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Rahul Bisen

July 15, 2024

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Madhya Pradesh: औरंगजेब ने जिस मंदिर को तोपों से उड़ाया था, वो बनेगा टूरिस्ट स्पॉट


Madhya Pradesh: यह भोपाल से 65 किमी दूर विदिशा का ऐतिहासिक विजय मंदिर है, जिसे औरंगजेब ने 1682 में तोपों से तुड़वा दिया था. अब मप्र सरकार यहां टूरिस्ट स्पॉट विकसित करेगी। सदियों से मलबे और मिट्टी में दबा मंदिर 1992 में आई बाढ़ में निकल कर सामने आया था.

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स्थानीय इतिहासकार कैलाश देवरिया बताते हैं- 10वीं सदी में चालुक्य राजवंश के महामंत्री वाचस्पति ने प्रतिहारों पर विजय के प्रतीक के रूप में इसे बनवाया था। यह चालुक्यों की कुलदेवी भिल्लस्वामिनी को समर्पित है. यहां कोणार्क की तर्ज पर सूर्य मंदिर भी था. अलबरूनी ने लिखा कि मंदिर 105 गज (315 फीट) ऊंचा था. देश की नई संसद भी इसके जैसी दिखती है.

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ASI के साथ मिलकर योजना बनाएंगे 

मध्य प्रदेश के संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह कहते हैं कि विजयपुर जैसे मंदिरों और प्रसिद्ध स्थलों का जीर्णोद्वार करने की तैयारी चल रही है. ASI के साथ मिलकर इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेंगे.

 


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Rahul Bisen

July 11, 2024

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Indian Get Residency In These Countries: इन भारतीयों को मिल रहा है दुनिया के इन देशों में रहने का मौका, जानिए कैसे मिलेगा परमिट और कितना होगा खर्च


Indian Get Residency In These Countries: दुनिया के ऐसे कई सारे खूबसूरत देश है जो विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए नई कोशिशें कर रहे हैं. अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई देशों ने रियल एस्टेट Real Estate नागरिकता की शुरुआत की है. ऐसे देशों में अमीर लोग संपत्तियां खरीदकर नागरिकता हासिल कर सकते हैं और रह हैं.

 

मैड्रिड: रियल एस्टेट रेजीडेंशी प्रोग्राम

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दुनिया के कई देशों ने रियल एस्टेट रेजीडेंशी की शुरुआत की है। इन प्रोग्रामों के तहत दूसरे देशों के लोग आसानी से घर ले सकते हैं. कई खूबसूरत देशों में इस कार्यक्रम के तहत अमीर लोग संपत्ति खरीद रहे हैं. भारतीयों के पास भी दुनिया के 10 खूबसूरत देशों में निवेश कार्यक्रमों के तहत अपना घर बनाने और रहने का मौका है. CNBC की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें स्पेन, पुर्तगाल, और ब्राजील का नाम शामिल है.

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  • ब्राजील: यहाँ आप 1.7 करोड़ भारतीय रुपए के न्यूनतम निवेश से स्थायी निवास प्राप्त कर सकते हैं. ब्राजील सरकार स्वच्छ रिकॉर्ड वाले आवेदकों के लिए उदार है.
  • ग्रीस: गोल्डन वीजा कार्यक्रम के तहत, निवेशकों को 500,000 ग्रीस यूरो (4.57 करोड़ रुपए) की संपत्ति खरीदने के बाद पाँच साल का निवास परमिट मिलता है, जिसे अनिश्चित काल के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है. इसके साथ ही शेंगेन देशों में प्रवेश की अनुमति मिल जाती है.
  • कंबोडिया: माई सेकंड होम कार्यक्रम के तहत सरकारी रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करने पर 10 साल का निवास परमिट मिलता है.

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Indian Get Residency In These Countries: अन्य देश

  • साइप्रस: यहाँ स्थायी निवास कार्यक्रम के माध्यम से 329,000 डॉलर (2.73 करोड़ रुपए) का निवेश करके स्थायी निवास प्राप्त किया जा सकता है.
  • एंगुइला: 750,000 डॉलर का रियल एस्टेट निवेश कर स्थायी निवास प्राप्त किया जा सकता है.
  • क्युरासाओ: 280,000 डॉलर के निवेश से तीन साल का निवास परमिट मिल सकता है.
  • माल्टा: स्थायी निवास कार्यक्रम के तहत 384,000 डॉलर का निवेश करके निवास प्राप्त किया जा सकता है.
  • केमैन आइलैंड्स: 1.2 मिलियन डॉलर का रियल एस्टेट निवेश कर स्थायी निवास प्राप्त किया जा सकता है.
  • पुर्तगाल: यहाँ गोल्डन वीजा कार्यक्रम के तहत 500,000 यूरो के रियल एस्टेट निवेश से स्थायी निवास प्राप्त किया जा सकता है.

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Rahul Bisen

July 4, 2024

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Swami Vivekanand Punyatith: स्वामी विवेकानंद द्वारा दी गई जिंदगी की महत्वपूर्ण सीख, पढ़ें अनमोल विचार


Swami Vivekanand Punyatith: दोस्तों आज हम स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके जीवन के बारे में बताने वाले है. हर साल 12 जनवरी को ब्रह्मोत्सव के रूप में मनाते हैं, जो स्वामी विवेकानंद की मृत्यु की याद दिलाता है.

उनके द्वारा दी गई शिक्षाएं हमें प्रेरित करती हैं. स्वामी विवेकानंद ने जीवन में अस्थायीता के खिलाफ सच्चाई की शिक्षा दी. उनका मानना था कि सभी मनुष्यों को समान दृष्टि से देखा जाना चाहिए। क्योंकि हर किसी में भगवान है. उन्होंने भारतीय संस्कृति और धर्म को दुनिया के साथ साझा किया. स्वाधीनता और मानवता के आदर्शों को जीने का संदेश दिया.

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हमारा लक्ष्य आपको स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचारों से जोड़ना है. उनके संदेशों से अपने जीवन को बेहतर बनाएं. आइए उनके शिक्षाप्रद संदेशों का समादान करें. जो हमारे जीवन को सच्ची प्रकाश में लाएं.

 

Swami Vivekanand Ka Jivan Parichay स्वामी विवेकानंद का जीवनी

इस अनुभाग में, हम स्वामी विवेकानंद की जीवनी के बारे में चर्चा करेंगे. हम उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं, संदेशों, और परिणामों को विस्तार से देखेंगे.

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Swami Vivekanand की जीवनी एक अद्वितीय कहानी है. उनका जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था. उन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए एक प्रेरणादायक जीवन जिया. उनकी जीवनी में संघर्ष और शक्ति की अद्वितीय व्याख्या है. वे भारतीय संस्कृति और दर्शन में रुचि रखते थे.

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद ने कहा, "नेतृत्व शांति से होना चाहिए, न शक्ति से. मनोहारी शिक्षाएं उनकी शिक्षाएं आध्यात्मिक आदर्शों पर आधारित हैं। उन्होंने आत्मसम्मान और स्वयंसेवा की शिक्षा दी. आज भी उनकी शिक्षाएं मानवियता और समाजसेवा के लिए महत्वपूर्ण हैं. उनकी सोच में समावेश और सहनशीलता का महत्व था.

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Swami Vivekanand ने सैकड़ों सुनहरे उद्धरण छोड़े हैं. उनकी विचारधारा लोगों को प्रभावित करती है. उनकी जीवनी मानवीयता और सेवा की महत्वपूर्णता को सिखाती है. उनके शब्दों से हम बदलने की प्रेरणा मिलती है.

 

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद का गुरु

इस अनुभाग में, हम स्वामी विवेकानंद के गुरु और उनके प्रभाव के बारे में चर्चा करेंगे। हम उनके गुरु की महत्वपूर्णता को समझेंगे और उनके विद्यार्थी-गुरु सम्बंध को जानेंगे.

 

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद का गुरु कौन था?

Swami Vivekanand का प्रथम गुरु था रामकृष्ण परमहंस। रामकृष्ण परमहंस ने स्वामी विवेकानंद को संतान बनाया और उन्हें उनके विचारों की मूलभूत शिक्षा प्रदान की. उनके प्रभाव से ही स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता की ओर ध्यान केंद्रित किया और उनके अध्यात्मिक दर्शनों की विस्तारपूर्वक व्याख्या की.

 

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद के गुरुओं का महत्व

स्वामी विवेकानंद के गुरुओं का महत्व उनके जीवन में अपार था। रामकृष्ण परमहंस के साथ ही स्वामी विवेकानंद ने सभी अध्यात्मिक ज्ञान को प्राप्त किया और उसे अपने जीवन के मूल्यों में समाहित किया. विवेकानंद के अलावा भी उनके और कई गुरु थे जो उन्हें अपने अध्यात्मिक सफर में मार्गदर्शन करते रहे। इन गुरुओं ने स्वामी विवेकानंद को ब्रह्मचर्य, ध्यान, स्वधर्म, और साधना की महत्वपूर्ण ज्ञान दिया, जो उन्हें आध्यात्मिक प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ने में सहायता करा.

 

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद के गुरु-शिष्य संबंध

स्वामी विवेकानंद के गुरु-शिष्य संबंध विद्यार्था की इच्छा, सम्पादन, और एक सम्पूर्ण जीवनशैली का संकेत देता है. उन्होंने अपने गुरुओं के प्रति पूर्ण समर्पण और आदर्श शिष्यता दिखायी. स्वामी विवेकानंद के गुरुओं द्वारा प्रदान की गई ब्रह्मचर्य, साधना, और समाधाना की शिक्षा ने उन्हें संतोष, आध्यात्मिक संपन्नता, और व्यापारिक सफलता में मदद की.

स्वामी विवेकानंद के धार्मिक सिद्धांतों का आधार है कि सभी धर्म एक ही सत्य की ओर ले जाते हैं. उन्होंने 1897 में कहा था कि "धर्म वही है जिसे मनुष्य अपने अन्तरात्मा के उदय से बोलता है.

 

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद के विचार

स्वामी विवेकानंद के अनुसार, सभी मनुष्य दिव्य हैं और आध्यात्मिकता से भरे हुए हैं। वे कहते हैं कि "मनुष्य देवताओं का संयोग है और देवताओं की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति ईश्वर कायोग है।" उनके अनुसार, धर्म मानवता के गहरे आधार पर होना चाहिए. वे कहते हैं कि "मानवता में सत्य की अभिव्यक्ति धर्म है.

 

Swami Vivekanand अद्भुत संदेश

स्वामी विवेकानंद की जीवनी उनके संदेशों से भरी है. उन्होंने ज्ञान और तत्वज्ञान की महत्व को बताया. उन्होंने सत्य, धर्म, और प्रेम के माध्यम से संदेश दिया.


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Rahul Bisen

June 30, 2024

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Moon Story In Hindi: पृथ्वी के पास एक ही चंद्रमा क्यों है ?, जुपिटर के पास 95 चंद्रमा शनि के पास 146 चांद


Moon Story In Hindi: हमारी पृथ्वी से रात रत के समय ऊपर देखने पर आप सैकड़ों हजारों मील दूर चमकते हुए चंद्रमा को देखते हैं. लेकिन अगर आप शुक्र ग्रह Planet Venus पर जाएं तो ऐसा नहीं होगा. इसका मतलब ये होता है कि पृथ्वी Earth, जो खुद एक ग्रह है, और दूसरों Planet से कई मायनों में अलग है. इसका मतलब ये भी है कि हर ग्रह के पास चंद्रमा नहीं होता लेकिन साथ ही एक सच और है कि हर ग्रह के पास एक ही चंद्रमा moon हो जरूरी नहीं. बृहस्पति Jupiter के 95 चंद्रमा हैं जबकि शनि Saturn के 146 चंद्रमा हैं.

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The Conversation में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर ग्रह के पास चंद्रमा नहीं होता है. अब सवाल है कि सिर्फ कुछ ग्रहों के पास बहुत सारे चाँद क्यों हैं जबकि कुछ के पास एक भी चंद्रमा क्यों नहीं है? सबसे पहले चाँद को प्राकृतिक Satellite कहा जाता है. खगोलशास्त्री उपग्रहों astronomy satellites को space में मौजूद ऐसी वस्तुओं के रूप में देखते हैं जो बड़े पिंडों की परिक्रमा करते हैं. चूंकि चाँद मानव निर्मित नहीं है, इसलिए ये एक प्राकृतिक उपग्रह है. दिलचस्प बात ये है कि कुछ ग्रहों के पास चंद्रमा होने के २ मुख्य कारण हैं. चंद्रमा अगर ग्रह के Hill sphere radius के अंदर होते हैं या सौर मंडल के साथ मिलकर बनते हैं तो गुरुत्वाकर्षण gravity से खींच लिए या पकड़ लिए जाते हैं.

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वस्तुएं आस-पास की दूसरे वस्तुओं पर gravitational force लगाती हैं. इससे वो  उन्हें एक-दूसरे की तरफ खींचती हैं. जो चींजे जितनी बड़ी होगी उसका आकर्षण बल उतना ही ज्यादा होगा. gravitational force ही ये कारण है जिसके चलते हम सभी पृथ्वी से दूर जाने के बजाय उससे जुड़े हैं, क्योंकि इसके कारण ही पृथ्वी हमें अपनी तरफ खींचती है. सौरमंडल पर सूर्य के विशाल gravitational force का प्रभुत्व है जो सभी ग्रहों को अपनी कक्षा में रखता है.

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पृथ्वी का चंद्रमा क्यों है खास ? Why is Earth's moon special

पृथ्वी का चंद्रमा इसलिए खास होता है क्योंकि इसका निर्माण अलग तरीके से हुआ है. Scientists का मानना है कि बहुत पहले मंगल Mars ग्रह के आकार की एक बड़ी चीज पृथ्वी से टकराई थी. उस टक्कर में एक बड़ा टुकड़ा पृथ्वी से टूटकर उसकी कक्षा में चला गया और चंद्रमा बन गया. चंद्रमा का basalt पृथ्वी के अंदर पाए जाने वाले basalt जैसा ही प्रतीत होता है. इस सावल पर अभी भी बहस होती है कि कुछ ग्रहों के पास चंद्रमा क्यों हैं. ग्रह का आकार, gravitational force, Hill sphere radius और उस ग्रह का सौरमंडल किस प्रकार बना, जैसे कारक इसमें भूमिका निभा सकते हैं.

 

मंगल के 2 चंद्रमा कहां से आए ?

कई साइंसटिस्ट अभी भी ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इन ग्रहों के पास अतीत में छोटे चंद्रमा रहे होंगे. Solar System के निर्माण के समय उनके पास ऐसे चंद्रमा हो सकते हैं जो दूसरे अंतरिक्ष space चींजो के साथ टकराव से नष्ट हो गए. मंगल Mars के 2 चंद्रमा हैं जिनका नाम Phobos and Deimos. है. उनके gravitational force चंद्रमा जैसे कई उपग्रहों को अपनी तरफ खींच सकते हैं और उन्हें कक्षा में रख सकते हैं.

 

ज्यादा गुरुत्वाकर्षण बल का है खेल !

पृथ्वी Earth की परिक्रमा करने वाला चंद्रमा moon इस बात का एक अच्छा उदाहरण है कि Hill sphere radius कैसे काम करती है. पृथ्वी सूर्य Earth Sun की परिक्रमा करती है, लेकिन चंद्रमा पृथ्वी के इतना करीब है कि पृथ्वी gravitational force उसे पकड़ लेती है. चंद्रमा सूर्य के बजाय पृथ्वी की परिक्रमा करता है, क्योंकि पृथ्वी के Hill sphere radius केअंदर है. बुध और शुक्र जैसे छोटे ग्रहों की Hill sphere radius बहुत छोटी होती है, क्योंकि वे बहुत अधिक gravitational force नहीं लगा सकते.

 


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Rahul Bisen

June 27, 2024

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Dolly Chai Wala: डॉली चाय वाले को मिला दादा साहेब फाल्के आइकन अवार्ड


Dolly Chai Wala: डॉली चाय वाला Dolly Chai Wala इस समय पूरी दुनिया में मशहूर हैं. वह शहर में चाय परोसने की स्टाइल के लिए फेमस हैं. जबसे दुनिया के सबसे बड़े अमीरों में शुमार बिल गेट्स Bill Gates ने डॉली चाय वाला Dolly Chai Wala की टपरी से चाय पी है, तबसे डॉली को पूरी दुनिया जानने लगी है. अब एक बार फिर से डॉली चर्चा में हैं. दरअसल डॉली को हिंदी सिनेमा के सर्वोच्च अवार्ड 'Dada Saheb Phalke Icon Award Film International 2024' से नवाजा गया है.

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उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी है. डॉली के इस पोस्ट में उनके हाथ में दादा साहेब फाल्के आइकन अवार्ड है। इस पोस्ट को शेयर कर डॉली चाय वाला Dolly Chai Wala ने कैप्शन में लिखा है, 'Dada Saheb Phalke Icon Award Film International 2024, मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि अवार्ड मुझे मिलेगा, मुझे आमंत्रित करने 'के लिए शुक्रिया.

 


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Rahul Bisen

June 23, 2024

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Success Story : 17 बार असफलता के बाद भी नहीं मानी हार, और बनाई 40,000 करोड़ की कंपनी


Success Story : IIT-कानपुर के छात्र रहने वाले अंकुश सचदेवा की कहानी लाखों-लाख युवाओं को  प्रेरित करती है। उन्‍होंने 17 बार स्टार्टअप शुरू करने की कोशिश की। लेकिन, हर बार असफल रहे। उन्होंने हार न मानते हुए 18वीं बार फिर से कोशिश की और शेयरचैट ShareChat नाम की कंपनी बनाई। येआज कई हजार करोड़ रुपये की कंपनी बन चुकी है। शेयरचैट ShareChat एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Social Media Platform है जो छोटे शहरों और कस्बों के लोगों को जोड़ने का काम करता है।

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Success Story : खुद का बिजनेस का था सपना

 IIT ग्रेजुएट्स अपनी दूरदृष्टि, कड़ी मेहनत और अलग सोच के लिए जाने जाते हैं। अक्सर उन्हें बड़ी कंपनियां ज्यादा वेतन पर नौकरी पर रखती हैं। आज दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों tech companies का नेतृत्व IIT graduates ही कर रहे हैं। हालांकि, ज्‍यादातर IIT छात्र अच्छी सैलरी वाली नौकरियां पसंद करते हैं। लेकिन, कुछ लोग होते है जो अपना खुद का बिजनेस शुरू करते हैं। ऐसे ही एक IIT graduate Ankush Sachdeva है। उनका सपना अपना था बिजनेस शुरू करने का.

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Success Story : 17 स्‍टार्टअप हुए फ्लॉप

अंकुश सचदेवा Ankush Sachdeva ने IIT कानपुर से Computer Science में B.Tech किया। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने अपनी पहली कंपनी शुरू की। लेकिन, असफल रहे। फिर उन्होंने हार न मानते हुए एक और कंपनी शुरू की। हालांकि, वो  भी फ्लॉप रही। इस तरह से उन्होंने कुल 17 स्टार्टअप शुरू किए लेकिन सभी के साथ नाकामी का सामना करना पड़ा।

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Success Story : 18वीं बार किस्‍मत चमकी

18वीं बार किस्मत ने अंकुश का साथ दिया। उन्होंने शेयरचैट ShareChat कंपनी की शुरुआत की। शेयरचैट ShareChat एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म social media platform है जो खासतौर पर भारतीय लोगों के लिए बनाया गया है। ये प्लेटफॉर्म 15 भाषाओं में उपलब्‍ध है। इनमें Hindi, Malayalam, Gujarati, Marathi, Punjabi, Telugu, Tamil, Bengali, Oriya, Kannada, Assamese, Haryanvi, Rajasthani, Bhojpuri and English शामिल हैं। अंकुश सचदेवा ने महसूस किया कि भारत के छोटे शहरों और कस्बों के लोगों को जोड़ने के लिए एक ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जरूरत है जो उनकी भाषा में हो। यही वजह है कि शेयरचैट ShareChat को इतनी ज्‍यादा सफलता मिली।


Success Story : दो दोस्‍तों का साथ आया काम

Ankush Sachdeva ने अपनी स्कूली शिक्षा सोमरविले स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में B.Tech किया। 2015 में ग्रेजुएशन करने से पहले उन्होंने मई से जुलाई 2014 तक Microsoft में इंटर्नशिप भी की। 17 बार स्टार्टअप शुरू करने में असफल होने के बाद अंकुश ने अपने दो IIT दोस्तों Farid Ahsan and Bhanu Singh के साथ मिलकर शेयरचैट ऐप ShareChat app लॉन्च किया। यह ऐप अक्टूबर 2015 में लॉन्च हुआ था। जून 2022 तक शेयरचैट ShareChat app की वैल्‍यू लगभग 5 अरब डॉलर यानी 40,000 करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा हो चुकी थी।

 


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Rahul Bisen

June 19, 2024

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Char Dham Yatra Places : भारत के 10 पवित्र शहर, अगर आपने नहीं घूमे है तो बिना देरी के आपको जाना चाहिए


Char Dham Yatra Places : भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक विविधता के लिए विश्वभर में जाना जाता है। यहाँ के पवित्र स्थल न केवल धार्मिक आस्था और श्रद्धा का स्थान हैं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये स्थल न केवल आध्यात्मिक शांति देते हैं, बल्कि हमारी प्राचीन परंपराओं, आस्थाओं और संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत करते हैं। आइए जानते हैं भारत के 10 प्रमुख पवित्र स्थलों के बारे में, जो देशभर के लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का स्थान हैं और एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं।

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1. पुरी,  Puri Jagannath Mandir ओडिशा

पुरी ओडिशा का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ भगवान जगन्नाथ का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। यह मंदिर चार धाम यात्रा में से एक है। यहाँ की रथ यात्रा विश्व प्रसिद्ध है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।

2. तिरुपति, Tirupati Balaji Mandir आंध्र प्रदेश

तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर हिंदू धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है और यहाँ हर साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

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3. उज्जैन, Ujjain Mahakaleshwar मध्य प्रदेश

उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के महाकाल मंदिर में भगवान शिव की पूजा होती है। उज्जैन कुंभ मेले के लिए भी जाना जाता है, जो हर 12 साल में यहाँ आयोजित होता है।

 

4. अयोध्या, Ram Mandir Ayodhya उत्तर प्रदेश

अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है और यह हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। यहाँ राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण हो रहा है, जो धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

5. मथुरा-वृंदावन, Mathura Vrindavan उत्तर प्रदेश

मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मभूमि है और वृंदावन उनके बाल्यकाल की लीलाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के मंदिर और घाट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

 

6. द्वारका, Dwarka Temple गुजरात

द्वारका भगवान कृष्ण की नगरी के रूप में जानी जाती है। यह चार धामों में से एक है और यहाँ का द्वारकाधीश मंदिर अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ की द्वारका समुद्र तट भी दर्शनीय है।

 

7. हरिद्वार, Haridwar उत्तराखंड

हरिद्वार गंगा नदी के तट पर स्थित है और यह हिन्दू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। यहाँ का हर की पौड़ी घाट सबसे प्रमुख स्थान है, जहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु स्नान करते हैं।

 

8. कांचीपुरम, Kanchipuram Temple तमिलनाडु

कांचीपुरम दक्षिण भारत का प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहाँ के कामाक्षी अम्मन मंदिर और एकाम्बरनाथर मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं। इसे "मंदिरों का शहर" भी कहा जाता है।

 

9. हम्पी, Hampi Temple कर्नाटक

हम्पी कर्नाटक का ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। यहाँ के विरुपाक्ष मंदिर और विजयनगर साम्राज्य के खंडहर विश्व धरोहर स्थल में शामिल हैं। यह स्थल हिन्दू वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

 

10. वाराणसी (काशी), Varanasi Kashi Vishwanath उत्तर प्रदेश

वाराणसी या काशी गंगा नदी के तट पर स्थित है और इसे विश्व का सबसे प्राचीन जीवित शहर माना जाता है। यहाँ का काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। गंगा आरती और घाटों की सुंदरता श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देती है।

 


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Rahul Bisen

June 15, 2024

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Love Marriage vs Arrange Marriage: पति-पत्नी में ज्यादा झगड़े कब होते है, लव मैरिज के बाद या अरेंज मैरिज के बाद?


Love Marriage vs Arrange Marriage: दोस्तों ऐसा कहां जाता है की, जब तक पति -पत्नी के बिच झगड़ा नहीं होता तब तक जिंदगी ठीक से नहीं चलती। लेकिन पति-पत्नी दोनों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की, लड़ाई किसी आपदा में न बदल जाए. और झगड़ा फसाद लव Love Marriage या अरेंज मैरिज Arrange Marriage पर नहीं तो, उनके मानसिकता पर निर्भर करता है.

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पहले ज्यादा तर अरेंज मैरिज Arrange Marriage होती थी. इसमें लड़की के पिता या अन्य रिश्तेदार दूल्हे की तलाश कर रहे थे. इसमे दोनों भी शादी के बाद एक साथ आते थे. इसलिए दोनों का स्वभाव परिचित रहता नहीं था. कभी कभी दोनों के स्वभाव में बहुत बड़ा अंतर रहने से झगड़ा होता था. लव मैरिज Love Marriage लड़का लड़की एक दूसरे को ढूंढते है. शादी से पहले एक दूसरे को जानते रहते है. इसलिए उनमे झगड़ा नहीं होता ऐसा कहते है. लेकिन उनमे भी झगड़ा होता है, ऐसा पुलिस का कहना है.

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Husband Wife दोनों के स्वभाव में फरक:

दोनों का भी स्वभाव आक्रमक हों से विवाहिक जीवन में ज्यादा झगड़े होते है. दोनों में से एक अगर शांत होगा तो, झगड़े का प्रमाण काम होता है.

 

लव मैरिज के बाद शिकायतें ज्यादा Love Marriage

लव मैरिज में लड़का-लड़की शादी से पहले एक दूसरे के स्वभाव परिचित होते है. लेकिन उनमे भी कुछ दिनों के बाद  झगड़े बढ़ जाते है. ऐसी शिकायते पुलिस तक जाती है.

 

Husband Wife पति-पत्नी के बीच विवाद के सबसे बड़े कारण

मोबाइल : मोबाइल पति-पत्नी के बीच झगड़े का सबसे बड़ा कारण बन गया है। मोबाइल फोन के कारण अविश्वास बढ़ने लगा है।

दोनों काम पर : अगर दोनों काम पर जाते हैं तो एक-दूसरे को समय नहीं दे पाते। ऐसे में एक दूसरे के बिच दूरियां पैदा होती है.

रिश्तेदारों का हस्तक्षेप : अगर दूसरे रिश्तेदार दोनों की जिंदगी में दखल दे रहे हैं तो पति-पत्नी के बीच झगड़े बढ़ जाएंगे।

 


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Rahul Bisen

June 12, 2024

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Well Health Tips in Hindi Wellhealth: रात को सोते समय तकिये के पास फोन रखना पड़ सकता है महंगा?


Well Health Tips in Hindi Wellhealth: दोस्तों रात को सोते वक्त बहुत सारे कोगों को अपने को तकिये के पास या तकिये के निचे रखने की आदत होती है. लेकिन ये आदत महंगी पड़ सकती है. तकिये के पास फ़ोन रखकर सोने से केलव मानसिक स्वास्थ पर नहीं तो, शारीरिक स्वास्थ पर भी दुष्परिणाम निर्माण होते है. अगर आप भी ऐसी गलती कर रहे है तो संभल जाए नहीं तो बहुत ज्यादा तकलीफ हो सकती है. फ़ोन तकिये के निचे रखकर सोने से क्या दुष्परिणाम होते है आइए जानते है.

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Well Health Tips in Hindi Wellhealth : सोते समय मोबाइल फ़ोन कितनी दूर रखना चाहिए?

आप जहां सो रहें हो वहां से दूर या दूसरी रुम में आपका फ़ोन रखें। आप एक और चीज कर सकते है, वो है आप जिस रुम में सो रहें है. उस रुम के दूसरे बाजु में आपका फ़ोन रखें। आप फोन टेबल पर भी रख सकते है. अगर आप आपके फोन को बेड पर रखकर सो रहें है तो उसका एरोप्लेन मोड ऑन रखे. इसे आपका ज्यादा नुकसान नहीं होगा।

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Well Health Tips in Hindi Wellhealth: तकिये के पास फोन रखकर सोने के ये 5 नुकसान 

1. स्ट्रेस: तकिये के पास फोन रखकर सोने से बहुत ज्यादा टेंशन आता है, स्ट्रेस निर्माण होता है. फोन से निकलने वाले रेडिएशन से ब्रेन मसल्स डैमेज होता है. 

2. एंग्जायटी : फोन से व्यक्ति स्ट्रेस और एंग्जायटी इसके साथी ही डिप्रेशन जैसे गंभीर रोगों का शिकार हो सकते है. इसलिए मानसिक स्वास्थ के अनेक समस्या निर्माण हो सकते है. इसलिए खुद को स्वस्थ रखने के लिए फ़ोन को दूर रखकर सोए. 

3. स्लिप क्वॉलिटी : आपका फोन एरोप्लेन मोड़ पर होने से, फ़ोन पर बार बार आनेवाले नोटिफिकेशन से आपके सोने की क्वॉलिटी मतलब स्लिप क्वॉलिटी ख़राब नहीं होगी। अच्छी नींद लेने के लिए फोन को तकिये पास न रखे.

4. सर्वाइकल : जब आप अपना फोन आपके तकिये पास रखकर सोते है, तब आपको सर्वाइकल कैंसर का खतरा होता है. 

5. मायग्रेन : फोन तकिये पास रखकर सोने से माइग्रेन की तकलीफ होती है. फोन का पुरे स्वास्थ दुष्परिणाम होता हैं. इसलिए अपने स्वास्थ का ठीक से ख्याल रखें। कुछ समस्या होने से डॉक्टर की राय जरूर ले.

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Rahul Bisen

June 9, 2024

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Modi Cabinet Ministers: मोदी 3.0 कैबिनेट में शामिल होंगे मध्य प्रदेश के ये सांसद, जानिए किसका लगा नंबर


Modi Cabinet Ministers: भाजपा ने मध्य प्रदेश के गुना से हाल ही में निर्वाचित सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से संपर्क किया है और सुझाव दिया है कि वे उन्हें एनडीए सरकार में मंत्री के रूप में शामिल करने की योजना बना रहे हैं।

2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद, नरेंद्र मोदी की नई सरकार आज यानी 9 जून को शाम 7:15 बजे शपथ लेगी। सूत्रों के मुताबिक, नरेंद्र मोदी के साथ 52 से 55 मंत्रियों के शपथ लेने की उम्मीद है। इस बीच, तीन अन्य नामों को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन मध्य प्रदेश के एक सांसद को कथित तौर पर फोन आया है।

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भाजपा ने जिन लोगों से संपर्क किया है, उनमें मध्य प्रदेश की गुना-शिवपुरी सीट से हाल ही में निर्वाचित सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हैं। गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट पर सिंधिया ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की थी। दिलचस्प बात यह है कि पिछली मोदी सरकार में मंत्री रहते हुए सिंधिया नागरिक उड्डयन मंत्रालय की देखरेख करते थे।

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शिवराज सिंह चौहान भी मोदी कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं

सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मोदी कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है या पार्टी के अंदर कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। चौहान ने विदिशा लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार को आठ लाख से ज्यादा वोटों से हराया था। कैबिनेट पद के लिए हिमाद्री सिंह, महेंद्र सिंह सोलंकी और वीडी शर्मा के अलावा फग्गन सिंह कुलस्ते और वीरेंद्र खटीक की पहचान अभी भी अज्ञात है।

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सिंधिया के अलावा, मध्य प्रदेश के किसी अन्य नेता को अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं मिली है कि उन्हें मोदी के मंत्रिमंडल में राज्य या मंत्री पद के लिए आवेदन करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। भाजपा केवल 250 सीटें ही जीत पाई, जो उसके 400 के ऊंचे लक्ष्य से कम है। लेकिन मध्य प्रदेश में, जहाँ भाजपा ने उल्लेखनीय रूप से अच्छा प्रदर्शन किया, उसने राज्य की आज़ादी के बाद पहली बार सभी सीटें जीतीं।

 


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Rahul Bisen

June 7, 2024

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Bado Badi Song Deleted : बादो बदी ये गाना यूट्यूब ने किया डिलीट, जानिए क्या है कारन


Bado Badi Song Deleted : पाकिस्तानी सिंगर चाहत फ़तेह अली खान Chahat Fateh Ali Khan के "बादो बदी" इस गाने ने सोशल मिडिया पर तहलका मचाया हुआ है. उसके म्यूसिक डिलीवरी को बहुत ट्रोल भी किया गया है. एक से एक मिम्स इस गाने पर बनाए गए. लेकिन अब इस गाने को YouTube से ही डिलीट किया गया है. कॉपीराइट कंटेंट copyright content के कारन इस गाने को YouTube से हटाया गया है.

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चाहत फ़तेह अली खान Chahat Fateh Ali Khan के "बादो बदी" इस गाने को बहुत ही निगेटिव पब्लिसिटी मिली थी. गाना वाइरल हुआ लेकिन सिर्फ नाम रखने के लिए. सोशल मिडिया पर गाना सिर्फ और सिर्फ मिम्स का विषय बना था. भारत और पाकिस्तान इन दोनों देशो में इस गाने का मजाक बनाया गया. लेकिन अब YouTube पर कॉपीराइट स्ट्राइक आने के कारन ये गाना हटा दिया गया है. इस गाने को एक महीने में ही YouTube पर 128 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज मिले। डेक्कन हेराल्ड इनके रिपोर्ट के अनुसार, गाने के बोल ये नूरजहां इनके 1973 में आए बनारसी ठग फिल्म के गाने से लिए गए थे.

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चाहत फ़तेह अली खान ये नाम लोकडाउन के प्रसिद्द हुआ. सोशल मीडया पर उनके गानो ने रेकॉर्ड बनाया। मिम्स की बारिश हुई. अब ये गाना डिलीट करने से लोग बहुत खुश हुए है. अच्छा हुआ परेशान हो हो गए थे. बादो बदी ने पागल बनाया था. बहुत अच्छा हुआ डिलीट किया तो. ऐसे कमेंट्स लोगों ने किए है.

 


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Rahul Bisen

June 5, 2024

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The Queen of Fruits : अगर आम फलों का राजा है, तो फलों की रानी कौन?


The Queen of Fruits : यह तो सभी जानते हैं कि आम फलों का राजा है। लेकिन क्या आप फलों की रानी को जानते हैं? शायद बहुत से लोगों को इसका जवाब नहीं पता होगा. दोस्तों गर्मी का मौसम आतेही हर कोई आम का इंतजार कर रहा होता है. इन दिनों में लोग आम का खूब आनंद लेते हैं. कभी इन्हें काटा जाता है तो कभी इनके रस बनाकर पिया  जाता है. जवान हो या बूढ़ा हर किसी को आम बहुत पसंद होता है। शायद ही कोई ऐसा हो जिसे आम पसंद न हो. इसीलिए आम को फलों का राजा कहा जाता है। mango king of fruits.

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यह तो सभी जानते हैं कि आम फलों का राजा है। लेकिन क्या आप फलों की रानी को जानते हैं? शायद बहुत से लोगों को इसका जवाब नहीं पता होगा. आज हम आपको यही बताने वाले हैं. आम हर किसी को पसंद होता है और आज से नहीं बल्कि बहुत पहले से ही आम को फलों का राजा कहा जाता है। आम का मीठा स्वाद और मनमोहक खुशबु हर किसी को पसंद आती है।

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तो दोस्तों यह तो सभी जानते हैं कि आम फलों का राजा है। लेकिन फलों की रानी कौन है इसके बारे में शायद ही कोई सोचता हो. लेकिन आज हम आपको फलों की रानी के बारे में बताने जा रहे हैं। तो दोस्तों मैंगोस्टीन फलों की रानी है। मैंगोस्टीन Mangosteen फल को फलों की रानी कहा जाता है। यह फल मुख्य रूप से थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर में पाया जाता है। यह यहां अधिक लोकप्रिय है. एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मैंगोस्टीन थाईलैंड का राष्ट्रीय फल है।

The Queen of Fruits  अगर आम फलों का राजा है, तो फलों की रानी कौन

इस फल का scientific नाम Garcinia mangostana है। ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया Queen Victoria को भी यह फल बहुत पसंद था। इस फल को अंग्रेजी में मैंगोस्टीन Mangston और हिंदी में मैंगस्टन Mangosteen कहा जाता है। Mangosteen anti-oxidants से भरपूर होता है और कैंसर और हृदय रोगों से बचाता है। कहा जाता है कि अगर आप सर्दी-खांसी होने पर इन फलों को खाते हैं तो आपको काफी फायदा मिलता है.

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Rahul Bisen

May 31, 2024

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Patna News: बिहार में लू से 24 घंटे में 62 लोगों की मौत


Patna News: बिहार में लू की बहुत ही तेज लहर चल रही है, राज्य के अनेक भागो में 2 से 3 दिनों में 70 लोगों की मौत हो चुकी है. इन में से 62 लोगों की मौत गए 24 घंटो में हुई है.

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लू के चलते अभी बहुत सारे लोग हस्पताल में भर्ती है. लू से 500 से अधिक लोग बेहोश होने की घटना से मुख्यमंत्री नितीशकुमार इन्होने राज्य के स्कुल बंद करने के आदेश दिए है. आनेवाले 24 घंटो में तापमान में ज्यादा कोई बदलाव नहीं होगा ऐसा हवामान विभाग बताया है.

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गए कुछ दिनों से बढ़ते तापमान के कारन लोग परेशान हुए है. कल औरंगाबाद  हॉस्पिटल में 13 लोगों की मौत हुई. उन्हें लू के कारन हॉस्पिटल में भर्ती किए थे लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हुई. 

इसके साथ ही कैमूर, गया, रोहतास यहाँ प्रति एक व्यक्ति की मौत हुई. बेगूसराय और बक्सर यहाँ प्रति दो दो लोग और बिहारशरीफ यहाँ एक की, मौत हुई.


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Rahul Bisen

May 30, 2024

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Neem Karoli Baba: एक ऐसा धाम जहां पर जाते ही तक़दीर बदल जाती है, जानिए कैंची धाम के बारे में 


Neem Karoli Baba:  दोस्तों इन दिनों उत्तर भारत में हर जगह बजरंगबली हनुमान जी की पूजा होती है. और लोग उन सभी जगह पर जाते है जहां बजरंगबली साक्षात् विराजते है. और लोगों को ऐसी ही श्रद्धा संत बाबा नीम करौली के प्रति है. लोग कैंची धाम बाबा के दर्शन करने जाते है. और बहुत सारी मन्नते मंगाते है. और इसके साथ ही ये जगह बहुत ही खूबसूरत है. और दोस्तों आप यहाँ जाकर आस पास के इलाके की खूबसूरती का मजा उठा सकते है. तो दोस्तों आइए जानते है कैंची धाम कहां है और दिल्ली से कैंची धाम कैसे जाए जानते है इसके बारे।

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नीम करौली बाबा कैंची धाम आश्रम कहां है Neem Karoli Baba Ashram Kainchi Dham

कैंची धाम नैनीताल से लगभग 17 किलोमीटर है. कैंची धाम ये नैनीताल जिले आता है. आपको कैंची धाम जाने के लिए वहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है. जहां से नीम करौली बाबा का आश्रम लगभग 38 कलोमीटर है.

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दिल्ली से कैंची धाम कैसे जाएं

दिल्ली से कैंची धाम जाने के लिए सबसे सस्ता उपाय है ट्रेन। दोस्तों आपको दिल्ली काठगोदाम जाने के लिए ट्रेन पकड़ना होगा। और वहां से टैक्सी या बस पकड़ के कैंची धाम पहुंच सकते है. आपको लगभग 6 से 8 घंटे लग सकते है. और बस से जाना चाहे तो दिल्ली से बस पकड़कर नैनीताल जाना होगा। और वहां से आप कैंची धाम जा सकते है.

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Neem Karoli Baba Ashram Kainchi Dham
 कितना खर्चा आएगा

दोस्तों आपको बस से नैनीताल जाने के लिए लगभग 400 से 800 रुपए लग सकते है. इसके बाद आपको नैनीताल से कैंची धाम आश्रम Neem Karoli Baba Ashram जाने के लिए बस से 100 रुपए और टैक्सी से 300 रुपए तक लग सकते है. इसके साथ ही आप अगर ट्रेन से भी जाते है तो ज्यादा से ज्यादा जाना, खाना, और रहना मिलाकर आपको 5000 रुपए तक का खर्चा आ सकता है.

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 Neem Karoli Baba Ashram Kainchi Dham
 कैंची धाम आश्रम के पास पर्यटन स्थल

कैंची धाम के पास बहुत सारे पर्यटन स्थल है. जैसे की नीम करौली बाबा कैंची धाम आश्रम, नैनीताल, भीमताल, रानीखेत, मुक्तेश्वर, कौसानी, बिनसर, तो दोस्तों अगर आप हनुमान जी के सच्चे भक्त है तो नीम करौली बाबा कैंची धाम आश्रम के दर्शन करने जरूर जाएं।


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Rahul Bisen

May 23, 2024

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IPL 2024 : मैक्सवेल ने डुबोई RCB की नाव


IPL 2024 : IPL 2024 का एलिमिनेटर मैच बुधवार को राजस्थान रॉयल और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर इनमे हुआ. इस मैच में राजस्थान ने RCB के 4 खिलाडियों से जित हासिल की है. इसके साथ ही RCB की IPL जर्नी ख़तम हुई और राजस्थान क्वालीफायर -2 में पहुंची है.

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इस दौरान, इस मैच में RCB को ग्लेन मैक्सवेल से एक बड़े पारी की अपेक्षा थी, लेकिन इस मैच में भी उसका बल्ला शांत था. ये IPL मौसम मैक्सवेल के लिए एक भयंकर सपने से कम नहीं। राजस्थान के विरुद्ध में एलिमिनेटर मैच में मैक्सवेल  गोल्डन शून्य पर आउट हुआ.

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ग्लेन मैक्सवेल इसे एक स्पोटक बल्लेबाज के रूप में जाना जाता है, लेकिन IPL 2024 में उसका बल्ला एकदम शांत था. इस मौसम में उसने 10 परियों में 43 गेंदों का सामना करके सिर्फ और सिर्फ 52 रन बनाए। इस मौसम में मैक्सवेल का स्ट्राइक रेट 120 है और लगभग 5.8 है. और इस मौसम में मैक्सवेल 4 बार बिना खाता खोले पावरप्ले में ही आउट हुआ. मैक्सवेल को RCB 11 करोड़ रुपयों में ख़रीद कर टीम का हिस्सा बनाया था. इस परिस्थिति में, इस मौसम में उसके एक रन की कीमत देखि जाए तो  वो लगभग 2,115,385 रुपए है.

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ग्लेन मैक्सवेल अब IPL के एक ही मौसम में सबसे ज्यादा शून्य पर आउट होने वाला संयुक्त दूसरा खलाड़ी  बन चूका है. इस मामलेमे जोस बटलर सबसे आगे है.


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Rahul Bisen

May 22, 2024

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Murder Case : अप्रैल में हुई शादी और मई में निकली अंतयात्रा, शादी के एक महीने में ही नई नवेली दुल्हन का खून


Murder Case : बिहार के नालंदा में बेन पोलीस स्टेशन के हद में आने वाले धरणी धाम गांव में मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. विवाहित के  शादी को आज एक महीना हुआ है और आज ही उसकी अंतयात्रा घर से निकली है. शादी के एक महीने में ही उसकी हत्या हुई. नई दुल्हन को मारने वाला उसका पति ही है. पत्नी का खून करके शव को पलंग पर रखकरक वो भाग गया. सुबह लड़की न उठाने से ये मामला  सामने आया.

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पड़ोस वालो ने विहित के मौत की खबर परिवार वालों को दी और उसके बाद परिवार वाले घटनास्थल पहुंचे और शव चुनचुन राम की 20 वर्षीय पत्नी काजल कुमारी का है ये पता चला. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्डम के लिए बिहार शरीफ हॉस्पिटल में भेजा। इस घटना से परिवार वालों को बड़ा झटका लगा है. घर में सिर्फ पति पत्नी रहते थे, ऐसा बताया जा रहा है. गए दो दिन से दोनों में वाद विवाद शुरू था.

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काजल कुमारी की रिश्तेदार रेणुका देवी ने बताया की, काजल ने रात 9 बजे फोन करके वो उसे जान से मारेगा ऐसा बताय था. दो दिन से झगड़ा शुरू था. काजल ने ऐसा भी बताया की, उसके पति का एक लड़की के साथ संबंध है और बार बार उसके साथ वीडियो कॉल पर बात करता है. उसे ये पता चलने के बाद उसको मारना पीटना शुरू किया। पति के नाजायद संबंधो का विरोध करने से काजल का खून किया गया.