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Ramdas Thuse

July 10, 2024   

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वैद्यकीय अधिकारी व कर्मचाऱ्यांची तात्काळ नेमणूक करा :- डॉ.सतिश वारजुकर


चिमूर:-

          जिल्ह्यामध्ये
प्रत्येक तालुक्यात ग्रामीण रुग्णालय, प्राथमिक आरोग्य केंद्र, प्राथमिक आरोग्य उपकेंद्र मोठ्या संख्येत आहेत. ग्रामीण भागात एका-एका प्राथमिक आरोग्य केंद्राला १५ ते २० गावे जोडलेली आहेत. परंतु, त्या प्रमाणात वैद्यकीय अधिकारी व कर्मचारी कमी पडत असल्यामुळे ग्रामीण भागातील रुग्णांची गैरसोय होत आहे. रुग्णांची गैरसोय लक्षात घेता रुग्णालयात रिक्त पदे तात्काळ भरण्याची मागणी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओबीसी महासंघ तथा समन्व्यक चिमूर विधानसभाक्षेत्राचे डॉ. सतीश वारजूकर यांनी केली आहे सध्या पावसाळ्याचे दिवस सुरू आहे. यादिवसात दूषित पाण्यामुळे तसेच डासांच्या प्रकोपामुळे हिवताप, मलेरिया, - डायरिया, चिकनं गुणिया या सारखे आजार उद्भवण्याची शक्यता असते. त्यामुळे आरोग्य केंद्रे स्वयंपूर्ण असणे आवश्यक असते.परंतु,अनेक रुग्णालयात रिक्तपदे असून,रुग्णांवर तात्काळ उपचार होत
नाही.त्यामुळे रुग्णांची होरपळ होते.अनेकदा उपचाराअभावी रुग्ण दगावण्याच्या घटना घडत असतात. शेतकरी किंवा मजूर शेतीमध्ये काम करत असताना त्यांना विचू, साप तर कधी कधी इंतर विषारी किळे यांच्या दंशाने विषबाधा होण्याची शक्यता असते.अशावेळी रुग्णांवर वेळीच उपचार होणे गरजेचे असते. सद्या स्थितीत पावसाळा सुरु झाला असून अनेक रुग्ण येत असतात परंतु वैधकीय अधिकारी व कर्मचारी अभावी त्यांना एक ते दोन तास वाट पाहावी लागते शेवटी रुग्ण हतबल होऊन प्राव्हेस्ट दवाखान्यात जातात परंतु पैशा अभावी तिथे पण उपचार करणे शक्य नाही,कधी वैद्यकीय अधिकारी उपस्थित राहत नाही. तर कुठे परिचारिका उपस्थित राहत नाही. परिणामी रुग्णांवर उपचार होत नाही. रुग्णांची गैरसोय लक्षात घेता चिमूर विधानसभा क्षेत्रातील तथा जिल्यातील प्राथमिक आरोय केंद्रातील रिक्त पदे त्वरित भरण्याची मागणी डॉ. सतिश वारजूकर यांनी केली
आहे.


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Rahul Bisen

July 4, 2024   

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Swami Vivekanand Punyatith: स्वामी विवेकानंद द्वारा दी गई जिंदगी की …


Swami Vivekanand Punyatith: दोस्तों आज हम स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके जीवन के बारे में बताने वाले है. हर साल 12 जनवरी को ब्रह्मोत्सव के रूप में मनाते हैं, जो स्वामी विवेकानंद की मृत्यु की याद दिलाता है.

उनके द्वारा दी गई शिक्षाएं हमें प्रेरित करती हैं. स्वामी विवेकानंद ने जीवन में अस्थायीता के खिलाफ सच्चाई की शिक्षा दी. उनका मानना था कि सभी मनुष्यों को समान दृष्टि से देखा जाना चाहिए। क्योंकि हर किसी में भगवान है. उन्होंने भारतीय संस्कृति और धर्म को दुनिया के साथ साझा किया. स्वाधीनता और मानवता के आदर्शों को जीने का संदेश दिया.

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हमारा लक्ष्य आपको स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचारों से जोड़ना है. उनके संदेशों से अपने जीवन को बेहतर बनाएं. आइए उनके शिक्षाप्रद संदेशों का समादान करें. जो हमारे जीवन को सच्ची प्रकाश में लाएं.

 

Swami Vivekanand Ka Jivan Parichay स्वामी विवेकानंद का जीवनी

इस अनुभाग में, हम स्वामी विवेकानंद की जीवनी के बारे में चर्चा करेंगे. हम उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं, संदेशों, और परिणामों को विस्तार से देखेंगे.

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Swami Vivekanand की जीवनी एक अद्वितीय कहानी है. उनका जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था. उन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए एक प्रेरणादायक जीवन जिया. उनकी जीवनी में संघर्ष और शक्ति की अद्वितीय व्याख्या है. वे भारतीय संस्कृति और दर्शन में रुचि रखते थे.

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद ने कहा, "नेतृत्व शांति से होना चाहिए, न शक्ति से. मनोहारी शिक्षाएं उनकी शिक्षाएं आध्यात्मिक आदर्शों पर आधारित हैं। उन्होंने आत्मसम्मान और स्वयंसेवा की शिक्षा दी. आज भी उनकी शिक्षाएं मानवियता और समाजसेवा के लिए महत्वपूर्ण हैं. उनकी सोच में समावेश और सहनशीलता का महत्व था.

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Swami Vivekanand ने सैकड़ों सुनहरे उद्धरण छोड़े हैं. उनकी विचारधारा लोगों को प्रभावित करती है. उनकी जीवनी मानवीयता और सेवा की महत्वपूर्णता को सिखाती है. उनके शब्दों से हम बदलने की प्रेरणा मिलती है.

 

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद का गुरु

इस अनुभाग में, हम स्वामी विवेकानंद के गुरु और उनके प्रभाव के बारे में चर्चा करेंगे। हम उनके गुरु की महत्वपूर्णता को समझेंगे और उनके विद्यार्थी-गुरु सम्बंध को जानेंगे.

 

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद का गुरु कौन था?

Swami Vivekanand का प्रथम गुरु था रामकृष्ण परमहंस। रामकृष्ण परमहंस ने स्वामी विवेकानंद को संतान बनाया और उन्हें उनके विचारों की मूलभूत शिक्षा प्रदान की. उनके प्रभाव से ही स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता की ओर ध्यान केंद्रित किया और उनके अध्यात्मिक दर्शनों की विस्तारपूर्वक व्याख्या की.

 

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद के गुरुओं का महत्व

स्वामी विवेकानंद के गुरुओं का महत्व उनके जीवन में अपार था। रामकृष्ण परमहंस के साथ ही स्वामी विवेकानंद ने सभी अध्यात्मिक ज्ञान को प्राप्त किया और उसे अपने जीवन के मूल्यों में समाहित किया. विवेकानंद के अलावा भी उनके और कई गुरु थे जो उन्हें अपने अध्यात्मिक सफर में मार्गदर्शन करते रहे। इन गुरुओं ने स्वामी विवेकानंद को ब्रह्मचर्य, ध्यान, स्वधर्म, और साधना की महत्वपूर्ण ज्ञान दिया, जो उन्हें आध्यात्मिक प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ने में सहायता करा.

 

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद के गुरु-शिष्य संबंध

स्वामी विवेकानंद के गुरु-शिष्य संबंध विद्यार्था की इच्छा, सम्पादन, और एक सम्पूर्ण जीवनशैली का संकेत देता है. उन्होंने अपने गुरुओं के प्रति पूर्ण समर्पण और आदर्श शिष्यता दिखायी. स्वामी विवेकानंद के गुरुओं द्वारा प्रदान की गई ब्रह्मचर्य, साधना, और समाधाना की शिक्षा ने उन्हें संतोष, आध्यात्मिक संपन्नता, और व्यापारिक सफलता में मदद की.

स्वामी विवेकानंद के धार्मिक सिद्धांतों का आधार है कि सभी धर्म एक ही सत्य की ओर ले जाते हैं. उन्होंने 1897 में कहा था कि "धर्म वही है जिसे मनुष्य अपने अन्तरात्मा के उदय से बोलता है.

 

Swami Vivekanand स्वामी विवेकानंद के विचार

स्वामी विवेकानंद के अनुसार, सभी मनुष्य दिव्य हैं और आध्यात्मिकता से भरे हुए हैं। वे कहते हैं कि "मनुष्य देवताओं का संयोग है और देवताओं की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति ईश्वर कायोग है।" उनके अनुसार, धर्म मानवता के गहरे आधार पर होना चाहिए. वे कहते हैं कि "मानवता में सत्य की अभिव्यक्ति धर्म है.

 

Swami Vivekanand अद्भुत संदेश

स्वामी विवेकानंद की जीवनी उनके संदेशों से भरी है. उन्होंने ज्ञान और तत्वज्ञान की महत्व को बताया. उन्होंने सत्य, धर्म, और प्रेम के माध्यम से संदेश दिया.


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Ganaboina Nagesh

June 25, 2024   

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Markanda Temple Gadchiroli : मार्कंडाच्या जीर्णोद्धारासाठी आला 1 कोटी रुपयांचा …


Markanda Temple Gadchiroli : विदर्भाची काशी म्हणून ख्याती असलेल्या चामोर्शी तालुक्यातील मार्कंडादेव येथील मार्कंडा देवस्थानच्या विकासासाठी राज्य शासनाकडून सुमारे एक कोटी रुपयांचा निधी प्राप्त झाला आहे. त्यामुळे जीर्णोद्धाराच्या कामाला गती येणार आहे.

मुख्य मंदिराच्या जीर्णोद्धार व संवर्धनाकरिता 20 कोटी 81 लाख रुपये, पुलाची निर्मिती करण्यासाठी 5 कोटी 50 लाख रुपये, धर्मशाळेची सुधारणा करण्यासाठी 1 कोटी रुपये, घाट व कपडे बदलण्याच्या जागेसह नदी परिसराचे सुशोभीकरण 15 कोटी 86 लाख रुपये, 5 मीटर रुंदीचा रस्ता बांधकामासाठी 17 कोटी 50 लाख रुपये,

घाट व कपडे बदलण्याच्या जागेसह नदी परिसराचे सुशोभीकरण 1 कोटी 83 लाख, माहिती केंद्र (800 चौरस मीटर) 6 कोटी 50 लाख रुपये अशा प्रकारे मार्कंडा देवस्थानाच्या विकासासाठी निधी उपलब्ध करून देण्यात आला आहे. दरम्यान, सार्वजनिक बांधकाम विभागाकडे हा निधी वर्ग झाला असून कामाला गती येणार आहे.

 

आमदार डॉ. देवराव होळी यांनी केली पाहणी

दरम्यान, 23 जून रोजी मार्कंडादेव येथील मंदिराच्या जीर्णोद्धार कामाची आमदार डॉ. देवराव होळी यांनी पाहणी केली. यावेळी उपसरपंच उमाकांत जुनघरे, गजानन भांडेकर, पुरातत्त्व विभागाच्या शिवाणी शर्मा, भाजप जिल्हा सचिव दिलीप चलाख, जयराम चलाख, भाऊजी दहेलकर, प्रतीक राठी, वसंत चौधरी, भोजराज भगत, विशेष दोषी, रामचंद्र वरवाडे, प्रिया म्हस्कोल्हे, सुषमा आत्राम व स्थानिक नागरिक उपस्थित होते.

 


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Jitesh Chouhan

June 23, 2024   

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Amarnath Yatra 2024 : जानिए इस दिन शुरू होने जा …


Amarnath Yatra 2024: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होने वाली अमरनाथ यात्रा की प्रथम पूजा को इस बार भी गुफा में आयोजित किया गया. वर्ष 2019 में इसे जम्मू में संपन्न किया गया था, जबकि वर्ष 2022 से इसे पवित्र गुफा में ही संपन्न किया जा रहा है.

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Amarnath Yatra 2024: श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक अमरनाथ गुफा Amarnath Gufa में शनिवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा हुई. साधु-संत व विद्वानों ने हवन और आरती कर पवित्र हिमलिंग की विधिवत पूजा-अर्चना की. उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रथम पूजा की.

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कोरोना से पहले पहली पूजा चंदनबाड़ी Chandanbari में की जाती थी, लेकिन कोरोना के कारण उपजे हालात में वर्ष 2019 में इसे जम्मू में संपन्न करवाया गया था तो वर्ष 2020 में यात्रा रद्द होने के बावजूद गुफा में पवित्र गुफा से सुबह व शाम को आरती का सीधा प्रसारण भी करवाने का फैसला किया गया है.

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इस अवसर पर उप राज्यपाल ने कहा कि दुनिया भर के लाखों भक्तों के लिए बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा की तीर्थ यात्रा जीवन भर का सपना होती है. 29 जून से शुरू होने वाली यात्रा के सफल संचालन के लिए स्थानीय निवासियों का अत्यधिक योगदान है इस बार अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरु हो कर 52 दिनों तक चलेगी.

 

Amarnath Yatra 2024: पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था

Amarnath Yatra 2024: एक हप्ते में शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा Amarnath Yatra 2024 को लेकर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा Governor Manoj Sinha ने शनिवार को कहा कि Amarnath Yatra 2024 तीर्थयात्रा को सफल बनाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ ही सुविधाओं में भी सुधार किया गया है. अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि जम्मू के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक Anand Jain ने Jammu-Srinagar National Highway की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की और Amarnath Yatra 2024 तीर्थयात्रा को बाधित करने के आतंकियों के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए उच्च स्तर की सतर्कता की जरूरत पर जोर दिया.

 


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pran

June 22, 2024   

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नैसर्गिक कारणांमुळे यावर्षी हज यात्रेदरम्यान 98 भारतीयांचा मृत्यू झाला: MEA


परराष्ट्र व्यवहार मंत्रालयाने सांगितले की मृत्यू नैसर्गिक कारणांमुळे, जुनाट आजार आणि वृद्धत्वामुळे झाले आहेत.

 

परराष्ट्र मंत्रालयाने शुक्रवारी सांगितले की, यावर्षी हज यात्रेदरम्यान 98 भारतीयांचा मृत्यू झाला आहे. “या वर्षी 175000 भारतीय यात्रेकरूंनी हजसाठी मक्केला भेट दिली. हज कालावधी 9 मे ते 22 जुलै पर्यंत आहे. यावर्षी, आत्तापर्यंत, 98 मृत्यूची नोंद झाली आहे," असे परराष्ट्र व्यवहार मंत्रालयाचे प्रवक्ते रणधीर जयस्वाल यांनी साप्ताहिक पत्रकार परिषदेत सांगितले.

 

“अराफातच्या दिवशी सहा लोक मरण पावले आणि 4 अपघाती मृत्यू. गेल्या वर्षी, संपूर्ण हज कालावधीत एकूण मृत्यू 187 होते. दरवर्षी मोठ्या संख्येने भारतातून यात्रेकरू हजला हजेरी लावतात आणि त्यापैकी काही दुर्दैवाने हजच्या कालावधीत मरण पावतात,” ते पुढे म्हणाले.

 

"मृत्यू नैसर्गिक कारणांमुळे, जुनाट आजार आणि वृद्धत्वामुळे झाले आहेत," जयस्वाल म्हणाले.

 

असोसिएटेड प्रेसने प्रवेश केलेल्या ऑनलाइन प्रसारित झालेल्या एका यादीत पाच दिवसांच्या हज दरम्यान किमान 550 लोक मरण पावले, असे सुचवले आहे, एका डॉक्टरचा हवाला देऊन, ज्याने पुढे जोडले की सूचीबद्ध नावे अस्सल दिसत आहेत.

 

त्या डॉक्टर आणि दुसऱ्या अधिकाऱ्याने वृत्तसंस्थेला सांगितले की त्यांचा विश्वास आहे की मक्कामधील अल-मुईसेम परिसरातील इमर्जन्सी कॉम्प्लेक्समध्ये किमान 600 मृतदेह आहेत.

 

असोसिएटेड प्रेसने म्हटल्याप्रमाणे, खालिद बशीर बजाझ या भारतीय यात्रेकरूने सांगितले की, “(मी) बरेच लोक बेशुद्ध अवस्थेत जमिनीवर कोसळलेले पाहिले.

 

हजमध्ये मृत्यू असामान्य नाहीत, ज्याने काही वेळा 2 दशलक्षाहून अधिक लोक सौदी अरेबियाला प्रवास करताना पाहिले आहेत. सौदी अरेबियाने यात्रेदरम्यान उष्णतेच्या दरम्यान मृतांच्या संख्येवर भाष्य केलेले नाही.

 

जॉर्डन आणि ट्युनिशियासह मक्का येथील पवित्र स्थळांवर उष्णतेमुळे त्यांच्या काही यात्रेकरूंचा मृत्यू झाल्याचे अनेक देशांनी म्हटले आहे.

सौदी नॅशनल सेंटर फॉर मेटिओरॉलॉजीच्या म्हणण्यानुसार, मक्का आणि शहरातील आणि आसपासच्या पवित्र स्थळांमध्ये मंगळवारी तापमान 47 डिग्री सेल्सियसवर पोहोचले. सैतानाला प्रतीकात्मक दगडमार करण्याचा प्रयत्न करताना काही लोक बेहोशही झाले.

मॅसॅच्युसेट्स इन्स्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजीच्या तज्ज्ञांनी केलेल्या 2019 च्या अभ्यासात असे दिसून आले आहे की जरी जग हवामान बदलाचे वाईट परिणाम कमी करण्यात यशस्वी झाले तरी 2047 ते 2052 पर्यंत आणि 2079 ते 2079 पर्यंत "अत्यंत धोक्याच्या उंबरठ्या" पेक्षा जास्त तापमानात हज आयोजित केला जाईल. 

 

इस्लाम चांद्र दिनदर्शिकेचे पालन करतो, म्हणून हज दरवर्षी सुमारे 11 दिवस आधी येतो. 2029 पर्यंत, हज एप्रिलमध्ये होईल आणि त्यानंतरच्या काही वर्षांमध्ये तो हिवाळ्यात पडेल, जेव्हा तापमान सौम्य असेल.

 

 


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Rahul Bisen

June 19, 2024   

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Char Dham Yatra Places : भारत के 10 पवित्र शहर, …


Char Dham Yatra Places : भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक विविधता के लिए विश्वभर में जाना जाता है। यहाँ के पवित्र स्थल न केवल धार्मिक आस्था और श्रद्धा का स्थान हैं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये स्थल न केवल आध्यात्मिक शांति देते हैं, बल्कि हमारी प्राचीन परंपराओं, आस्थाओं और संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत करते हैं। आइए जानते हैं भारत के 10 प्रमुख पवित्र स्थलों के बारे में, जो देशभर के लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का स्थान हैं और एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं।

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1. पुरी,  Puri Jagannath Mandir ओडिशा

पुरी ओडिशा का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ भगवान जगन्नाथ का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। यह मंदिर चार धाम यात्रा में से एक है। यहाँ की रथ यात्रा विश्व प्रसिद्ध है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।

2. तिरुपति, Tirupati Balaji Mandir आंध्र प्रदेश

तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर हिंदू धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है और यहाँ हर साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

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3. उज्जैन, Ujjain Mahakaleshwar मध्य प्रदेश

उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के महाकाल मंदिर में भगवान शिव की पूजा होती है। उज्जैन कुंभ मेले के लिए भी जाना जाता है, जो हर 12 साल में यहाँ आयोजित होता है।

 

4. अयोध्या, Ram Mandir Ayodhya उत्तर प्रदेश

अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है और यह हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। यहाँ राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण हो रहा है, जो धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

5. मथुरा-वृंदावन, Mathura Vrindavan उत्तर प्रदेश

मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मभूमि है और वृंदावन उनके बाल्यकाल की लीलाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के मंदिर और घाट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

 

6. द्वारका, Dwarka Temple गुजरात

द्वारका भगवान कृष्ण की नगरी के रूप में जानी जाती है। यह चार धामों में से एक है और यहाँ का द्वारकाधीश मंदिर अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ की द्वारका समुद्र तट भी दर्शनीय है।

 

7. हरिद्वार, Haridwar उत्तराखंड

हरिद्वार गंगा नदी के तट पर स्थित है और यह हिन्दू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। यहाँ का हर की पौड़ी घाट सबसे प्रमुख स्थान है, जहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु स्नान करते हैं।

 

8. कांचीपुरम, Kanchipuram Temple तमिलनाडु

कांचीपुरम दक्षिण भारत का प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहाँ के कामाक्षी अम्मन मंदिर और एकाम्बरनाथर मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं। इसे "मंदिरों का शहर" भी कहा जाता है।

 

9. हम्पी, Hampi Temple कर्नाटक

हम्पी कर्नाटक का ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। यहाँ के विरुपाक्ष मंदिर और विजयनगर साम्राज्य के खंडहर विश्व धरोहर स्थल में शामिल हैं। यह स्थल हिन्दू वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

 

10. वाराणसी (काशी), Varanasi Kashi Vishwanath उत्तर प्रदेश

वाराणसी या काशी गंगा नदी के तट पर स्थित है और इसे विश्व का सबसे प्राचीन जीवित शहर माना जाता है। यहाँ का काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। गंगा आरती और घाटों की सुंदरता श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देती है।

 


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Vaingangavarta19

June 19, 2024   

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विश्वरत्न, भारतीय राज्यघटना शिल्पकार डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या पदस्पर्शाने पावन झालेल्या …


विश्वरत्न, भारतीय राज्यघटना शिल्पकार डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या पदस्पर्शाने पावन झालेल्या वडसा दिक्षाभुमीला सौंदर्याने नटविनार : आ.कृष्णा गजभे 


गडचिरोली - :
विश्वरत्न, भारतीय राज्यघटना शिल्पकार डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या पदस्पर्शाने पावन पवित्र दिक्षाभुमीला सौंदर्याने नटविनार असे प्रतिपादन आ.कृष्णा गजभे यांनी केले आहे 

त्यांनी नुकताच (देसाईगंज) वडसा येथे दिक्षा भुमीच्या सौदर्यीकरण पायाभरणी कामाचे भूमिपूजन केले  आरमोरी विद्यानसभेचे आमदार कृष्णा गजभे यांनी सदर दिक्षाभुमी च्या कामांकरिता लाखोंचा निधी उपलब्ध करून दिला  देसाईगंज वडसा येथील दिक्षाभुमीचा विकास मोठ्या झपाटयाने झाला पाहीजे कारण की विश्वरत्न भारतीय राज्यघटना शिल्पकार डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांच्या पदस्पर्शाने ही भुमी पावण झालेली आहे  त्यामुळे या स्थळांना विशेष महत्व प्राप्त करून देण्याकरीता मी स्वतः विशेष लक्ष देणार आहे. असे आमदार कृष्णा गजभे यांनी सांगीतले. सौदर्गीकरणाच्या उदघाटनाप्रसंगी मंडळाच्या सचिव ममता जांभुळकर अध्यक्षा कविता मेश्राम सदस्य शामला राऊत, सरिता बारसागडे, मारोती जांभुळकर, प्रकाश बारसागडे ' संजय नंदेश्वर, पुरुषोत्तम बडोले आदि सहीत उपस्थित होते


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Jitesh Chouhan

June 1, 2024   

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Pandharpur: पंढरपुर के विट्ठल रुख्मिणी मंदिर के तहखाने में मिलीं …


Pandharpur: 31मई वारकरी संप्रदाय के लिए आज का दिन सोनिया दिवस के समान है।  क्योंकि पंढरपुर के विट्ठल मंदिर के तहखाने में कुछ मूर्तियाँ मिली हैं, जो महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्य की मूर्ति हैं और उनमें से एक चतुर्भुज विष्णु की तरह दिखती है और दूसरी भूदेवी की तरह दिखती है।  पंढरपुर - मंदिर के पुरातत्व विभाग द्वारा पिछले मार्च महीने से पंढरपुर में श्री विट्ठल रुख्मिणी मंदिर।

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Vithhal Mandir Latest News

पुनरुद्धार का कार्य चल रहा है।  यह काम चल ही रहा था कि कल रात करीब 2 बजे विट्ठल मंदिर के हनुमान द्वार के पास एक गुप्त कमरा मिला.  यह कमरा छह फीट गहरा और छह फीट चौड़ा है।  आज शाम पुरातत्व विभाग के तमाम अधिकारियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में खोजबीन का काम शुरू हो गया है.  इस तहखाने में मिली मूर्तियों से यह निष्कर्ष निकलता है कि विट्ठल मंदिर में इस मूर्ति का निर्माण 12वीं से 18वीं शताब्दी के बीच हुआ था...

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 जिस समय अफ़ज़ल खान ने महाराष्ट्र में आकर अनेक मंदिरों की मूर्तियाँ नष्ट कर दीं, क्या उस समय मिली मूर्ति की सुरक्षा के उद्देश्य से इस मूर्ति को इस गुप्त कक्ष में रखा जा सकता था? यह सवाल इस वक्त चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या इन मूर्तियों को कई मुगल अत्याचारों से बचाने के लिए इस गुप्त कमरे की योजना बनाई गई थी?  ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं.  ये मूर्तियां किस देवता की हैं?  वे इस बंद गुप्त कमरे से कहाँ से आये?  क्या वे पहले मंदिर में स्थापित थे?  ऐसे सवालों का सिलसिला है, अब देखना दिलचस्प होगा कि पुरातत्व वृत्तांत किस निष्कर्ष पर पहुंचता है।

 


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Ramdas Thuse

May 31, 2024   

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विशेष सहाय्य योजनेतील लाभार्थ्याचे बँक खाते, आधार लिंक करणे आवश्यक!


 

चिमूर:-
           
            विशेष सहाय्य योजने अंतर्गत राज्य शासन पुरस्कृत संजय गांधी निराधार अनुदान योजना व श्रावणबाळ सेवा राज्य निवृत्तीवेतन योजना या योजनेतील लाभार्थ्यांना अर्थसहाय्याचे वितरण डी.बी.टी. पोर्टलद्वारे करण्याचा निर्णय शासन स्तरावर घेण्यात आला असुन तसे निर्देश प्राप्त झाले आहेत. या योजनेत समाविष्ट सर्व लाभार्थ्यांचे बँक खाते आधार लिंक करणे आवश्यक झाले आहे. याकरीता लाभार्थ्यांनी आपले आधार कार्ड, बँक खाते, रेशन कार्ड व मोबाईल नंबर तहसिल कार्यालय, चिमूर येथील संजय गांधी योजना शाखेत जमा करावे. असे आवाहन तहसिल कार्यालयाद्वारे करण्यात आले होते.

ज्या लाभार्थ्यांनी अजूनपर्यंत आपले आधार कार्ड, बँक खाते, रेशन कार्ड व मोबाईल नंबर तहसिल कार्यालयाच्या संजय गांधी निराधार विभागात सादर केले नाही. त्यांनी तात्काळ वरील कागदपत्रे संजय गांधी योजना शाखेत तहसिल कार्यालय,चिमूर येथे सादर करावे.तसेच चिमूर तालुक्यातील सर्व निराधार योजनेतील लाभ घेणाऱ्या लाभार्थी यांना कळविण्यात येते की, सामाजिक न्याय विभागाचे शासन निर्णय दिनांक 20 ऑगस्ट, 2019 नुसार शासनाकडून देण्यात येत असलेल्या निराधार योजनेतील लाभ घेणाऱ्या सर्व लाभार्थ्यांकडून उत्पन्नाचा दाखला घेण्याबाबतचे निर्देश आहे.

त्या अनुषंगाने राज्य शासन पुरस्कृत विशेष सहाय्य योजनेतील सर्व लाभार्थी यांनी नोंद घेवून उपरोक्त प्रमाणे (मा. तहसिलदार यांचे डिजिटल स्वाक्षरीचे) ऑनलाईन उत्पन्नाचा दाखला माहे जुन, 2024 पर्यंत संजय गांधी योजना शाखेत तहसिल कार्यालय, चिमूर येथे सादर करावे असे पत्रकातून कळविण्यात आले आहे


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Rahul Bisen

May 30, 2024   

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Neem Karoli Baba: एक ऐसा धाम जहां पर जाते ही …


Neem Karoli Baba:  दोस्तों इन दिनों उत्तर भारत में हर जगह बजरंगबली हनुमान जी की पूजा होती है. और लोग उन सभी जगह पर जाते है जहां बजरंगबली साक्षात् विराजते है. और लोगों को ऐसी ही श्रद्धा संत बाबा नीम करौली के प्रति है. लोग कैंची धाम बाबा के दर्शन करने जाते है. और बहुत सारी मन्नते मंगाते है. और इसके साथ ही ये जगह बहुत ही खूबसूरत है. और दोस्तों आप यहाँ जाकर आस पास के इलाके की खूबसूरती का मजा उठा सकते है. तो दोस्तों आइए जानते है कैंची धाम कहां है और दिल्ली से कैंची धाम कैसे जाए जानते है इसके बारे।

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नीम करौली बाबा कैंची धाम आश्रम कहां है Neem Karoli Baba Ashram Kainchi Dham

कैंची धाम नैनीताल से लगभग 17 किलोमीटर है. कैंची धाम ये नैनीताल जिले आता है. आपको कैंची धाम जाने के लिए वहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है. जहां से नीम करौली बाबा का आश्रम लगभग 38 कलोमीटर है.

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दिल्ली से कैंची धाम कैसे जाएं

दिल्ली से कैंची धाम जाने के लिए सबसे सस्ता उपाय है ट्रेन। दोस्तों आपको दिल्ली काठगोदाम जाने के लिए ट्रेन पकड़ना होगा। और वहां से टैक्सी या बस पकड़ के कैंची धाम पहुंच सकते है. आपको लगभग 6 से 8 घंटे लग सकते है. और बस से जाना चाहे तो दिल्ली से बस पकड़कर नैनीताल जाना होगा। और वहां से आप कैंची धाम जा सकते है.

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Neem Karoli Baba Ashram Kainchi Dham
 कितना खर्चा आएगा

दोस्तों आपको बस से नैनीताल जाने के लिए लगभग 400 से 800 रुपए लग सकते है. इसके बाद आपको नैनीताल से कैंची धाम आश्रम Neem Karoli Baba Ashram जाने के लिए बस से 100 रुपए और टैक्सी से 300 रुपए तक लग सकते है. इसके साथ ही आप अगर ट्रेन से भी जाते है तो ज्यादा से ज्यादा जाना, खाना, और रहना मिलाकर आपको 5000 रुपए तक का खर्चा आ सकता है.

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 Neem Karoli Baba Ashram Kainchi Dham
 कैंची धाम आश्रम के पास पर्यटन स्थल

कैंची धाम के पास बहुत सारे पर्यटन स्थल है. जैसे की नीम करौली बाबा कैंची धाम आश्रम, नैनीताल, भीमताल, रानीखेत, मुक्तेश्वर, कौसानी, बिनसर, तो दोस्तों अगर आप हनुमान जी के सच्चे भक्त है तो नीम करौली बाबा कैंची धाम आश्रम के दर्शन करने जरूर जाएं।


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Ramdas Thuse

May 22, 2024   

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कमी गुण मिळाल्याने विद्यार्थ्याची आत्महत्या


चिमूर:-

काल बारावीच्या परीक्षेचा निकाल लागला.एका विद्यार्थ्याने कमी गुण मिळाल्याने नैराश्यात येऊन घरीच गळफास घेऊन आत्महत्या केली. आकाश पुरुषोत्तम वैरागडे असे मृत विद्यार्थ्यांची नावे आहे. ही घटना मंगळवारी दुपारच्या सुमारास नेरी येथे घडली.

चिमूर तालुक्यातील नेरी येथील आकाश पुरुषोत्तम वैरागडे हा चिमूर येथील नेहरू कनिष्ठ महाविद्यालयात शिक्षण घेत होता. फेब्रुवारी महिन्यात त्याने बारावीची परीक्षा दिली होती.

त्यांचे पेपरही चांगले गेले. त्यामुळे त्याला चांगल्या गुणांची अपेक्षा होती. काल दुपारी एक वाजता निकाल जाहीर झाला. नेटवरून निकाल बघून त्याला धक्काच बसला. अभ्यास आणि मेहनत करूनही कमी गुण मिळाल्याने तो नैराश्यात आला. त्याने जीवन संपविण्याचा निर्णय घेतला. घरी कुणीच नसल्याचे बघून त्याने गळफास घेऊन आपली जीवनयात्रा संपवली.

 ही घटना सायंकाळी उघडकीस आली. सायंकाळी त्याचा भाऊ घरी आला. तेव्हा घराचे दार बंद दिसले. त्याने आवाज दिला. मात्र आतून प्रतिसाद मिळाला नाही. त्यामुळे भावाने दरवाजा तोडला. तेव्हा आकाशने गळफास घेतल्याचे दिसून आले.

 


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Vaingangavarta19

May 19, 2024   

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जिल्हाधिकारी संजय दैने यांनी सपत्नीक प्रशांत घाम चपराळा येथे सदिच्छा …


जिल्हाधिकारी संजय दैने यांनी सपत्नीक प्रशांत घाम चपराळा येथे सदिच्छा भेट

हनुमान मंदिर देवस्थानचे अध्यक्ष संजय पंदिलवार यांनी मांडल्या अनेक समस्या 

आष्टी: -
येथून जवळच असलेल्या हनुमान मंदिर प्रशांत घाम चपराळा येथील मंदिराला जिल्हाधिकारी सैजय दैने यांनी सपत्नीक प्रशांत घाम चपराळा येथे सदिच्छा भेट आपल्या कुटुंबासह भेट देऊन दर्शन घेतले  व मंदिर परिसरात पाहणी केली यावेळी मंदिराचे अध्यक्ष संजय पंदिलवार यांनी जिल्हाधिकाऱ्यांचे पुष्पगुच्छ देऊन स्वागत केले 
जिल्हाधिकारी संजय दैने यांनी दिनांक १७ मे रोजी आपल्या कुटुंबासह भेट देऊन दर्शन घेतले आणि चौडमपल्ली, चपराळा मार्गावर असलेल्या जिर्ण झालेल्या पुलीयाची पाहणी केली
 कुनघाडा ते चपराळा रस्त्याचे डांबरीकरण करण्यात यावे, प्राणहिता, वैनगंगा, व वर्धा नदीच्या संगमावर भाविक भक्तांना नदीपात्रात उतरण्यासाठी पायऱ्यांच्या कामाची व मंदिरातील समस्या देवस्थानचे अध्यक्ष संजय पंदिलवार यांनी जिल्हाधिकाऱ्यांच्या लक्षात आणून दिल्या यावेळी चामोर्शी चे तहसीलदार गोन्नाडे, तलाठी महीन्द्रे,उपसरपंच कोकेरवार,, तमुस अध्यक्ष साईनाथ गुरनुले, वनपरिक्षेत्र अधिकारी वन्यजीव चौडमपल्ली, उपसरपंच रामचंद्र बामणकर  ईलूर,नायर,आदी मान्यवर यावेळी उपस्थित होते


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Worldwide News

May 3, 2024   

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Ayodhya Ram Mandir: आज पाकिस्तानी भी बोलेंगे "जय श्रीराम", पाकिस्तान …


Ayodhya Ram Mandir:  अयोध्या नगरी में जबसे से रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुयी  है तब से  राम मंदिर की लोकप्रियता पूरी  में बहोत तेजी से बढ़ रही है.  ऐसे में पडोसी देश पाकिस्तान में बसे हिन्दुओं को रामलला के दर्शन  करने की बड़ी उत्सुकता है. तो आज पाकितान से 200 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार सुबह राम मंदिर में पूजा करने के लिए शहर पहुँच  है.

 

इस यात्रा में उनके साथ भारत में सिंधी समुदाय के 150 सदस्य हैं, और वे एक साथ सड़क मार्ग से प्रयागराज से अयोध्या तक यात्रा करनेवाले है।

राम की पैड़ी पर श्री राम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे। पाकिस्तान से आए हमारे मेहमानों के स्वागत के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. राष्ट्रीय सिंधी विकास परिषद के सदस्य विश्व प्रकाश रूपन के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल के शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है, जो भरत कुंड और गुप्तार घाट के दौरे के साथ अपनी यात्रा शुरू करेंगे।

अयोध्या में, उनके आराम को सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें ऋषि आश्रम में रहना और शबरी रसोई में भोजन शामिल है। उन्हें शुक्रवार शाम को राम की पैड़ी पर मनमोहक सरयू आरती देखने का भी मौका मिलेगा, जहां राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य उनका स्वागत करेंगे।

अयोध्या में सिंधी धाम आश्रम में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का एक विशेष स्वागत किया जाएगा, जहां पूरे भारत से विभिन्न सिंधी संघ गर्मजोशी से स्वागत करेंगे। रायपुर में संत सदा राम दरबार के प्रमुख डॉ. युधिष्ठिर लाल भी प्रतिनिधिमंडल के साथ हैं, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

अयोध्या की अपनी यात्रा के बाद, प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार रात लखनऊ के लिए रवाना होगा, और रायपुर को अपने अगले गंतव्य के रूप में अपनी यात्रा जारी रखेगा। यह यात्रा न केवल राम मंदिर की सार्वभौमिक अपील को प्रदर्शित करती है बल्कि एकता और सद्भाव की भावना का भी जश्न मनाती है।


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Rahul Bisen

April 25, 2024   

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kedarnath yatra 2024 : केदारनाथ मंदिर के द्वार वैशाख महीने …


kedarnath yatra 2024 : दोस्तों शिवभक्तों के लिए हर साल सबसे मन पसंद होती है.केदारनाथ यात्रा kedarnath yatra इस वर्ष 10 मई से शुरू हो रही है. केदारनाथ यात्रा kedarnath yatra हर साल वैशाख महीने में ही शुरू होती है. केदारनाथ मंदिर के दरवाजे सिर्फ वैशाख में ही खुले होते है. लेकिन दूसरे कोई भी महीने में.वो क्यों खुले नहीं होते। इसके बारे में आपने कभी सोचा है.? अगर आपको भी इसके बारे कोई जानकारी नहीं है तो वैशाख महीने में केदारनाथ धाम kedarnath dham शुरू होने के महत्व क्या है. तो आइए दोस्तों इसके बारे में हम विस्तृत जानकारी जानते है.

 

kedarnath yatra 2024 : केदारनाथ धाम और वैशाख महीने के महत्त्व

kedarnath yatra 2024 : दोस्तों हिन्दू धर्मग्रन्थ के अनुसार वैशाख महीना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. वास्तविक, वैशाख महीना ये हिन्दू वर्ष का दूसरा महीना है. इस महीने में वैशाख स्नान ही अनन्यसाधारण महत्त्व होता है. ऐसा कहा जाता है की इस महीने में भगवान से अनेक देवी देवताओं ने अवतार लिया, इसलिए इस महीने का महत्व बहुत ज्यादा होता है. इस कारन से दान धर्मही इस दौरान ज्यादा किया जाता है. इस वैशाख महीने में उवा वैशाख जंगल की गर्मी से शरीर सूखने पर baba kedarnath बाबा केदारनाथ भक्तों के लिए अपने द्वार खोलते हैं और भक्तों को भौगोलिक वातावरण में दर्शन देते हैं.

kedarnath yatra 2024

ऐसा माना जाता है की, जब विश्वास की निर्मीती हुई नहीं थी तब सब देवी देवता वैकुंठ में और कैलासपर्वत पर जाके भगवान विष्णु और भगवान शंकर की देवी लक्ष्मी तथा माता पारवती के साथ पूजा करते थे. इसके बाद जब सृस्टि की निर्मिति हुई और मंदिर की निर्मिति हुई. तब भी स्वर्ग से सिर्फ देवी-देवता आते थे और मंदिर के दरवाजे खोल के पूजा करते थे.

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धर्मग्रंथ में ऐसा माना जाता है की जब मंदिर के दरवाजे खुले करते है तब सब दैवी शक्ति मंदिर में उपस्थित होती है। वैशाख महीना ये देवी  देवताओं के अवतार कार्य के लिए माना जाता है. इसलिए मंदिर के द्वार खुला करने से देवी देवता आशीर्वाद का वर्षाव करते है, ऐसी भक्तों की श्रद्धा है.

kedarnath yatra 2024

इसलिए वैशाख में केदारनाथ के द्वार खुले करना बहुत शुभ माना जाता है. क्योंकि एक तरफ इस महीने में केदारनाथ धाम kedarnath dham के दर्शन करके भगवन शंकरजी का आशीर्वाद मिलता है. तो उसी समय और देवी-देवताओं के आशीर्वाद भी मिलता है.

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तो इसलिए आप भी बाबा केदारनाथ baba kedarnath के दर्शन के लिए रहे है तो समय पर नियोजन करिये। और शिवशंकर के साथ ही और अन्य देवताओं के आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर खोइए मत. इस साल 10 मई से 3 नवंबर इस कालावधि में बाबा केदारनाथ baba kedarnath के दर्शन किया जा सकता है.

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Vaingangavarta19

April 23, 2024   

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नान्ही येथे आदिवासी कंवर समाजाचे २९ जोडपी सामुहिक विवाह सोहळ्यात …


नान्ही येथे आदिवासी कंवर समाजाचे २९ जोडपी सामुहिक विवाह सोहळ्यात विवाहबद्ध

 

मागील २५ वर्षापासून सुरु आहे सामुहिक विवाह सोहळा आयोजनाची परंपरा

कुरखेडा:-
 कुरखेडा तालूक्यातील नान्ही येथे आदिवासी कंवर समाज क्षेत्रीय समीती नान्ही यांच्या वतीने दि .२२ एप्रिल सोमवार रोजी आदिवासी कंवर समाज आदर्श विवाह सम्मेलनाचे आयोजन करण्यात आले होते. यावेळी कंवर समाजाचे महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ या दोन राज्यातील २९ वर-वधू जोडपी विवाहबद्ध झाली. खाजगी विवाह सोहळ्यात होणारा अनावश्यक खर्च टाळता यावा, समाज व वधु पक्ष कर्ज बाजारी होऊ नये याकरीता आदिवासी कंवर समाजाचा वतीने नान्ही येथे मागील सलग २५ वर्षापासून सामुहिक विवाह सोहळ्याचे आयोजन करण्यात येत आहे. आज आयोजित सामूहिक विवाह सोहळ्याचे उदघाटन स्थानिक  आमदार कृष्णा गजबे यांचा हस्ते करण्यात आले यावेळी अध्यक्षस्थानी आदिवासी कंवर समाज राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) चे अध्यक्ष बिंदुलाल फुलकूवंर होते तर प्रमुख अतिथी म्हणून आदिवासी विकास महामंडळाचे संचालक भरतभाऊ दूधनांग, कंवर समाज संघटनेचे मार्गदर्शक डॉ. प्रा. मेघराज कपूर, माजी प. स. सभापती परसराम टिकले, भाजपा तालुका अध्यक्ष चांगदेव फाये, कांग्रेस तालुका अध्यक्ष जिवन नाट, गोंदिया जि. प. सदस्य श्रीकांत घाटबांधे, आदिवासी समाज कार्यकर्ते रामदास मसराम,सूनेर सोनटापर, ब्रिजलाल बागडेरीया,चंन्द्रभान हूंडरा,देवरी पंचायत समिति सभापती अंबिका बंजार,माजी नगराध्यक्ष रविन्द्र गोटेफोडे, माजी प.स .सभापती गिरीधर तितराम,गणपत सोनकूसरे,पत्रकार  सिराज पठान, चंपाबाई सोनकूकरा आदि मान्यवर उपस्थित होते.  यावेळी प्रास्ताविकातून डॉ.मेघराज कपूर यानी समाजाला भेडसावणाऱ्या समस्यांचा उहापोह करीत शासकीय स्तरावरून आदिवासी कंवर समाजाचा समस्या मार्गी लावण्याची अपेक्षा व्यक्त केली तर आमदार कृष्णा गजबे यानी समाजाला भेडसावणाऱ्या समस्यां जाणून घेण्याकरीता समाजाची बैठक  आयोजन करीत त्या मार्गी लावण्याकरीता शासन स्तरावर पाठपूरावा करण्याचे आश्वासन दिले.  कार्यक्रमाचे संचालन सोनू कपूर व गणेश सोनकलंगी यांनी तर आभार प्रदर्शन शिक्षक कृष्ण चन्द्रमा यानी केले कार्यक्रमात महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ राज्यातील कंवर समाज बांधव मोठ्या संख्येत उपस्थिती होते


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Vaingangavarta19

April 18, 2024   

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आलापल्ली येथील भव्य श्रीरामनवमी शोभायात्रेत राजे अम्ब्रिशराव आत्राम यांच्या उपस्थितीत …


आलापल्ली येथील भव्य श्रीरामनवमी शोभायात्रेत राजे अम्ब्रिशराव आत्राम यांच्या उपस्थितीत सम्पन्न 

 

आलापल्ली:-
श्रीरामनवमी निमित्ताने दि  १७ ला संध्याकाळी आलापल्ली शहरात श्रीराम जन्मोत्सव समिती तर्फे भव्य शोभायात्रा काढण्यात आली, माजी पालकमंत्री मा. राजे अम्ब्रिशराव आत्राम ह्यांची ह्या शोभायात्रेत विशेष उपस्थिती होती, ह्यावेळी राजेंनी श्रीरामाचे विधिवत पूजन व आरती करीत दर्शन घेतले तसेच ह्या भव्य शोभायात्रेत सामील झाले.

अहेरी विधानसभा क्षेत्रात आलापल्ली हे शहर मध्यवर्ती ठिकाण म्हणून ओळखले जाते. याठिकाणी विविध सण मोठ्या उत्साहात व जल्लोषात साजरे केले जातात. रामनवमी निमित्त रामभक्तांनी कालपासूनच शहरात भव्य तयारी केली होती.सकाळपासून विविध कार्यक्रम घेत सायंकाळच्या सुमारास भव्य शोभायात्रा काढली. हाती भगवे ध्वज, भगवे फेटे परिधान केलेले शेकडो युवक, युवती तसेच परिसरातील नागरिक या शोभायात्रेत मोठ्या संख्येने सहभागी झाले होते.कार्यकर्त्याच्या विशेष आग्रहाने राजेंनी बेंजोच्या तालावर ठेका सुद्धा धरला तसेच यावेळी रामक्तांनी राजेंना खांद्यांवर घेऊन डान्स केला.
  

ठिकठिकाणी आलापल्लीकरांनी या भव्य रॅली व शोभायात्रेचे स्वागत केले. श्रीराम मंदिरातून निघालेली शोभायात्रा विर बाबूराव चौक, बस स्टँड चौक, श्रीराम चौक आणि वि.दा. सावरकर चौक परत तिथेच समापन झाले. यावेळी डिजे व बेंजोच्या तालावर महिला, पुरुष, युवक, युवती एकच जल्लोष केले तर चिमुकल्यांनी सुद्धा लेझिम डान्सद्वारे सर्वांना मंत्रमुग्ध केले. विशेष म्हणजे आलापल्ली शहरात हजारो रामभक्तांच्या उपस्थितीत ही शोभायात्रा पार पडली. यावेळी संपूर्ण शहर राममय तथा भक्तिमय वातावरण निर्माण झाले होते