वी मार्कशीट
  • सर्वोच्च शैक्षणिक पात्रता दस्तऐवज
  • विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट
  • श्रेणी प्रमाणपत्र
  • निवास प्रमाणपत्र
  • जाती प्रमाणपत्र
  • बँक खाते पासबुक
  • आधार कार्ड से लिंक हुआ मोबाइल नंबर
  • अन्य दस्तावेज

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PMEGP Aadhar Card Loan लेने के लिए आवेदन कैसे करें

आधार कार्ड लोन के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया को आप आसान तरीके से कर सकते हैं:

स्टेप 1: सबसे पहले वेबसाइट पर जाएं
1. अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर इंटरनेट खोलें।
2. PMEGP की वेबसाइट पर जाएं।

स्टेप 2: फॉर्म चुनें
1. अगर आप खुद आवेदन कर रहे हैं, तो “Online Application for Individuals” पर क्लिक करें।
2. अगर आप किसी समूह, कंपनी, या ट्रस्ट की ओर से आवेदन कर रहे हैं, तो “Online Application for Non-Individuals” पर क्लिक करें।

स्टेप 3: अपनी जानकारी भरें
1. व्यक्तिगत जानकारी:
 - अपना नाम, पिता या पति का नाम, जन्म तिथि, लिंग और जाति भरें।
 - अपना आधार नंबर भरें।

2. संपर्क जानकारी:
 - अपना पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भरें।

3. व्यवसाय की जानकारी:
 - कौन सा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं (उत्पादन या सेवा)।
 - व्यवसाय का नाम, कुल खर्च और कितने पैसे की जरूरत है, ये भरें।

4. शिक्षा और काम का अनुभव:
 - अपनी पढ़ाई और काम का अनुभव भरें (यदि हो)।

स्टेप 4: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
1. दस्तावेज तैयार करें:
 - आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षिक प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और व्यवसाय योजना।
2. दस्तावेज अपलोड करें:
 - इन दस्तावेजों की स्कैन की हुई कॉपी अपलोड करें।

स्टेप 5: फॉर्म सबमिट करें
1. सभी जानकारी भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद “Submit” बटन पर क्लिक करें।
2. फॉर्म सबमिट होने के बाद, आपको एक आवेदन संख्या (Application ID) मिलेगी। इसे नोट कर लें, यह आगे काम आएगी।

स्टेप 6: आवेदन की स्थिति देखें
1. PMEGP की वेबसाइट पर वापस जाएं।
2. “Track Your Application Status” पर क्लिक करें।
3. अपनी आवेदन संख्या और अन्य जानकारी भरें और स्थिति देखें।

स्टेप 7: बैंक की प्रक्रिया
1. आपका आवेदन बैंक को भेजा जाएगा।
2. बैंक आपके आवेदन और योजना की जांच करेगा।
3. बैंक आपको इंटरव्यू के लिए बुला सकता है।
4. इंटरव्यू और जांच के बाद, बैंक लोन और सब्सिडी की मंजूरी देगा।

इन सरल स्टेप्स को फॉलो करके आप आसानी से PMEGP Aadhar Card Loan के लिए आवेदन कर सकते हैं।


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June 8, 2024

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Govt Job Recruitment 2024 : दूरसंचार मंत्रालया मध्ये पदवीधरांसाठी निघाली या पदांसाठी भरती


Govt Job Recruitment 2024 : मित्रांनो नमस्कार नोकरी शोधणाऱ्यांसाठी खूप मोठी आनंदाची बातमी आम्ही घेऊन आलेलो आहे. मंत्रालय NCCS रिसर्च एसोसिएट स्कीम, Ministry Research Associate Scheme अंतर्गत रिसर्च एसोसिएट पदासाठी भरती निघाली आहे.

या भरतीसाठी वयोमर्यादा किती असणार, शिक्षण पात्रता किती, आणि अर्ज कशा प्रकारे करावं लागेल. तर मित्रांनो याबद्दल आपण पूर्ण माहिती जाणून घेऊया.

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वयोमर्यदा: दवीधर उमेदवारांसाठी 28 वर्ष, पदव्युत्तर उमेदवारीसाठी 30 वर्ष, PHD उमेदवारांसाठी 35 वर्ष 
पदांचे नाव: रिसर्च एसोसिएट आणि इतर
शैक्षणिक पात्रता:  मान्यताप्राप्त विद्यापीठातून किंवा संस्थेतून कमीत कमी 60% टाक्यांसह Electronics / Communication / Telecom/ Information Technology / Computer / Electrical Engineering /Electronics पदवी
अर्ज करण्याची शेवटची तारीख : ऑनलाईन अर्ज करण्याची शेवटची तारीख 17 जून 2024 आहे.

 

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असे करा अर्ज:
दूरसंचार मंत्रालयात जे उमेदवार अर्ज करणार आहे किंवा करत आहे त्यांनी सगळ्यात अगोदर अर्ज डाउनलोड करवा त्याच्या नंतर लागणारे सगळे डॉक्युमेंट्सह ADET (AC & HQ ) कक्ष 301, राष्ट्रीय संचार सुरक्षा केंद्र, दुसरा फ्लोर. सिटी टेलिफोन एक्स्चेंज, संपांगिराम नगर, बंगलोर - 560027 या दिलेल्या पत्यावर तुम्हाला अर्ज पाठवा लागेल. 


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